हिल स्टेशन मसूरी लेगा ट्रैफिक से राहत की सांस, सड़क से हर घंटे कम होंगे 1500 लोग, जानिए कैसे
महज 15 मिनट में देहरादून से पहुंच सकेंगे मसूरी, ट्रैफिक जाम की झंझट से मिलेगी मुक्ति, देहरादून मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट से होंगे कई फायदे

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 28, 2025 at 6:56 PM IST
धीरज सजवाण, देहरादून: पहाड़ों की रानी मसूरी पहुंचने के लिए अब ट्रैफिक में रेंगते हुए जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. जल्द ही रोपवे के जरिए आसानी से कुछ ही मिनटों में देहरादून से मसूरी पहुंच सकेंगे. इस दौरान हवा से खूबसूरत नजारों के दीदार भी होंगे. अगर रोपवे निर्माण की प्रगति की बात करें तो अभी तक सभी 26 टावर लगाए जा चुके हैं.
देहरादून मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट से ट्रैफिक जाम से मिलेगी निजात: उत्तराखंड में रोपवे का जाल बिछाया जा रहा है. जिसके तहत देहरादून से मसूरी के लिए रोपवे का निर्माण किया जा रहा है. जिसका कार्य इन दिनों तेज गति से चल रहा है.
पर्यटन सचिव धीराज गर्ब्याल का कहना है कि मसूरी में टूरिज्म को प्रमोट करने के लिए जो रोपवे योजना स्वीकृत हुई है, उसमें इस बात को लेकर किसी भी तरह का संदेह नहीं है कि इससे मसूरी के टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, लेकिन उससे बड़ा पहलू ये है कि यह मसूरी की सबसे बड़ी समस्या ट्रैफिक का समाधान भी बनकर सामने आएगा.
सचिव पर्यटन धीराज गर्ब्याल का कहना है कि हिल स्टेशन मसूरी में खासकर गर्मियों के मौसम में जब यहां पर सीजन का सबसे ज्यादा दबाव होता है, उस समय मसूरी की सड़कों पर ट्रैफिक रेंगने लगता है. इससे कहीं ना कहीं मसूरी की तरफ जाने वाले सैलानियों का रुझान भी कम हो जाता है.

उन्होंने कहा कि जब भी छुट्टियों का सीजन होता है, उस समय मसूरी के पर्यटन कारोबारियों की उम्मीदें बढ़ जाती है, लेकिन जिस तरह से सड़क पर जाम लगता है, वो लोगों की उम्मीदों को तोड़ने का भी काम करता है. अब मसूरी के लिए रोपवे निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है. इससे ट्रैफिक जाम से काफी राहत मिलेगी.
उन्होंने बताया कि इस रोपवे निर्माण योजना के अंतर्गत अब तक सभी 26 टावर लग चुके हैं. जिनसे होकर रोपवे को गुजरना है. इसके साथ ही देहरादून जहां से रोपवे स्टार्ट होनी है, वहां पर भी 1500 गाड़ियों की पार्किंग बनाई जा चुकी है तो वहीं कुछ लैंड ट्रांसफर के काम हैं, उस पर काम किया जा रहा है.

वहीं, पर्यटन विभाग के अवस्थापना निदेशक दीपक खंडूरी ने बताया कि देहरादून मसूरी रोपवे कुल 5.5 किलोमीटर की परियोजना है, जो कि पुरकुल गांव से शुरू होकर मसूरी के लाइब्रेरी चौक तक जाएगी. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य यही है कि किस तरह से मसूरी के ट्रैफिक कंजक्शन को काम किया जाए.
इस परियोजना को पूरा करने की डेडलाइन सितंबर 2026 है. उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट को पीपीपी यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप मोड पर बनाया जा रहा है तो वहीं इसकी अनुमानित लागत 285 करोड़ रुपए है. इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य ट्रैफिक के दबाव को कम करना ही है.

हर घंटे 300 गाड़ियों के आवाजाही को कम करेगा रोपवे: उन्होंने बताया कि इस परियोजना के लिए लोअर टर्मिनल पॉइंट (LTP) देहरादून के पुरकुल गांव में तैयार किया जा रहा है. जिसमें 1500 पार्किंग की व्यवस्था की गई है. वहीं, इसके अलावा इस रोपवे की कैपेसिटी 1500 पीपीएचपीडी (PPHPD) की है.

यानी इस रोपवे के माध्यम से 1500 पैसेंजर प्रति घंटा एक दिशा में जाने की क्षमता है. इस तरह से यह तकरीबन हर घंटे 300 गाड़ियों को सड़क मार्ग पर जाने से रोकेगा और 300 गाड़ियों के तकरीबन 1500 पैसेंजर रोपवे के माध्यम से मसूरी पहुंचेंगे.

उत्तराखंड में निर्माणाधीन रोपवे परियोजनाएं-
देहरादून-मसूरी रोपवे प्रोजेक्ट की लंबाई 5.5 किमी होगी. जिससे लगभग 20 मिनट में देहरादून से मसूरी पहुंच जाएंगे. इसकी अनुमानित लागत 285 करोड़ रुपए है. वहन क्षमता की बात करें तो 1500 PPHPD (प्रति घंटा प्रति दिशा में व्यक्ति) है. जिसमें 71 केबिन होंगे. प्रत्येक केबिन में 10 लोग जा सकेंगे.
जानकीचट्टी-यमुनोत्री मंदिर रोपवे की लंबाई 3.38 किमी होगी. जिससे लगभग 15 मिनट में पहुंच जाएंगे. इसकी अनुमानित लागत 167 करोड़ रुपए है. वहन क्षमता 600 PPHPD है. जिसमें 30 केबिन होंगे. प्रत्येक में 10 लोगों की क्षमता होगी.
ठुलीगाड़-पूर्णागिरी रोपवे की लंबाई 0.93 किमी होगी. जिससे लगभग 8 मिनट में मंदिर पहुंच जाएंगे. इसकी अनुमानित लागत 35 करोड़ रुपए है. वहन क्षमता 500 PPHPD है. इसमें 2 केबिन (रिवर्सिबल मोड में) होंगे. एक केबिन में 65 लोगों की क्षमता होगी.
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