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हरिद्वार जमीन खरीद मामले में मिली गंभीर अनियमितता, 4 अधिकारी सस्पेंड, रडार पर कई बड़े अफसर

हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार अधिकारी निलंबित कर दिए गए हैं.

HARIDWAR LAND SCAM
हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार अधिकारी निलंबित (PHOTO- ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 1, 2025 at 9:52 PM IST

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Updated : May 1, 2025 at 11:05 PM IST

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देहरादून: हरिद्वार नगर निगम द्वारा खरीदी गई जमीन में गंभीर अनियमितताएं पाई गई है. नगर आयुक्त की आख्या में गड़बड़ी मिलने के बाद सरकार ने निगम के छोटे अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई की है. मामले को लेकर चार अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया गया है. जबकि वित्त अधिकारी को 'कारण बताओ' नोटिस जारी हुआ है.

हरिद्वार में सराय स्थित भूमि खरीद मामला तूल पकड़ता जा रहा है. स्थिति यह है कि पहले मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच के निर्देश दिए थे और अब मामले में अधिकारियों पर कार्रवाई का सिलसिला भी तेज कर दिया गया है. यह मामला करोड़ों रुपए की जमीन खरीद में गड़बड़ी से जुड़ा है. धामी सरकार ने इस मामले में वरिष्ठ वित्त अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया है. इसमें वित्त अधिकारी द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किए जाने के लिए उन्हें नोटिस जारी हुआ है.

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हरिद्वार नगर निगम भूमि खरीद मामले में गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर चार अधिकारी निलंबित (PHOTO- उत्तराखंड शासन)

नगर निगम हरिद्वार में ही सेवानिवृत होने के बाद सेवा विस्तार पर चल रहे क्लर्क की भी भूमि खरीद में संलिप्तता सामने आई है. इसके बाद लिपिक वेदपाल के सेवा विस्तार को खत्म करने और उनके खिलाफ सिविल सर्विसेज रेगुलेशन के तहत अनुशासनिक कार्रवाई करने के निर्देश हुए हैं.

राज्य सरकार ने इस मामले में नगर निगम आयुक्त की आख्या में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितता मिलने के बाद कुछ अधिकारियों को सस्पेंड भी किया है. जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है उनमें अवर अभियंता दिनेश चंद्र कांडपाल, कर एवं राजस्व अधीक्षक लक्ष्मीकांत भट्ट, सहायक अभियंता आनंद सिंह मिश्रवान और अधिशासी अधिकारी रविंद्र कुमार दयाल का नाम शामिल है.

खास बात यह है कि जिस दौरान यह जमीन खरीदी गई थी, तब नगर निगम हरिद्वार में प्रशासक के तौर पर जिलाधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे थे. ऐसे में यह मामला और भी गंभीर हो गया है. फिलहाल जिलाधिकारी हरिद्वार के तौर पर कर्मेंद्र सिंह जिम्मेदारी देख रहे हैं. जबकि सरकार इस मामले में शासन में सचिव रणवीर सिंह चौहान को जांच अधिकारी नामित कर चुकी है. इस तरह आने वाले दिनों में सरकार कुछ और दूसरे बड़े फैसले ले सकती है जिसमें बड़े अधिकारियों को लेकर भी जिम्मेदारी बदलाव से जुड़ा निर्णय हो सकता है.

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Last Updated : May 1, 2025 at 11:05 PM IST