भाई अंकित राज के समर्थन में उतरी पूर्व विधायक अंबा प्रसाद, झारखंड टाइगर उग्रवादी समूह के साथ संलिप्तता पर दी सफाई
पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने अपने भाई अंकित राज पर झारखंड टाइगर उग्रवादी समूह के साथ संलिप्तता के आरोप पर सफाई दी है.

Published : August 20, 2025 at 5:00 PM IST
हजारीबाग: केंद्रीय जांच एजेंसी का शिकंजा पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज पर कसता जा रहा है. सोशल मीडिया साइट एक्स पर केंद्रीय जांच एजेंसी ने जानकारी साझा करते हुए बताया है कि झारखंड टाइगर ग्रुप के रूप में ज्ञात एक उग्रवादी समूह को संचालित करने में भी उनकी संलिप्तता पाई गई है. इस पूरे मामले पर पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने प्रतिक्रिया करते हुए कहा है कि उनके भाई को फंसाया जा रहा है.
केंद्रीय जांच एजेंसी की कार्रवाई से नाखुश अंबा प्रसाद
झारखंड की राजनीति में इन दिनों बड़कागांव से पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का परिवार सुर्खियों में है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने अंबा प्रसाद के भाई अंकित राज पर जबरन वसूली, अवैध रेत खनन, सरकारी काम में बाधा डालना और झारखंड टाइगर ग्रुप के नाम से ज्ञात एक उग्रवादी समूह को संचालित करने से संबंधित मामले में कार्रवाई की है. इस मामले में पीएमएलए 2002 के प्रावधानों के तहत अंकित राज से संबंधित 3.02 करोड़ रुपये मूल्य की 30 चल और अचल संपत्तियों को अनंतिम रूप से कुर्क किया है.
मेरे भाई को झारखंड टाइगर ग्रुप से जोड़ना हंसने वाली बातः अंबा प्रसाद
इस मामले में कांग्रेस की केंद्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने कहा कि जब बड़े लोगों से लड़ाईयां होती है तो छोटे-छोटे आरोपों का सामना करना ही पड़ता है. उन्होंने आगे बताया कि उनका भाई काफी सीधा है और राजनीति से दूर रहता है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने उसे झारखंड टाइगर ग्रुप से जोड़ा है, यह हंसने वाली बात है.
पूर्व विधायक ने हजारीबाग आवास में प्रेस वार्ता कर पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि बड़कागांव में पिछले दिनों पुलिस ने रैयतों को गिरफ्तार किया था. उनके साथ बेरहमी से मारपीट कर थाने में रखा गया था. जब उन्हें कोर्ट में पेश किया गया तो मजिस्ट्रेट ने रैयतों के चोट के निशानों को देखा. रैयतों ने बताया उनके साथ बेरहमी से मारपीट हुई. इस पर कोर्ट ने एसपी और डीजीपी को नोटिस जारी किया है.
ईडी, रांची ने जबरन वसूली, अवैध रेत खनन, सरकारी काम में बाधा डालने और झारखंड टाइगर ग्रुप के रूप में ज्ञात एक उग्रवादी समूह को संचालित करने से संबंधित एक मामले में पीएमएलए, 2002 के प्रावधानों के तहत अंकित राज से संबंधित 3.02 करोड़ रुपये मूल्य की तीस (30) चल/अचल संपत्तियों को…
— ED (@dir_ed) August 19, 2025
जिन्हें गिरफ्तार किया गया वे गुंडे थेः अंबा प्रसाद
पूर्व विधायक ने बताया कि दस थाना की पुलिस विस्थापितों को गिरफ्तार करने पहुंचती है, इससे यह प्रतीत होता है कि यह विस्थापित रैयत नहीं बल्कि गुंडे हैं. उन्होंने आगे कहा कि खुद उनके घर पर 400 पुलिसकर्मी पहुंचे थे और उनके बॉडीगार्ड समेत ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है.
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