बेटे के अस्पताल निरीक्षण करने पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने दी सफाई, आलोचना करने वालों को बताया समाज का दुश्मन
अस्पताल में निरीक्षण करने पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सफाई दी है. उन्होंने प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की.

Published : July 19, 2025 at 10:25 PM IST
|Updated : July 19, 2025 at 10:30 PM IST
जामताड़ा: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बेटे कृष अंसारी के रिम्स निरीक्षण करने के बाद राजनीति गरमा गई है. विपक्ष उन पर तंज कस रही है. स्वास्थ्य मंत्री ने अपने बेटे के रिम्स दौरे पर सफाई दी है.
स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने सफाई देते हुए कहा कि कृष उनका बेटा है. वह पूर्व सांसद फुरकान अंसारी का पोता है. नेकी उसके खून में है. उनका बेटा छुट्टी पर आया है. वह दिल्ली में था. कई गरीब आदिवासी परिवार वहां इलाज के लिए इंतजार कर रहे थे. उसके स्कूल के प्रिंसिपल के परिवार के सदस्य की तबीयत खराब थी. वह उनके इलाज के लिए रिम्स गया था. जहां उनका समुचित इलाज हुआ.
इरफान अंसारी ने कहा कि उनके बेटे ने किसी को डांटा नहीं. वह किसी प्रबंधन की कुर्सी पर नहीं बैठा. उन्होंने कहा कि मेरे बेटे ने किसी किसान आंदोलन को नहीं कुचला है, किसी गरीब आदिवासी के मुंह में पेशाब नहीं किया है, अच्छा काम किया है, ऐसे में उसकी तारीफ होनी चाहिए न कि आलोचना.
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ऐसे में उनके बेटे की तारीफ होनी चाहिए, लेकिन अगर अच्छा भी करो तब भी भाजपा को दिक्कत है. उन्होंने आलोचना करने वालों को समाज का दुश्मन बताया.
दरअसल, रांची के अस्पताल में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी का बेटा अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचा था. डॉ. इरफान अंसारी ने इसपर स्पष्टीकरण देते हुए एक प्रेस विज्ञप्ति भी जारी की है. प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा है कि "कुछ मीडिया और राजनीतिक मानसिकता वाले लोग मेरे बेटे कृष अंसारी के बारे में जो बातें फैला रहे हैं, वे पूरी तरह से निराधार, भ्रामक और दुर्भावनापूर्ण हैं.
कृष किसी निरीक्षण या राजनीति के लिए रिम्स नहीं गए थे. वे रिम्स में भर्ती अपने शिक्षक आदित्य कुमार झा के बीमार पिता को देखने गए थे. इसी क्रम में कल रात कुछ आदिवासी परिवार मदद के लिए हमारे आवास पर आए थे, जो रिम्स में अपने परिजनों के इलाज को लेकर बेहद चिंतित थे. उनके अनुरोध पर कृष मानवीय आधार पर वहां गए थे, उनका एकमात्र प्रयास किसी की पीड़ा कम करना था, न कि अस्पताल का निरीक्षण करना.
उन्होंने बताया कि रिम्स में एक वरिष्ठ पत्रकार का परिवार भी भर्ती था, जिन्हें भी मदद की ज़रूरत थी. कृष ने मानवता और संवेदनशीलता के साथ यथासंभव मदद करने की कोशिश की. उन्होंने बताया कि जिस तरह से इस घटना को तोड़-मरोड़ कर, राजनीतिक रंग देकर, बिना तथ्यों के प्रस्तुत किया जा रहा है, वह बेहद दुखद और चिंताजनक है.
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