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लोकसभा से उत्तराखंड की सियासत में मचाया बवाल, खड़े हुए कई सवाल, अब सुनिए खुद सांसद त्रिवेंद्र के जवाब

ईटीवी भारत ने त्रिवेंद्र सिंह रावत से की खास बातचीत. त्रिवेंद्र सिंह रावत ने दिया सभी सवालों का दिया जवाब.

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ईटीवी भारत ने त्रिवेंद्र सिंह रावत से की साख बातचीत. (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : March 31, 2025 at 6:35 PM IST

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Updated : March 31, 2025 at 8:49 PM IST

8 Min Read
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देहरादून (धीरज सजवाण): सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और हरिद्वार सीट से बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत के कुछ बयानों ने इनदिनों उत्तराखंड की राजनीति में हंगामा मचाया हुआ है. इसके साथ ही अपने "शेर और कुत्ते" वाले विवादित बयान को लेकर भी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत काफी ट्रोल किए जा रहे हैं. उनके इस बयान पर आईएएस एसोसिएशन ने भी अपनी नाराजगी जताई थी. इस तमाम मुद्दों पर ईटीवी भारत ने खुद त्रिवेंद्र सिंह रावत से खास बातचीत की और उनका पक्ष भी जाना.

पहले जानते हैं विवाद का कारण: दरअसल, बीते दिनों लोकसभा के बजट सत्र में हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने उत्तराखंड के दो बड़े मुद्दे उठाए थे. पहले मामले में उन्होंने उत्तराखंड में आपदा प्रबंधन को लेकर सवाल किया था. दरअसल, बीते दिनों उत्तराखंड में एवलॉन्च की कई घटनाएं सामने आई थीं, जिसमें कुछ लोगों की मौत भी हुई थी. ऐसे में त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्र और राज्य सरकार से उत्तराखंड चारधाम यात्रा में आपदा प्रबंधन की तैयारियों को लेकर सवाल किया था. हालांकि, उनके इस सवाल पर तो कोई खास हंगामा नहीं हुआ, लेकिन दूसरे सवाल ने प्रदेश में हंगामा खड़ा कर दिया और विपक्ष को भी सरकार को घेरने का मौका मिल गया.

सियासी बवाल पर सुनिए खुद सांसद त्रिवेंद्र के जवाब (ETV Bharat)

अवैध खनन को लेकर किया दूसरा सवाल: हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत का लोकसभा में दूसरा सवाल उत्तराखंड में हो रहे अवैध खनन ढो रहे वाहनों को लेकर था. उनका कहना था कि प्रदेश में अवैध खनन ढो रहे वाहनों से न सिर्फ उत्तराखंड के पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि लोगों की सुरक्षा से भी खिलवाड़ हो रहा है. उन्होंने ऐसे मामलों के लिए केंद्र और राज्य सरकार से टास्क फोर्स बनाने की मांग की थी.

त्रिवेंद्र सिंह रावत के इस सवाल पर प्रदेश के खनन सचिव बृजेश कुमार संत का जवाब आया था. सचिव बृजेश कुमार ने त्रिवेंद्र के आरोपों को पूरी तरह से निराधार, गलत और भ्रामक बताया था. इस बयान के बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत का एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है, जिसमें रावत इतना ही कहते हुए दिख रहे हैं कि 'शेर कभी कुत्तों का शिकार नहीं करता'. उनके इस बयान पर आईएएस एसोसिएशन ने भी नाराजगी जताई है. हालांकि, अब इम तमामों मसलों पर खुद त्रिवेंद्र सिंह रावत का जवाब जानते हैं.

आपदा प्रबंधन और एवलांच के सवाल पर त्रिवेंद्र का जवाब: संसद में जब भी कोई सवाल उठाया जाता है तो उसकी एक प्रक्रिया है. इसी के तहत उन्होंने उत्तराखंड में एवलॉन्च की घटनाओं को लेकर सवाल किया. उत्तराखंड में केदारनाथ यात्रा रुट पर 13 प्वाइंट एवलॉन्च वाले हैं, जिसमें से मंदाकिनी नदी के दाहिने तट पर सात और बाएं तट पर नौ प्वाइंट हैं. यानी कुल 16 ऐसे प्वाइंट्स हैं. इसी तरह से बदरीनाथ रूट और इंटरनेशनल बॉर्डर वाले क्षेत्र में भी एवलॉन्च के कई प्वाइंट हैं, जहां हर समय खतरा बना रहता है. इसके अलावा कई और ऐसी जगह है, जहां पर लगातार भूस्खलन होते रहे हैं. उन्हीं तमाम विषयों पर उन्होंने भारत सरकार का ध्यान आकर्षित किया.

Haridwar BJP MP Trivendra Singh Rawat
ईटीवी भारत ने त्रिवेंद्र सिंह रावत से की साख बातचीत. (ETV Bharat)

हरिद्वार सांसद ने बताया कि उन्होंने संसद में ये भी पूछा कि क्या हमारे पास ऐसी कोई टेक्नोलॉजी है, जिसमें अर्ली वार्निंग सिस्टम हो. इसके अलावा बर्फ पिघलने से जो एवलॉन्च आते हैं, वो भी हमें बहुत नुकसान पहुंचाते हैं इसलिए इनके बारे में जानकारी मांगी. कहीं ग्लेशियर खतरे के निशान पर तो नहीं पहुंच गए हैं और इससे कैसे बचा जा सकता है ताकि पहले ही कुछ अलर्ट मिल जाए तो हम चारधाम यात्रा को रोक सकते हैं और बड़े नुकसान से बचा सकता है. ऐसे तमाम मुद्दों को उन्होंने सदन में उठाया.

