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हजारीबाग में उत्पाद विभाग की बड़ी कार्रवाई, 400 पेटी अवैध शराब बरामद

हजारीबाग में उत्पाद विभाग ने 40 लाख की शराब जब्त किया है. डाक कंटेनर का लोगो लगा कर तस्करी की जा रही थी.

Excise department seized liquor worth 40 lakhs in Hazaribag
पुलिस की गिरफ्त में अपराधी (ईटीवी भारत)
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By ETV Bharat Jharkhand Team

Published : July 12, 2025 at 6:57 PM IST

3 Min Read
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हजारीबागः शराब के अवैध कारोबारी हर दिन नए हथकंडे अपना कर शराब का गोरखधंधा कर रहे हैं. हजारीबाग उत्पाद विभाग को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब डाक विभाग का लोगो और बैनर लगाकर 40 लाख रुपए का अवैध शराब तस्करी करते हुए पकड़ा.

हजारीबाग उत्पाद विभाग के लिए शुक्रवार का दिन बेहद खास रहा है. लगभग 40 लाख रुपए का अवैध शराब जब्त किया है. महत्वपूर्ण बात यह है कि अवैध शराब डाक विभाग का लोगो का उपयोग करके अवैध कारोबारी तस्करी कर रहे थे. उत्पाद विभाग को गुप्त सूचना मिली थी कि भारी मात्रा में शराब की तस्करी की जा रही है. इस सूचना के आलोक में छापेमारी कर शराब बरामद किया गया है.

जानकारी देते शिवकुमार साहू, सहायक उत्पाद आयुक्त (ईटीवी भारत)

उत्पाद विभाग की टीम ने बरही के तिलैया रोड पर एक डाक पार्सल कंटेनर को जब्त किया. कंटेनर पर डाक विभाग का लोगो लगा था, जिससे विभाग को धोखा देने का प्रयास किया गया था. जांच के दौरान कंटेनर से हरियाणा और पंजाब के लिए चिह्नित "फॉर सेल इन हरियाणा/पंजाब" लिखी गई 400 पेटी अवैध शराब बरामद की गई, जिसकी बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 40 लाख रुपये आंकी गई है.

वाहन चालक को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया. पूछताछ में चालक ने बताया कि यह कंटेनर उसे रांची टोल टैक्स पर सौंपा गया था और उसे इसे पटना ले जाने के लिए कहा गया था. चालक ने मोंटी नामक व्यक्ति का नाम उजागर किया है, जो इस पूरे तस्करी का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है.

सहायक उत्पाद आयुक्त शिवकुमार साहू ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर तत्काल कार्रवाई की गई. जब वाहन को रोका गया तो चालक ने कंटेनर में मारुति गाड़ियों के पार्ट्स होने की बात कही, परंतु जब तलाशी ली गई तो उसमें से भारी मात्रा में शराब की पेटियां मिलीं.

उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई से करीब 80 लाख रुपये की क्षति तस्करों को पहुंचाई गई है, जिसमें 40 लाख की शराब और 40 लाख का वाहन शामिल है. आशंका भी जताई जा रही है कि आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को देखते हुए राज्य में शराब खपाने की तैयारी की जा रही थी. उत्पाद विभाग अब मोंटी और उसके नेटवर्क की तलाश में जुट गई है.