बिहार में पितृपक्ष मेले की हाईटेक होगी व्यवस्था, काउंटिंग मशीनों से श्रद्धालुओं की होगी गिनती
गयाजी में पितृपक्ष मेला हाईटेक सुविधाओं के साथ संपन्न होगा. CM नीतीश कुमार कल मेले की तैयारियों की समीक्षा करेंगे.

Published : September 2, 2025 at 7:51 AM IST
गया: मोक्ष की नगरी गयाजी में 6 सितंबर से 21 सितंबर तक आयोजित होने वाले पितृपक्ष मेले के आयोजन को लेकर शाही अंदाज में तैयारियां की जा रही हैं. 3 सितंबर को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गयाजी आएंगे और अधिकारियों के साथ पितृपक्ष मेले की तैयारियों की समीक्षा करेंगे. इस बार व्यापक और हाईटेक व्यवस्था की प्रशासन की गारंटी है.
लेजर लाइट के जरिए होगा शो: पिछले कुछ सालों में पितृपक्ष मेले की लोकप्रियता विश्वभर में फैली है. यही कारण है कि इस बार जिला प्रशासन व्यवस्था में मेले की लोकप्रियता का पूरा ख्याल रख रहा है. पहली बार सीता पथ पर लेजर लाइट के माध्यम से प्रतिदिन शो होगा. जिसमें कई शो के माध्यम से गयाजी के इतिहास और उसकी महत्ता को लेजर लाइट और साउंड के जरिए दिखाया और सुनाया जाएगा.
मशीनों से श्रद्धालुओं की होगी गिनती: पितृपक्ष मेले में मंदिर के साथ-साथ कई स्थानों पर सुरक्षा दृष्टिकोण से जांच मशीन मेटल डिटेक्टर लगाए जाएंगे. इसमें सामान की चेकिंग करने वाली भी मशीन होगी, लेकिन पहली बार जिला पदाधिकारी की पहल पर श्रद्धालुओं की गिनती के लिए मशीन लगाई जाएगी, ताकि मेले में आने वाले श्रद्धालुओं की सही संख्या का आंकड़ा एकत्रित किया जा सके. हालांकि पिछली बार जिला प्रशासन द्वारा दावा किया गया था कि पितृपक्ष मिला 2024 में लगभग 22 लाख लोग गयाजी पहुंचे थे.
55 जोन में बांटा गया है मेला: जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि मेला क्षेत्र को 55 जोन में बांटा गया है. हर जोन में अधिकारियों को तैनात किया गया है. जिला प्रशासन की ओर से अवसान व्यवस्था के रूप में 64 स्थान पर रहने की व्यवस्था की गई है. जिसमें 18000 आवासन क्षमता चिन्हित की गई है, जबकि जिला प्रशासन द्वारा पर्यटन विभाग से समन्वय कर गांधी मैदान में एक भव्य टेंट सिटी का भी निर्माण हो रहा है. जिसमें 2500 लोगों के रहने की व्यवस्था होगी, जबकि इसके अतिरिक्त पंडा समाज अपने घरों में भी तीर्थ यात्रियों को ठहराते हैं. उनके 552 मकान का निरीक्षण कर सभी मापदंडों पर जांच कर एनओसी दी जा रही है. इसके अतिरिक्त 132 होटल गेस्ट हाउस और निजी भवनों को चिन्हित किया गया है. हालांकि निजी भवन, होटल और गेस्ट हाउस जो चिन्हित किए गए हैं, वह शुल्क आधारित होंगे.

''आस्था और धार्मिकता से जुड़ा पितृपक्ष मेले में कोई कमी नहीं होगी. साफ-सफाई की पूरी व्यवस्था होगी. 55 पिंडवेदी हैं. जिसमें 45 पिंडवेदी और 9 तर्पण स्थल हैं, जबकि एक पिंडवेदी पुनपुन पटना जिला अंतर्गत है. सभी जगहों पर विशेष व्यवस्था होगी. पितृपक्ष मेला 2025 की तैयारी 3 माह पूर्व से ही शुरू कर दी गई थी. प्रशासनिक दृष्टिकोण से 19 कार्य समितियां का गठन किया गया था. प्रत्येक समिति में पदाधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है''. -शशांक शुभंकर, जिला पदाधिकारी
मिथिला पेंटिंग से गयाजी की महत्ता का प्रदर्शन: शशांक शुभंकर ने आगे बताया कि पितृपक्ष मेले में गयाजी की महत्ता को मिथिला पेंटिंग के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है. शहर के साथ-साथ मेला क्षेत्र को तिरंगा लाइट से सजाया गया है और इस बार प्रकाश की व्यवस्था अच्छी होगी. विधि व्यवस्था भी पर्याप्त होगी. विकलांगों के लिए व्हीलचेयर और वालंटियर तैनात होंगे.

यह है व्यवस्था: पितृपक्ष मेले में साफ-सफाई की व्यवस्था का खास ख्याल रखा जा रहा है. रबर डैम के निर्माण के बाद पहली बार ट्रैश बोट के माध्यम से फल्गु नदी की सफाई होगी. पितृपक्ष मेले के दौरान फल्गु नदी में पूजा सामग्री अधिक जमा हो जाती है. जिससे नदी का पानी दूषित हो जाता है, लेकिन इस बार सफाई के लिए उच्च स्तरीय व्यवस्था की गई है.
चापाकलों की हुई मरम्मत: शहर को 4 जोन और 54 सेक्टर में बांटकर आउटसोर्सिंग के माध्यम से सफाई के कार्य कराए जा रहे हैं. जलापूर्ति एवं स्वच्छता व्यवस्था के तहत तीर्थ यात्रियों को पेयजल हेतु 96 स्थलों में से 299 चापाकल की मरम्मती, 43 पियाऊ की मरम्मती और 620 नलों की मरम्मती की गई है. 20 वॉटर टैंकर और चार वाटर एटीएम के माध्यम से जलापूर्ति की जाएगी. साथ ही 94 स्थान में 633 स्थायी शौचालय, 22 चेंजिंग रूम, 240 प्री फैब्रिकेटेड अस्थाई शौचालय और 131 स्नान घर बनाए गए हैं.

125 चिकित्सक करेंगे इलाज: स्वास्थ्य व्यवस्था के तहत पितृपक्ष मेले के अवसर पर 125 चिकित्सकों को तैनात किया गया है, जबकि 178 पैरामेडिकल स्टाफ के माध्यम से 70 स्वास्थ्य शिविर की स्थापना विभिन्न जगहों पर की गई है. तीन टीम के माध्यम से खाद्य पदार्थों की जांच की जाएगी. गया के प्रमुख अस्पतालों में 135 बेड रिजर्व रखे गए हैं. इसके अतिरिक्त प्रकाश व्यवस्था, विद्युत व्यवस्था के साथ प्रचार-प्रसार और ई पिंडदान ऐप पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
पानी में पाये गए हानिकारक बैक्टीरिया: मेला क्षेत्र के कई स्थानों पर पानी में हानिकारक बैक्टीरिया पाये जाने पर जिला पदाधिकारी शशांक शुभंकर ने बताया कि यहां आने वाले लोगों के स्वास्थ्य का पूरा ख्याल रखा जा रहा है. कुछ स्थानों पर पानी की जांच कराई गई थी. जिसमें बैक्टीरिया पाये गए हैं. उन स्थानों पर पानी का ट्रीटमेंट किया जा रहा है. साथ ही संबंधित विभाग को आदेश दिए गए हैं कि हर 2 दिन पर पानी की जांच कर ट्रीटमेंट किया जाए.
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