लोकसभा में खनन का मुद्दा उठाते ही प्रदेश में मच गया बवाल: इस सवाल का भी त्रिवेंद्र ने जवाब दिया...

कुछ ऐसे विषय होते हैं जिन पर सरकार का ध्यान जाना बहुत जरूरी होता है. उसी के तहत मैंने अवैज्ञानिक और अवैध खनन का प्रश्न लोकसभा में उठाया था. साथ में मैंने ये भी कहा था कि सरकार इस पर भरसक प्रयास कर रही है, फिर भी खनन माफिया वहां पर नेचर और इको सिस्टम को नुकसान पहुंचा रहे हैं. ये विषय मैंने सदन में उठाया. अब कुछ लोग उसे पर्सनल ले लेते हैं. इस तरह के मामले पर्सनल नहीं लिए जाने चाहिएं. फिर तो सदन में कोई सवाल उठा ही नहीं पाएगा.
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार सांसद-

इस विषय को व्यक्ति विशेष से कोई मतलब नहीं: अपनी बात जारी रखते हुए त्रिवेंद्र सिंह रावत कहते हैं कि उनके सवाल का किसी भी व्यक्ति विशेष से लेना-देना नहीं है.

सदन में सवाल उठाने से किसी व्यक्ति विशेष से कोई मतलब नहीं है. हमारे सामने क्षेत्र के लोग जो समस्या रखते हैं, उसी को उन्होंने लोकसभा में रखा. पहले भी उन्होंने इस विषय को उठाया था और उसमें हिमाचल और नॉर्थ ईस्ट को जोड़ा था.
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार सांसद-

शेर-कुत्ते वाले बयान पर त्रिवेंद्र सिंह रावत का जवाब: शेर-कुत्ते वाले बयान पर मचे हंगामे पर भी त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अपनी बात रखी. उन्होंने बताया कि उनके द्वारा पर्यावरण संरक्षण को लेकर कही गई एक वीडियो की छोटी सी क्लिप पर ये हंगामा मचा है.

मुझे पूछा गया कि किसी अधिकारी ने ऐसा बोला है. मैंने कहा कि मैं नहीं जानता किस अधिकारी ने कहा और मुझे वाकया पता भी नहीं था कि किसी अधिकारी ने तब क्या कहा. मुझे किसी अधिकारी के बारे में कुछ बोलना भी नहीं है. मैंने पर्यावरण संरक्षण को लेकर वो कहावत कही थी, जिसमें आगे पीछे का साफ कर दिया गया और उस वीडियो की छोटी सी क्लिप को व्यक्ति विशेष से जोड़ दिया गया.
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार सांसद-

आईएएस एसोसिएशन के पत्र पर जवाब: IAS एसोसिएशन के सामने आए पत्र को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वो सभी अधिकारियों का सम्मान करते हैं. कोई भी अधिकारी कभी भी उनके साथ बातचीत कर सकता है.

जिस तरह से मेरे बयान को प्रस्तुत किया गया हो सकता है उससे उनके मन में इस तरह की कोई बात आई होगी. आईएएस एसोसिएशन अगर मुझसे कोई बात पूछेगी तो मैं निश्चित रूप में उसका जवाब दूंगा. क्योंकि सब मेरे प्रिय अधिकारी हैं. सबने मेरे साथ काम किया है. मेरे हृदय का दरवाजा अधिकारियों के लिए हमेशा खुला है. कोई भी आकर उनसे बात कर सकता है.
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार सांसद-

राजस्व बढ़ा है लेकिन प्रकृति का ध्यान भी जरूरी: साथ ही खनन सचिव ने जो राजस्व बढ़ने की बात कही थी, उस पर त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि वो इस बात को स्वीकारते हैं कि निश्चित तौर से सरकार का राजस्व बढ़ा है. इसके लिए वो सरकार को बधाई देते हैं, लेकिन राजस्व के साथ-साथ पर्यावरण और प्रकृति का भी ख्याल रखा होगा.

पहाड़-मैदान मामले पर भी दिया जवाब: पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के विधानसभा में दिए बयान के बाद से उनके इस्तीफे तक चर्चाओं में रहे पहाड़ और मैदान विषय को लेकर बीजेपी सांसद ने कहा कि अब ऐसे विषयों को समाप्त कर देना चाहिए.

अब वो विषय समाप्त हो गया है. कभी किसी से गलती हो जाती है तो इस तरह के मामलों को एक घटना विशेष के रूप में लेना चाहिए. उत्तराखंड में हम सब लोग बड़े प्रेम से रहते हैं. हम सबको साथ रहना चाहिए. अगर किसी के दिमाग में ऐसी कोई गलत बात आई है तो उसे हटा देना चाहिए. बीजेपी और कांग्रेस राष्ट्रीय पार्टी है. इसलिए उनकी तरह की सोच नहीं हो सकती है.
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, हरिद्वार सांसद-

बता दें कि, उत्तराखंड विधानसभा में तत्कालीन कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने एक विवादित बयान दिया था, जिसके बाद पूरे प्रदेश में बवाल मच गया था. हालांकि अपने इस बयान के कारण प्रेमचंद अग्रवाल को इस्तीफा भी देना पड़ा था. तभी से प्रदेश में कुछ लोग इस तरह के बवाल कर रहे है, जिस पर त्रिवेंद्र सिंह रावत से सवाल किया गया था.

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Last Updated : March 31, 2025 at 8:49 PM IST