इटावा में यादव कथावाचक जिस ब्राह्मण के घर कथा कहने गए, उस परिवार से जानिए क्या है पूरा विवाद
कथावाचक और उनके सहयोगी की चोटी काटकर महिला के पैरों पर नाक रगड़वाने का मामला, परिवार बोला- दोनों का व्यवहार ठीक नहीं था.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : June 24, 2025 at 8:42 PM IST
इटावा : 'महात्मा जी ने भागवत कथा कहने के लिए बुलाया था. कथावाचक ने पूजा करवाई, उनका तरीका गलत था. उन्हें खाने पर बुलाया तो हाथ पकड़ लिया. बच्चों को इसकी जानकारी दी तो उन्होंने माफी मंगवाई. हम चाहते हैं कि दोनों को सजा मिले. इनके आधार कार्ड फर्जी हैं. ये दोनों फर्जी कथा व्यास हैं. इन्होंने मेरा लाखों का नुकसान कर दिया'.
ये आरोप बकेवर थाना क्षेत्र के दादरपुर गांव की उस परिवार की महिला रेनू तिवारी का है, जिनके घर यादव कथा वाचक मुकुट मणि अपने सहयोगियों के साथ कथा कहने पहुंचे थे. मामले ने अब सियासी रंग ले लिया है. यह विवाद यादव बनाम ब्राह्मण हो गया है. ईटीवी भारत की टीम मामले से जुड़ा दूसरा पहलू जानने के लिए दादरपुर पहुंची. इस दौरान रेनू और उनके पति ने कथा वाचक व उनके सहयोगियों पर गंभीर आरोप लगाए.
'इतनी बुरी सजा मिले कि कहीं मुंह दिखाने लायक न रहे' : रेनू तिवारी ने कहा कि मेरी भागवत खंडित हो गई. हरिद्वार से बच्चों की पढ़ाई बंद कराकर कथा के लिए गांव लेकर आए थे. मेरा कम से कम दो लाख का नुकसान हो गया. ये कौन भरेगा. इन दोनों (कथा वाचक और उनके सहयोगी) को इतनी बुरी सजा मिलनी चाहिए कि मुंह दिखाने के लायक न रहे. एसएसपी ने आश्वासन दिया है. इस मामले पर राजनीति नहीं करनी चाहिए. मुझे भागवत खंडित होने का अफसोस है.
'बदतमीजी की तो घर से उठवा लेंगे' : रेनू के पति जय प्रकाश तिवारी ने बताया कि 'हमें परीक्षित के लिए चुना था. हम इसका पालन कर रहे थे. कथा से पहले कलश यात्रा निकल रही थी. वह (कथावाचक) मेरी बीवी से गलत व्यवहार कर रहे थे. हमने कहा ऐसा क्यों कर रहे हैं ते कहने लगे कि तुम भी तिवारी हो, हम भी तिवारी हैं. पत्नी ने मुझे उनकी (कथावाचक) की हरकत के बारे में बताया तो मैंने उनसे शिकायत की. फिर कहने लगे कि हमारी सपा मुखिया से पहचान है, बदतमीजी की तो घर से उठवा लेंगे. हम यादव हैं'.

इसके बाद हमने कहा कि आप भागवत कहने आए हैं तो हमें ऐसी धमकी क्यों दे रहे है?, हमें जाति से क्या लेना?. साधु और यज्ञाचार्य की क्या जाति होती है?. वे दोनों अभद्र थे. अब ये वायरल हो रहे हैं. इनके कई पुराने कृत्य हैं. एसएसपी से हम मिले हैं. उन्होंने कहा कि तुम्हारी बात सुनी जाएगी. कथावाचकों ने मारपीट करने समेत अन्य जो भी आरोप लगाए हैं, सब निराधार हैं, बिल्कुल मिथ्या है.
ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी बोले-घटना का आधा सच लोगों को दिखाया गया : ब्राह्मण समाज महासभा के प्रदेश अध्यक्ष अरुण दुबे का कहना है कि घटना का आधा सच लोगों को दिखाया गया. बिना पूरा सच जाने ब्राह्मण समाज के लोगों के साथ कार्रवाई की गई. इससे ब्राह्मण समाज आक्रोशित है. हमारे लोगों ने चोटी काट दी तो यह अपराध है, लेकिन शुरुआत कथावाचक ने की. सपा के जिलाध्यक्ष से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष तक ब्राह्मण के खिलाफ राजनीति कर रहे हैं. यादव कथावाचक की बात मानकर एसएसपी पर प्रेशर बना दिया. सपा और प्रशासन दोनों दोषी हैं.
ब्राह्मण समाज महासभा महिला इकाई की जिला अध्यक्ष पूनम तिवारी का कहना है कि हमारे समाज के बच्चों को जेल भेज दिया गया. कप्तान साहब को दोनों पक्षों को बैठाकर बात करनी चाहिए थी. कथा वाचक धोखेबाज हैं. हम जिले की ब्राह्मण समाज की सभी महिलाओं से अपील करते हैं कि सभी उस गांव में पहुंचे. सच्चाई लोगों के सामने लाएं.

