राज्यपाल ने बताई लिव इन रिलेशन की हकीकत, कहा-आम खाने के बाद लोग फेंक देते हैं गुठलियां, बेटियां रहें सावधान
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए आनंदी बेन पटेल ने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर किया जागरूक

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : October 8, 2025 at 4:47 PM IST
|Updated : October 8, 2025 at 8:16 PM IST
वाराणसीः महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के दीक्षांत समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने बेटियों को लेकर के बड़ी नसीहत दी. उन्होंने लिव इन रिलेशनशिप को लेकर के बड़ा बयान दिया. उन्होंने कहा कि अभी लिव इन रिलेशनशिप का चलन है. मत करिए,अच्छे फैसले करिए. मैंने 50-50 टुकड़े कर बीम में भरने वालों को देखा है. पिछले 10 दिन में ऐसी घटनाओं के बारे में सूचना मिली है, जिन्हें सुनकर बेहद दुःख होता है. यह ऐसा समाज है जो आम खाता है और गुठलियां फेंक देता है, ऐसे में बेटियों को सावधान रहने की जरूरत है.
राज्यपाल ने दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों और उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 'एक हाई कोर्ट के जज ने मुझसे चिंता व्यक्त की. मेरे सामने पास्को एक्ट के बारे में बताया, जो लोग गलत काम करते हैं, वह भाग जाते हैं. उन्होंने मुझे बताया कि मैडम एक दो लोग हैं, हमें न्याय भी देना है. समय नहीं है तो हम क्या करें, आप मदद कीजिए. मैंने कहा- जरुर मदद करेंगे, बोलिए क्या करना है. इस पर जज ने कहा कि एक काम आप ऐड कर दीजिए कि पाक्सो एक्ट में जो बच्ची है, जहां भी रहती हैं उनके लिए क्या करना चाहिए.
बंद कमरे में बेटियों की सुनी पीड़ाः राज्यपाल ने कहा कि 'मैंने सभी यूनिवर्सिटी से जानना चाहा कि इस पर क्या किया जा सकता है, इन बच्चियों तक कैसे पहुंचे. फिर मैं 40 बेटियों को बंद कमरे में बिठाया. इनमें से चार की बातें सुनी. एक ने कहा कि पिताजी मुझे प्रताड़ित करते थे. दूसरे ने मामा, तीसरी ने काका और चौथी ने कहा पड़ोसी प्रताड़ित करते थे. बेटियों ने हिम्मत दिखाई वह पुलिस स्टेशन गई एफआईआर दर्ज की. दोषी लोगों की धर पकड़ हुई और अब वह जेल में है. इसके बाद बाकी बच्चों की बात सुनने की मेरी हिम्मत नहीं हुई.

बच्चियों को सावधान रहने की जरूरतः राज्यपाल ने कहा कि 'बच्चियों से मिलने के बाद मैंने ऐसी 80 लड़कियों से मुलाकात की, जिन्हें उनके पति ने छोड़ दिया है. किसी के पास एक साल का तो किसी के पास दो महीने का बच्चा है. पहले लिव इन में रही और फिर साथी ने छोड़ दिया. इसलिए मैं कहती हूं की बच्चियों को सावधान रहने की जरूरत है. यह लिव इन समाज ऐसा है कि बस शोषण करता है और फिर छोड़ देता है. आम को चूस लेते हैं और गुठली फेंक देते हैं. उन्होंने कहा कि दो हॉस्टल के बीच में जो खाली जगह है, उसमें शराब की बोतल दिखाई देती है, ड्रग्स दिखाई देता है यह बहुत गंभीर और चिंताजनक विषय है.


