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उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक खत्म, चार प्रस्तावों पर लगी मुहर, एक क्लिक में जानिए

धामी मंत्रिमंडल की बैठक खत्म, चार अहम प्रस्तावों पर लगी मुहर, पशुपालन विभाग से जुड़े प्रस्तावों पर मिली मंजूरी

Chief Minister Pushkar Singh Dhami
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (फोटो सोर्स- X@DIPR_UK)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 18, 2025 at 1:52 PM IST

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देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न हो गई है. बैठक में कुल चार प्रस्तावों पर मुहर लगी है. मंत्रिमंडल की बैठक संपन्न होने के बाद सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी ने ब्रीफिंग कर कैबिनेट के प्रस्तावों की जानकारी दी.

कैबिनेट बैठक के दौरान प्रदेश के तमाम मंदिरों में बढ़ रहे श्रद्धालुओं की संख्या पर भी चर्चा की गयी. सरकार की कोशिश है कि चारधाम समेत प्रदेश के प्रसिद्ध मंदिरों के साथ ही राज्य में मौजूद अन्य पौराणिक मंदिरों में भी श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचें.

जानकारी देते सूचना महानिदेशक बंशीधर तिवारी (वीडियो- ETV Bharat)

कैबिनेट बैठक के दौरान पर्यटन विभाग की ओर से जानकारी दी गई कि कार्तिक स्वामी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में पिछले साल की तुलना में इस साल 4 गुना इजाफा हुआ है.

इसके अलावा जागेश्वर में पिछले साल करीब 4 लाख श्रद्धालु आए थे. जबकि, इस साल अभी तक 6 लाख श्रद्धालु दर्शन करने आ चुके हैं. इसी तरह उत्तरकाशी जिले के साल्ड गांव में स्थित जगन्नाथ मंदिर के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा हुआ है.

कैबिनेट बैठक में 4 प्रस्तावों पर लगी मुहर-

  1. उप निबंधक ऑडिट का एक पद सृजन करने को मिली मंजूरी. अगले पांच साल के लिए इस पद को भरा जाएगा. कोऑपरेटिव सोसायटी का करेगा ऑडिट.
  2. बदरीनाथ धाम में आईएसबीटी की वॉल पर आर्टवर्क कार्य किया जाना है, जिस पर मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है.
  3. पशुपालन विभाग में अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को 90 फीसदी की सब्सिडी पर गाय दी जाती थी. इसी तरह डेयरी विभाग के जरिए 'गंगा गाय योजना' के तहत सामान्य वर्ग के लोगों को सब्सिडी दी जाती है. ऐसे में दोनों योजनाओं को मर्ज करने का निर्णय लिया गया है.
  4. पशुपालन विभाग में पशुधन प्रसार अधिकारी के 429 पद खाली हैं. ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के तहत अधिकारियों को दो साल की ट्रेनिंग दी जाती है. ऐसे में इन अधिकारियों के चयन और ट्रेनिंग के बाद ज्वाइनिंग में चार साल का समय लग जाता है. जिसके चलते निर्णय लिया गया है कि ट्रेनिंग समय को दो साल से घटाकर एक साल किया गया.

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