पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत का गयाजी में पिंडदान, नाती ने नाना-नानी का किया श्राद्ध
पूर्व उपराष्ट्रपति भैरों सिंह शेखावत के नाती ने गयाजी में उनका पिंडदान किया. इस दौरान उन्होंने वहां की व्यवस्था की तारीफ की. पढ़ें..

Published : September 10, 2025 at 3:11 PM IST
गया: इन दिनों बिहार के गयाजी में विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेला चल रहा है, जहां देश-विदेश से आकर लोग अपने पूर्वजों का पिंडदान करते हैं. देश के पूर्व उपराष्ट्रपति दिवंगत भैरों सिंह शेखावत के नाती अभिमन्यु सिंह राजवी ने भी अपने नाना-नानी का पिंडदान किया. उन्होंने विधि-विधान के साथ तर्पण किया. इस दौरान डीएम और एसएसपी ने भी आकर उनसे मुलाकात की.
भैरों सिंह शेखावत का गयाजी में पिंडदान: भैरों सिंह शेखावत के नाती और राजस्थान बीजेपी के मुख्य प्रवक्ता अभिमन्यु सिंह राजवी मंगलवार को गया जी आए थे. उन्होंने अपने नाना और नानी सूरज कंवर का पिंडदान किया. गया जी की मुख्य वेदियों पर पिंडदान का कर्मकांड किया. उन्होंने कहा कि नाना और नानी का पिंडदान का कर्मकांड पूरा करने के बाद मुझे काफी खुशी हो रही है.
व्यवस्था से खुश दिखे अभिमन्यु: इस दौरान अभिमन्यु सिंह राजवी ने गया जी की दिल खोलकर प्रशंसा की. उन्होंने कहा कि वह यहां की व्यवस्था से हमलोग संतुष्ट हैं. राज्य सरकार की ओर से इस मोक्ष भूमि में पितृपक्ष मेले के अवसर पर इतनी बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों के लिए काफी उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है. हर प्रकार की व्यवस्था को मुकम्मल रखा गया है. इसके लिए वे राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हैं. एक तीर्थ की इस तरह से सेवा अत्यंत ही शोभनीय है.
डीएम और एसएसपी ने किया स्वागत: वहीं, डीएम शशांक शुभंकर और एसएसपी आनंद कुमार ने पूर्व उपराष्ट्रपति के नाती अभिमन्यु सिंह राजवी से मिलकर उनका स्वागत. उपहार स्वरूप डीएम और एसएसपी ने उन्हें गंगाजल भेंट किया.

"अपने नाना भैरों सिंह शेखावत और नानी सूरज कंवर का पिंडदान का कर्मकांड किया. पिंडदान का कर्मकांड करने के बाद मुझे काफी प्रसन्नता हुई. यहां की व्यवस्था से भी काफी खुशी हुई है. हम राज्य सरकार को इसके लिए धन्यवाद व्यक्त करते हैं कि इतने तादाद में आने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए काफी उत्कृष्ट व्यवस्था की गई है."- अभिमन्यु सिंह राजवी, पूर्व उपराष्ट्रपति भैरो सिंह शेखावत के नाती
कौन थे भैरो सिंह शेखावत?: भैरों सिंह शेखावत 19 अगस्त 2002 से 21 जुलाई 2007 तक देश के उपराष्ट्रपति रहे. उसस पहले वह राजस्थान के कई बार मुख्यमंत्री रहे थे. बीजेपी के कद्दावर नेता रहे शेखावत पहली बार 1952 में विधायक बने थे. उन्होंने 2007 में राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा था लेकिन प्रतिभा पाटिल से हार गए. 15 मई 2010 को 86 साल की उम्र में जयपुर में उनका निधन हो गया. वहीं उनकी पत्नी सूरज कंवर का 9 मार्च 2013 को निधन हुआ था.
कब तक चलेगा पितृपक्ष मेला?: 7 सितंबर को विश्व प्रसिद्ध पितृपक्ष मेले की शुरुआत हुई थी. 21 सितंबर तक यह मेला चलेगा. इन 15 दिनों तक लोग अपने पितरों के श्राद्ध और तर्पण के लिए यहां आ रहे हैं. देश और विदेश से भी लोग पिंडदान के लिए आते हैं.
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