हिमाचल विधानसभा में बजट अनुमान पर आज चर्चा का होगा समापन, सदन में गूंजेंगे कई सवाल
हिमाचल विधानसभा बजट सत्र में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए बजट अनुमान पर आज चर्चा का समापन होगा.

By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : March 21, 2025 at 9:30 AM IST
शिमला: हिमाचल विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है. 10 मार्च को शुरू हुआ यह सत्र 28 मार्च तक चलेगा. मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने 17 मार्च को अपने कार्यकाल का तीसरा बजट अनुमान पेश किया. जिस पर 18 मार्च से चर्चा चल रही है. वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए पेश किए बजट अनुमान पर आज चौथे दिन चर्चा का समापन होगा. आज आखिरी दिन सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्य चर्चा में भाग लेंगे. सदन की कार्यवाही प्रश्नकाल से शुरू होगी. जिसमें विधायकों के कुल 77 प्रश्न लगेंगे. इसमें विधायकों ने विभिन्न विभागों से संबंधित 57 तारांकित प्रश्न और 20 अतारांकित प्रश्न पूछे हैं. जिसका सरकार की तरफ से सदन में उत्तर दिया जाएगा.
सरकार ने खोले कितने कार्यालय ?
हिमाचल विधानसभा के बजट सत्र में आज प्रश्नकाल में आज श्री नैना देवी के विधायक रणधीर शर्मा, सुंदरनगर के विधायक राकेश जम्वाल और ऊना के विधायक सतपाल सिंह सत्ती द्वारा सामान्य प्रशासन से संबंधित पूछा गया पहला सवाल लगेगा. इन विधायकों ने पूछा है कि 15 जनवरी 2024 तक सरकार ने कितने नए संस्थान खोलने की अधिसूचना जारी की है. जिसका विभागवार ब्यौरा मांगा गया है. वहीं, उन्होंने पूछा है कि इस अवधि में सरकार ने प्रस्तावित कौन-कौन से नए कार्यालय व संस्थान खोले हैं, जिसकी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रवार जानकारी मांगी गई है. इसी तरह से इन कार्यालयों व संस्थानों को खोलने के लिए धनराशि का प्रावधान व पदों का सृजन किया गया है, इसका ब्यौरा भी कार्यालय व संस्थानवार मांगा गया है. अगर नहीं तो इसका कारण भी पूछा गया है.
कितने ठेकेदार पंजीकृत?
विधानसभा क्षेत्र सुलह के विधायक विपिन सिंह परमार ने पूछा है कि प्रदेश में कितने ठेकेदार एचपीएसआईडीसी के अधीन पंजीकृत हैं. जिला ब्यौरा श्रेणीवार, जिलावार व नामवार मांगा गया है. वहीं, उनका प्रश्न है कि दो वर्षों में 20 फरवरी, 2025 तक कितने कार्य इन ठेकेदारों को आवंटित किए गए और कितने कार्य पूरे किए गए हैं. पालमपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक आशीष बुटेल ने एफआरए से संबंधित प्रश्न पूछा है. उनका प्रश्न है कि तीन वर्षों में 20 फरवरी, 2025 तक वन अधिकार अधिनियम की धारा 3(1) व सेक्शन 3 (2) के तहत कितने मामले सरकार ने स्वीकृत किए हैं. इन मामलों में से कितने मामले एसडीएलसी से स्वीकृत होकर डीएलसी ने स्वीकृत किए हैं.