एसएसपी बोले- मीडिया सेल ने स्वत: संज्ञान लिया, जारी रहेगी कार्रवाई : सोशल मीडिया पर सोमवार की सुबह एक वीडियो वायरल हुआ. मीडिया सेल ने इसका स्वत: संज्ञान लिया था. मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक और क्षेत्राधिकारी गए थे. जांच में पता चला कि गांव में भागवत कथा हो रही थी, कथा वाचक ने अपनी जाति छिपाई, इसलिए उनके साथ मारपीट की गई. पीड़ित की पहचान कर उनसे तहरीर ली गई. मुकदमा दर्ज कराया गया.
एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी समेत 4 को गिरफ्तार कर लिया गया. मंगलवार को सभी आरोप जेल भेज दिए गए हैं. एक प्रतिनिधिमंडल हमसे मिला. उन्होंने कथावाचक पर भी कार्रवाई की मांग की. मामले में आगे भी कार्रवाई जा रहेगी.
कथावाचक बोले- हम पर पेशाब फेंका, बंदी बनाकर रखा : कथा वाचक मुकुट मणि सिंह यादव ने लखनऊ में ईटीवी भारत को बताया कि मैंने पहले दिन दादरपुर में कथा कही. इसके बाद मुझे भोजन पर बुलाया गया. कुछ लोग पूछने लगे कि मेरी जाति क्या है तो मैंने कहा यादव. इसके बाद वे कहने लगे कि तुम्हें कथा कहने के लिए नहीं आना था. इस पर मैंने कहा कि आपने बुलाया है. फिर कहने लगे कि अब दूसरा ब्राह्मण आएगा वो कथा कहेगा. तुम यादव हो, कथा के लायक नहीं हो. इसके बाद हमारी चेन छीन ली. 25 हजार रुपये भी ले लिए.

'हम जीवित रहेंगे तो कथा सुनाएंगे न' : कथा वाचक ने आगे के घटनाक्रम के बारे में बताया. कहा कि हमें बंदी बनाया गया. मारपीट भी की गई. इसके बाद छोड़ा गया. इसके बाद हम लोग जाने लगे, इस बीच कुछ लोग कहने लगे कि ये ऐसे ही निकले जा रहे हैं, इनकी चोटी तो काट लो. हमारे व्यास पीठ पर पेशाब फेंका. गाड़ी की हवा निकाली. इससे पहले किसी ने हमसे कभी जाति नहीं पूछी. कथा सुनाने के सवाल पर कथा वाचक ने कहा कि हम जीवित रहेंगे तो कथा सुनाएंगे. भाजपा हमारी हत्या भी करवा सकती है.

विश्व यादव परिषद ने दी आंदोलन की चेतावनी : विश्व यादव परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवधेश यादव समर्थकों संग बुधवार को इटावा पहुंचे. उन्होंने पीड़ित कथावाचकों से मुलाकात की. उनसे घटना की पूरी जानकारी ली. हर संभव मदद का आश्वासन दिया. अध्यक्ष ने कहा कि यह घटना हत्या के प्रयास के बराबर है. आरोपियों पर इन्हीं धाराओं में मुकदमा भी दर्ज किया जाए. घटना से जुड़े अन्य आरोपी अभी बाहर घूम रहे हैं. पुलिस जल्द उन्हें गिरफ्तार करें, अन्यथा आंदोलन किया जाएगा.

कथावाचकों के समर्थन में किसान यूनियन ने खोला मोर्चा : कथावाचकों के अपमान के विरोध में कई संगठनों ने भी आवाज उठानी शुरू कर दी है. आम लोगों में इस घटना को लेकर रोष है. बुधवार को भारतीय किसान यूनियन (धरतीपुत्र) अराजनैतिक की ओर से शहर में प्रदर्शन किया गया. डीएम कार्यालय का घेराव कर पत्र भी सौंपा गया. चेतावनी दी गई कि यदि मामले में कठोर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा.
अब 21 जून को हुए घटनाक्रम के बारे में जानिए : इटावा के सिविल लाइन इलाके के जवाहरपुरा राजा का बाग के रहने वाले कथावाचक मुकुट मणि सिंह यादव अपने साथी औरैया के अछल्दा निवासी संत सिंह यादव और इटावा के बकेवर के रहने वाले श्याम कठेरिया के साथ दादरपुर में भागवत कथा कहने पहुंचे थे. इसकी बुकिंग पाठक बाबा के जरिए गांव निवासी पप्पू बाबा ने कराई थी. वहां कथावाचक और उनके सहयोगी की चोटी काट ली गई थी. मारपीट की गई थी. घटना के दो वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आए थे.
सोमवार की सुबह 8:24 बजे मुख्यालय पुलिस की सोशल मीडिया टीम को सोशल मीडिया एक्स के जरिए यह वीडियो मिला. इसके बाद पुलिस ने दादरपुर निवासी आशीष तिवारी (21), उत्तम अवस्थी (19), प्रथम दुबे (24) और निक्की अवस्थी (30) को गिरफ्तार कर लिया था. मामले में निक्की ही मुख्य आरोपी बताया जा रहा है.
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