प्रखर सिंघवी ने रचा इतिहास, कोपरनिकस ओलंपियाड में भारत को दिलाया प्रथम स्थान
उदयपुर के प्रखर ने अमेरिका में लहराया परचम. कोपरनिकस ओलंपियाड 2025 में भारत को दिलाया प्रथम स्थान. बोले- मेरे लिए सपना सच होने जैसा है.

Published : August 4, 2025 at 5:38 PM IST
उदयपुर: झीलों की नगरी उदयपुर के रहने वाले एक बेटे ने भारत का नाम विश्व पटल पर गौरवान्वित किया है. हम बात कर रहे हैं प्रखर सिंघवी की, जिसने अमेरिका में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कोपरनिकस ओलंपियाड में पहला स्थान प्राप्त किया है.
प्रतियोगिता में मिला पहला अवार्ड : शहर के बेदला निवासी प्रतिभावान छात्र प्रखर सिंघवी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हुए कोपरनिकस ओलंपियाड 2025 में प्रथम स्थान प्राप्त कर भारत का मान बढ़ाया. यह प्रतिष्ठित प्रतियोगिता अमेरिका के न्यूयॉर्क स्थित कोलंबिया विश्वविद्यालय में आयोजित हुई थी. जिसमें विश्वभर के मेधावी विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया.
इस प्रतियोगिता में 25 देश के प्रतिभागियों ने भाग लिया था. यह प्रतियोगिता 20 जुलाई से लेकर 31 जुलाई तक चली, जिसमें प्रथम स्थान आने के बाद 2 जुलाई को प्रखर सिंघवी परिवार के साथ भारत वापस आए. सोमवार को मीडिया से बातचीत करते हुए उनके परिवार के लोगों ने यह जानकारी साझा की है.
प्रखर सिंघवी ने न केवल भारत का प्रतिनिधित्व किया, बल्कि अपनी विलक्षण प्रतिभा और कठिन परिश्रम के बल पर दुनिया के शीर्ष प्रतिभागियों को पछाड़ते हुए यह उपलब्धि हासिल की है. प्रतियोगिता में विज्ञान, गणित, तर्कशक्ति और नवाचार से जुड़े जटिल प्रश्नों के माध्यम से विद्यार्थियों की सोचने-समझने की क्षमता, विश्लेषण शक्ति और समाधान प्रस्तुत करने के कौशल का मूल्यांकन किया गया.
प्रखर की इस सफलता के पीछे उनकी वर्षों की कड़ी मेहनत, गहन अध्ययन और मार्गदर्शन का महत्वपूर्ण योगदान रहा है. प्रखर विज्ञान व गणित विषयों में विशेष रूचि रखते हैं. उन्होंने ओलंपियाड की तैयारी ऑनलाइन संसाधनों, मेंटर्स व इंटरनेशनल टेस्ट सीरीज के माध्यम से की है.
पिता अधिवक्ता, बेटे ने रचा इतिहास : उदयपुर में सोमवार को मीडिया से बातचीत में प्रखर ने बताया कि उनके पिता भरत सिंघवी एक वरिष्ठ अधिवक्ता हैं, जबकि माता प्रतिभा सिंघवी गृहणी हैं. परिवार ने सदैव प्रखर को अनुसंधान और ज्ञान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया. प्रखर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और गुरुजनों को देते हुए कहा मेरे लिए सपना सच होने जैसा है. मैंने कभी सोचा नहीं था कि मैं कोलंबिया यूनिवर्सिटी जैसे मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करूंगा. यह उपलब्धि मेरे देश और मेरे शहर उदयपुर को समर्पित है.
प्रखर की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर शहरभर में खुशी की लहर है. उनके विद्यालय, शिक्षकों, सहपाठियों और परिजनों ने मिठाइयां बांटकर इस गौरवपूर्ण क्षण का जश्न मनाया. विद्यालय प्रबंधन ने उन्हें विशेष सम्मान समारोह में सम्मानित करने की घोषणा की है. प्रतियोगिता पिछले दिनों अमेरिका में आयोजित की गई थी.

