आईजी अभियान ने की पीएसयू कांडों की समीक्षा, जॉइंट टास्क फोर्स के जरिए कार्रवाई के दिए निर्देश
बुधवार को आईजी अभियान अमोल वी होमकर ने पीएसयू कांडों को लेकर समीक्षा बैठक की. कार्रवाई को लेकर उन्होंने कई निर्देश दिए.


Published : May 14, 2025 at 7:27 PM IST
रांचीः डीजीपी झारखंड अनुराग गुप्ता की अध्यक्षता में पूर्व में आयोजित की गई 23वीं ओसीसी (Onshore Security Coordination Committee) की समीक्षा बैठक के दौरान दिये गये निर्देशों को लेकर बुधवार को आईजी अभियान अमोल वी होमकर ने राज्य के दो जिलों में दर्ज पीएसयू कांडों की समीक्षा की. उन्होंने सार्वजनिक उपक्रमों की सुरक्षा को लेकर कई दिशा निर्देश जारी किए हैं.
कई निर्देश जारी
आईजी अभियान अमोल वी होमकर ने बुधवार को सार्वजनिक उपक्रमों से संबंधित दर्ज कांडों की समीक्षा की. बैठक में झारखंड के देवघर और जामताड़ा जिला में पीएसयू से संबंधित दर्ज कांड और लातेहार जिला में हाल के दिनों में हुई आगजनी से संबंधित कांडों का विस्तृत रूप से समीक्षा की गई.
समीक्षा के दौरान आईजी अभियान ने देवघर, लातेहार और जामताड़ा जिलों में पीएसयू से संबंधित दर्ज कांडों के वर्तमान स्थिति के संबंध में व्यापक रूप से समीक्षा करते हुए संबंधित पुलिस अधीक्षकों को पीएसयू से संबंधित लंबित कांडों का त्वरित गति से निष्पादन करने, पीएसयू में घटना कारित करने से संबंधित आपराधिक गिरोह / नक्सली के विरूद्ध उचित धारा में कांड दर्ज कर कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है.
सुरक्षा घेरा बढ़ाने का निर्देश
आईजी अभियान ने यह निर्देश दिया है कि कांडों के अनुसंधान में आधुनिक तकनीक, डेटा विश्लेषण के साथ-साथ जमीनी स्तर पर आसूचना तंत्र का इस्तेमाल करते हुए अनुसंधान किया जाय. इसके साथ-साथ सीमावर्ती राज्यों के साथ आपसी समन्वय स्थापित कर अंतर्राज्यीय गिरोह के अपराधियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने, सभी सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम वाली जगहों को चिन्हित कर साथ पीएसयू के डिपो/टर्मिनल के आस पास स्थित ढाबा, दुकानों पर विशेष निगरानी रखने हेतु सीसीटीवी कैमरा लगवाने का निर्देश दिया गया.
जॉइंट टास्क फोर्स का गठन कर करें कार्रवाई
समीक्षा बैठक के दौरान आईजी अभियान ने संबंधित प्रक्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक को पीएसयू से संबंधित दर्ज कांडों में तेज और सकारात्मक अनुसंधान के लिए जिला स्तर पर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में जॉइंट टास्क फोर्स का गठन कर दोषियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
इसके साथ यह भी निर्देश दिया गया कि संबंधित पुलिस महानिरीक्षक / पुलिस उप-महानिरीक्षक अपने क्षेत्राधिकार में जाकर नियमित रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के कर्मियों के साथ संपर्क स्थापित करेंगे और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से संबंधित कांडों का पर्यवेक्षण करते हुए वांछित दिशा-निर्देश देना सुनिश्चित करेंगे.
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