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हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाला, IAS अफसर रणवीर सिंह ने अधिकारियों से की पूछताछ, जानिए पूरा मामला

हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाले का सच जल्द ही बाहर आने वाला है. आईएएस अफसर रणवीर सिंह ने अपनी जांच शुरू कर दी है.

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हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 6, 2025 at 1:52 PM IST

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Updated : May 6, 2025 at 3:36 PM IST

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हरिद्वार: नगर निगम हरिद्वार में भूमि खरीद घोटाले की जांच करने आज मंगलवार 6 मई को आईएएस अफसर रणवीर सिंह चौहान हरिद्वार पहुंचे. आईएएस अफसर रणवीर सिंह ने सबसे पहले भूमि का निरीक्षण किया और उसके बाद हरिद्वार की डाम कोठी पर नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ करते हुए बयान दर्ज किए. साथ ही उन्होंने भूमि घोटाले से जुड़े संबंधित दस्तावेजों को भी देखा.

जानकारी देते हुए रणवीर सिंह चौहान ने कहा कि फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी. अभी जांच प्रारंभिक स्टेज पर है. सभी से पूछताछ की जा रही है और दस्तावेजों को देखा जा रहा है. आज मौके पर जाकर जमीन का मौका मुआयना किया गया है. फिलहाल पूछताछ जारी है, जो भी पूछताछ में सामने आएगा उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद घोटाले की जांच शुरू. (ETV Bharat)

आईएएस अफसर रणवीर सिंह ने कहा कि तय समय पर इस जांच को पूरा कर लिया जाएगा. क्योंकि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साफ-साफ दिशा-निर्देश हैं कि जो भी सच है, वह सामने आए और जल्द से जल्द यह जांच पूरी हो. बता दें हरिद्वार नगर निगम ने नवंबर 2024 में सराय गांव में स्थित लगभग 33 बीघा भूमि को ₹58 करोड़ में खरीदा. यह भूमि नगर निगम के कूड़ा निस्तारण केंद्र के पास स्थित थी.

आरोप है कि इस भूमि का वास्तविक मूल्य ₹10-15 करोड़ था, लेकिन लैंड यूज बदलकर और सर्किल रेट का लाभ उठाकर इसे अधिक कीमत पर खरीदा गया, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ. इसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर इस मामले की जांच गन्ना और चीनी विभाग के सचिव रणवीर सिंह चौहान को सौंपी गई.

आज पीसीएस अधिकारी मनीष सिंह को भी सहायक जांच अधिकारी बनाया गया है. इससे पहले राज्य सरकार ने इस मामले में हरिद्वार नगर निगम आयुक्त की आख्या में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता मिलने के बाद कुछ अधिकारियों को सस्पेंड भी किया था. जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया था, उनमें अवर अभियंता दिनेश चंद्र कांडपाल, कर एवं राजस्व अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट, सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवान और अधिशासी अधिकारी रविंद्र कुमार दयाल का नाम शामिल है.

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Last Updated : May 6, 2025 at 3:36 PM IST