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नीलगायों का आतंक, किसान परेशानः दूसरी जगह शिफ्ट करने के प्रयास में वन विभाग!

गढ़वा और पलामू में नीलगायों के आतंक से किसान परेशान हैं.

Farmers troubled by terror of Nilgai in Garhwa and Palamu districts
किसान के खेत में नीलगाय (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : May 5, 2025 at 3:13 PM IST

3 Min Read
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गढ़वा: झारखंड के सूखा प्रभावित गढ़वा जिला में किसान जहां एक तरफ ससमय बारिश नहीं होने के कारण खेती से विमुख होते जा रहे हैं. वहीं दूसरी ओर खेती नहीं करने की एक और वजह उन्हें मिल गयी है और वह नीलगाय है. जो उनकी थोड़ी बहुत खेती को पूरी तरह बर्बाद कर दे रहा है. यह स्थिति उत्तरी वन प्रमंडल के क्षेत्रों में ज्यादातर देखा जा रहा है. अब वन विभाग इन नीलगायों को पकड़ कर कहीं दूसरी जगह शिफ्ट करना चाह रहा है.

दोहरी मार झेल रहे किसान

सिचाई की कोई सुविधा नहीं होने की स्थिति में बारिश आधारित खेती करने वाले गढ़वा के किसान पूरी खेती कभी नहीं कर पाते, क्योंकि उनका पैदावार पानी बिना मारा जाता है. लेकिन अगर कभी कुछ खेती कर भी लिए तो वह भी उनके हाथ नहीं आ रहा है. क्योंकि उसे नीलगायों द्वारा रौंद दिया जा रहा है. हम बात कर रहे हैं जिला के कांडी, बरडीहा, विशुनपुरा, भवनाथपुर जैसे प्रखंड क्षेत्र की. जहां नीलगाय की वजह से किसान परेशान हैं पर इसका इलाज कुछ भी नहीं है. इस हालात से किसान पूरी तरह आजिज हो गए हैं और उनके द्वारा खेती तो की जा रही है लेकिन नीलगायों से फसल को बचाने के लिए किसानों को दिन रात निगरानी करनी पड़ रही है.

गढ़वा और पलामू में नीलगाय के आतंक से किसान परेशान (ETV Bharat)

नीलगायों से खेती बचाने के लिए किसान कर रहें कई उपाय

विशुनपुरा प्रखंड के कर्णपुरा गांव के दर्जनों किसानों द्वारा सब्जी की खेती लगाया गया है. लेकिन इस फसल को नीलगायों से बचाने के लिए किसानों को कई तरह के उपाय करने पड़ रहें हैं. किसान एक तरफ खेतों का घेराबंदी के साथ साथ रातभर खेत की निगरानी कर रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ खेती के आस पास बल्ब जलाकर रखना ताकि प्रकाश की वजह से खेतों तक नीलगाय न पहुंचे. ऐसे में देखा जाए तो किसान नीलगाय के आतंक से ज्यादा परेशान हैं.

नीलगायों को अन्य जगहों पर शिफ्ट करने पर विचार

वन विभाग की मानें तो गढ़वा और पलामू दोनों जिला में नीलगायों से परेशानी है. इसलिए विभाग लगभग एक हजार नीलगायों को पकड़ कर दूसरे जगह शिफ्ट करना चाह रहा है. इसके लिए गढ़वा उत्तरी वन प्रमंडल के डीएफओ द्वारा पत्राचार भी किया गया है. हालांकि यह कम बहुत ही कठिन है फिर भी डीएफओ द्वारा बताया गया कि आदेश मिलने के बाद इसपर काम किया जाएगा. जिसके लिए केज की व्यवस्था की जाएगी, साथ ही नीलगायों को पकड़ने के लिए देसी तकनीक का भी प्रयोग किया जाएगा. साथ ही किसानों को मुआवजा भी जल्द मिले उसका भी प्रयास किया जा रहा है.

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