किसानों के लिए काजरी तैयार कर रहा फलदार पौधे, मानसून में होगा वितरण
काजरी की सेंट्रल नर्सरी में फलदार और छायादार पौधे तैयार हो रहे हैं. ये पौधे रियायती दर पर वितरित किए जाएंगे.

Published : June 10, 2025 at 1:46 PM IST
जोधपुर: केंद्रीय शुष्क क्षेत्र अनुसंधान संस्थान (काजरी) में किसानों को नियमित खेती के साथ साथ फल भी प्राप्त हो, इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं. इसके तहत काजरी इस वर्ष मानसून में डेढ़ लाख से अधिक फलदार और छायादार पौधों का वितरण करने जा रहा है. किसान अपने खेत में अलग अलग जगह पर इनको लगाकर कुछ समय बाद अतिरिक्त आय प्राप्त कर सकते हैं. काजरी की सेंट्रल नर्सरी में पौधे तैयार किए जा रहे हैं. यहां ग्राफ्टिंग भी हो रही है.
काजरी के निदेशक डॉ सुमंत व्यास ने बताया कि काजरी में होने वाले अनुसंधान का फायदा किसानों तक पहुंचाने के लिए हम नर्सरी तैयार कर रहे हैं. किसान खेती के साथ साथ फल उत्पादन भी करें, इसके लिए रियायती दर पौध वितरण किया जाएगा. यह पौधे कम पानी में पनपते है.
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फलदार और छायादार पौधे हो रहे तैयार: काजरी के विभागाध्यक्ष डा धीरज सिंह ने बताया कि नर्सरी में तैयार हो रहे पौधे अगले 1 महीने में पूरी तरह से मानसून में लगाने योग्य हो जाएंगे. नर्सरी में बैर की विभिन्न किस्म के अलावा अनार, गोंदा, आंवला और थार शोभा खेजड़ी के फलदार पौधे तैयार हो रहे हैं. इनके अलावा बबूल, रोहिड़ा नीम भी तैयार हो रहे हैं. जो खेत में छाया देते हैं.

किसान नई खेती की ओर आकर्षित होंगे: यह पौधे किसान अपने खेत की मेड़ पर भी लगा सकते हैं, यह खेत में अलग अलग कोनों पर लगा सकते है. जो नियमित खेती के साथ लगे रह सकते हैं. वैज्ञानिकों का मानना है कि एक खेत में छायादार और फलदार पौधे विकसित होने पर किसान को एक समय के बाद फल प्राप्त होने लगेंगे तो उसकी आय में वृद्धि होगी, क्योंकि काजरी में विकसित आंवला, अनार और बैर के पौधे सालाना अच्छी मात्रा में उत्पादन देते है. इससे किसान भविष्य में इस खेती की और भी आकर्षित होंगे.
बैर खेजड़ी की हो रही ग्राफ्टिंग: नर्सरी में देशी बैर और खेजड़ी के पौधे की ग्राफ्टिंग की जा रही है. इनमें काजरी में विकसित किस्म कलम को जोड़ कर पौधे तैयार हो रहे हैं. थार शोभा खेजड़ी की देशी खेजड़ी से लंबाई कम होती, कांटे कम और फल यानी सांगरी ज्यादा देती है. इसी तरह से देशी बैर पर अंग्रेजी बैर की किस्म गोला की ग्राफ्टिंग हो रही है. इसका बंपर उत्पादन आता है. ग्राफ्टिंग करने वाले संतोकराम ने बताया कि 15 से 20 दिन में पौधे तैयार हो जाएंगे.
किसान तैयार कर सकते है समन्वित कृषि मॉडल: काजरी के विभागाध्यक्ष डा धीरज सिंह ने बताया कि कजरी की नर्सरी में तैयार हो रहे दो दो फलदार पौधों को अगर किसान अपने खेत में लगा लेता है तो पौधों के बड़े होने के बाद मिलने वाला उत्पादन काफी फायदेमंद साबित होता है. खास तौर से छोटी जोत वाले किसान अपने खेत को एक समन्वित मॉडल खेत बना सकते हैं. यहां कुछ समय बाद सालाना रबी खरीफ की फसल के साथ साथ फल उत्पादन ले सकते हैं. काजरी किसानों को इसी दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रही थी.

