हरियाळो राजस्थान: एक क्लिक पर बुक करें पौधे, पेमेंट भी ऑनलाइन, पौधा लगाकर सेल्फी भेजने पर मिलेगा सर्टिफिकेट
जयपुर में वन विभाग ने 34 नर्सरियों में तैयार किए 14 लाख से ज्यादा पौधे. प्रदेश में मानसून में दस करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य

Published : July 2, 2025 at 2:57 PM IST
जयपुर : राजस्थान में इस बार मानसून मेहरबान है और औसत से ज्यादा बारिश का अनुमान जताया जा रहा है. प्रदेश को हरा-भरा बनाने के लिए वन विभाग ने इस साल मानसून में दस करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य रखा है. इसे लेकर वन विभाग ने कमर कस ली है. वन विभाग की नर्सरियों में फल और फूल वाले पौधों के साथ ही छायादार पौधे भी तैयार किए गए हैं.
वन विभाग की नर्सरियों से पौधे खरीदने में आमजन भी खासा दिलचस्पी दिखा रहे हैं. इस बार वन विभाग ने पौधों की खरीदारी को ऑनलाइन किया है, जिसके तहत आमजन घर बैठे एक क्लिक पर पौधे बुक कर सकते हैं. ऑनलाइन भुगतान कर पौधे प्राप्त भी कर सकते हैं. इसके साथ ही पौधों के साथ सेल्फी पोस्ट करने पर हरियाळो राजस्थान अभियान के तहत एक प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा.
जयपुर की 34 नर्सरी में 41.4 लाख पौधे तैयार : जयपुर डीएफओ वी केतन कुमार ने बताया कि हरियाळो राजस्थान अभियान के तहत इस बार प्रदेश में दस करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य है. जयपुर जिले में 41.4 लाख पौधे वितरित किए जाएंगे. जयपुर जिले में 34 नर्सरी हैं, जहां पौधे तैयार किए गए हैं. सभी नर्सरी में पौधे वितरण चालू हैं. इस बार ऑनलाइन सिस्टम चालू है, जिसके तहत क्यूआर कोड स्कैन करके पौधे सिलेक्ट कर सकते हैं और ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं.

क्यूआर कोड से भी बुक होंगे पौधे : उन्होंने बताया कि विभाग की वेबसाइट पर जाकर घर बैठे भी क्यूआर कोड की मदद से पौधे बुक कर सकते हैं. नर्सरी में भी जगह-जगह क्यूआर कोड लगाए गए हैं. ऑनलाइन के साथ ही नकद भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन लोगों को ज्यादा से ज्यादा ऑनलाइन भुगतान के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है.

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50 से ज्यादा प्रजातियों के पौधे तैयार : उन्होंने बताया कि वन विभाग की नर्सरियों में घने पेड़ों के पौधों पर खासतौर पर फोकस किया जाता है. शीशम, बेर, इमली, खेजड़ी, गुलमोहर, सहजन, कचनार, जामुन, आम, अशोक जैसे पौधे नर्सरी में तैयार किए गए हैं. वन विभाग की नर्सरी में 50 से अधिक प्रजातियों के पौधे तैयार किए जाते हैं. बीज और कटिंग के जरिए नए पौधे तैयार किए जाते हैं. उन्होंने बताया कि इस बार हरियाळो राजस्थान मुहिम के तहत व्यक्तिगत पौधरोपण को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है.

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पौधों को नुकसान से बचाने के लिए खास इंतजाम : पौधरोपण के बाद सेल्फी लेकर एप में अपलोड करने पर प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश में मानसून ने जल्दी दस्तक दी है, इसलिए पौधों का वितरण भी जल्दी शुरू किया गया है. नर्सरी में टिकट काउंटर बनाए गए हैं. छाया, पानी व टॉयलेट्स जैसी सुविधाएं भी नर्सरी में आने वालों के लिए मुहैया करवाई जा रही है. पार्किंग की भी व्यवस्था की गई है. पौधे खरीदने आने वालों की मदद के लिए पर्याप्त स्टाफ भी तैनात किया गया है, ताकि यहां आने वालों को किसी भी तरह की कोई असुविधा नहीं हो. यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि खरीदार पौधे नर्सरी स्टाफ से ही लें ताकि पौधों को नुकसान नहीं हो.

खरीदार भी दिखा रहे हैं उत्साह : पौधे खरीदने आई पुष्पा शर्मा का कहना है कि अभी मानसून का समय है. यहां पौधों की अच्छी वैरायटी मिल रही है. उन्होंने अपने बगीचे के लिए जूही, बोगनवेलिया, चंपा, चमेली, अमरुद के पौधे लिए हैं. वहीं, दिव्यांश का कहना है कि उन्होंने बालकनी में सजाने के लिए कनेर, गुलाब, हरसिंगार के भी पौधे खरीदे हैं. राकेश मीणा का कहना है कि बरसात के मौसम में प्रयास है कि ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाए. घर के आसपास पेड़ पौधे होने से छाया मिलती है. वातावरण भी सही रहता है. पक्षियों की आवाज सुनकर मन को शांति मिलती है. खुद को भी अच्छा लगता है.

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अशोक उद्यान नर्सरी में उमड़ रही भीड़ : जयपुर सिटी रेंजर सुनील चौधरी का कहना है कि सचिवालय के पास स्थित नर्सरी में 2.05 लाख पौधे तैयार किए गए हैं. पौधों की दर ऊंचाई और थैली के अनुसार तय होती है. उनका कहना है कि यहां डेकोरेटिव और फूलदार पौधों की ज्यादा डिमांड रहती है. फूल और फल वाले पौधे भी तैयार किए गए हैं. सहायक वनपाल हेमराज का कहना है कि इस नर्सरी से अब तक 25 हजार पौधों की बिक्री हो चुकी है. आसपास के सरकारी विभागों से भी बड़ी संख्या में लोग पौधे खरीदने पहुंच रहे हैं.


