मिजोरम-असम को जोड़ने वाले रेलवे स्टेशन बइरबी पहुंचा ईटीवी भारत, तीन राज्य और दो देशों के लोगों को मिलेगी ट्रेन की सुविधा
13 सितंबर को पीएम मोदी बइरबी से सैरांग रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे. ट्रेन के संचालन से तीन राज्यों और दो देश को फायदा होगा.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : August 29, 2025 at 6:27 PM IST
मिजोरम : मिजोरम की सीमा अपने तीन पड़ोसी राज्यों के साथ ही दो देशों से लगती है. इनमें त्रिपुरा, असम और मणिपुर राज्य शामिल हैं. जबकि बांग्लादेश और म्यांमार की सीमाएं भी मिजोरम से लगती हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 सितंबर को मिजोरम के बइरबी से सैरांग तक 51 किमी. नई रेल लाइन का उद्घाटन करेंगे. ट्रेन से लोगों का मिजोरम की राजधानी आइजोल तक पहुंचना काफी आसान हो जाएगा. असम और मिजोरम को जोड़ने वाले रेलवे स्टेशन बइरबी से देखिए ईटीवी भारत की रिपोर्ट.
अभी तक मिजोरम के बइरबी तक ही ट्रेन कनेक्टिविटी है. असम के सिलचर से सीधी ट्रेन बइरबी तक आती है. बइरबी से राजधानी आइजोल तक जाने के लिए लोगों को सड़क मार्ग ही एक विकल्प बचता है. लेकिन 13 सितंबर के बाद सिलचर से यात्री ट्रेन से सीधे मिजोरम के सौरांग तक पहुंच सकेंगे. सौरांग से आइजोल की दूरी 28 किमी. है. आइजोल का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन सौरांग है.
समय के साथ पैसे की भी होगी बचत : खास बात ये है कि सड़क मार्ग से सिलचर से आइजोल तक जाने के लिए 1000 रुपए खर्च करने पड़ते हैं. ट्रेन से जाने के लिए सिर्फ 100 से 150 रुपए खर्च करने पड़ेंगे. सिलचर से बइरबी रेलवे स्टेशन की दूरी करीब 100 किलोमीटर है, जिसके लिए यात्रियों को ट्रेन से सिर्फ 25 रुपए खर्च करने पड़ते हैं. ट्रेन के संचालन से असम और मिजोरम की दूरी काफी कम हो जाएगी. साथ ही लैंड स्लाइड और खराब मौसम का भी डर नहीं रहेगा. समय के साथ पैसे की भी बचत होगी.
मिजोरम और असम के बीच व्यापार होगा बेहतर : मिजोरम और असम की ट्रेन कनेक्टिविटी का सीधा फायदा आम जनता को मिलेगा. अभी तक सड़क मार्ग से बाजार में आने वाली जो वस्तुएं काफी महंगी हो जाती हैं. ट्रेन कनेक्टिवीटी होने से सामान भी आसानी से बाजार तक पहुंच सकेगा. ट्रेन का किराया कम होने से सामान पर लगने वाला अतिरिक्त टैक्स भी नहीं लगेगा, जिससे सामान सस्ते में मिल जाएगा. साथ ही अभी तक सड़क मार्ग से बाजार तक सामान के पहुंचने में कई-कई दिन लग जाते हैं. ट्रेन की सुविधा होने से सामान भी समय से पहुंच जाएगा, जिससे आम लोगों को काफी सुविधा हो जाएगी. छोटे-छोटे उद्योग धंधों में भी बढ़ोतरी होगी. ट्रेन कनेक्टिविटी होने से इन्फ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत होगा.

पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा : अभी तक देश के कई राज्यों से आइजोल तक पहुंचने में काफी संघर्ष करना पड़ता है. इसका मिजोरम को काफी नुकसान उठाना पड़ता है. राजधानी आइजोल तक ट्रेन का संपर्क बेहतर होने से यहां का पर्यटन बढ़ेगा. मिजोरम जिसे द लैंड ऑफ हिल्स कहा जाता है तो इसकी खूबसूरती निहारने के लिए दूरदराज से पर्यटक आएंगे. यहां की सभ्यता, संस्कृति को समझने के लिए लोग पहुंचेंगे तो इसका फायदा मिजोरम की मिलेगा.

