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हाथियों का लगा मेला, किसी ने सूंड को बनाया शावर तो कोई सन बाथ का ले रहा मजा

बलौदा बाजार में हाथियों का मूवमेंट बढ़ने के बाद वन विभाग ने झुंड की निगरानी करनी शुरु कर दी है.

ELEPHANT MOVEMENT IN BALODA BAZAR
हाथियों का लगा मेला (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : October 9, 2025 at 1:46 PM IST

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बलौदा बाजार: जिले के जंगलों में पिछले कई सालों से हाथियों का एक स्थायी दल मूवमेंट कर रहा है. वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय ग्रामीणों की जानकारी के अनुसार जिले में लगभग 27 से 28 हाथियों का दल विभिन्न जंगलों में घूमा रहा है. इन हाथियों का मूवमेंट मुख्य रुप से बारनवापारा अभयारण्य और उसके आसपास के घने जंगलों में देखा गया है, लेकिन DFO ने बताया कि हाल के दिनों में इनका मूवमेंट कोठारी और सोनाखान रेंज के जंगलों की ओर भी बढ़ा है.

वन विभाग कर रहा झुंड की निगरानी: वन विभाग के अधिकारियों ने जिले में हाथियों की गतिविधियों पर सतत निगरानी बढ़ा दी है. इसके लिए विभाग ने हाईटेक कैमरा ट्रैप, मोबाइल पेट्रोलिंग और GPS ट्रैकिंग का सहारा लिया है. विभाग का उद्देश्य हाथियों के आवागमन को सुरक्षित बनाना और ग्रामीणों तथा फसलों को होने वाले नुकसान से बचाया जा सके.

हाथियों का लगा मेला (ETV Bharat)

बारनवापारा अभयारण्य जंगली जीवों के लिए मुफीद: डीएफओ ने कहा कि "बारनवापारा अभयारण्य और आसपास घने जंगल हैं. हमारे पास जिले में कुल 27 हाथियों का दल है. यह हाथी झुंड पिछले कई वर्षों से इस क्षेत्र में रहते आ रहे हैं. जंगलों में उनकी गतिविधि को नियंत्रित करना और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करना हमारी प्राथमिकता है."

हाथियों का मूवमेंट: हाथियों के मूवमेंट की निगरानी के लिए विभाग ने जंगलों में विशेष टीम और मोबाइल पेट्रोलिंग तैनात की है. इसके अलावा, हाथियों के संभावित मार्गों पर टेम्पररी बैरियर्स और नए रूट्स बनाए जा रहे हैं, ताकि मनुष्यों और हाथियों के बीच होने वाले संघर्ष को कम किया जा सके. घने जंगलों में हाथियों का दल अपने प्राकृतिक आवास में घूमते हुए वन विभाग के कैमरे में कैद हुआ है. वन विभाग और स्थानीय वन्यजीव प्रेमियों के अनुसार, इस दल में 27-28 हाथी शामिल हैं, जिनमें कई नन्हे हाथी भी हैं. हाथियों का ये दल तालाब में नहाते हुए भी कैमरे में कैद हो चुका है.

वन विभाग कर रहा अलर्ट: वन विभाग ने ग्रामीणों को हाथियों के आवागमन के प्रति जागरूक करने के लिए कई कदम उठाए हैं. ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है. रात के समय अंधेरे में घरों से बाहर निकलने से बचने की चेतावनी दी गई है. खेतों और खलिहानों में हाथियों की निकटता को देखते हुए सावधानी बरतने के लिए जानकारी दी जा रही है. व्हाट्सएप ग्रुप और स्थानीय बैठक के माध्यम से भी ग्रामीणों को लगातार अपडेट दिया जा रहा है. हाल ही में, बुधवार को हाथियों का झुंड ग्राम पठियापाली के आबादी क्षेत्र में देखा गया. ग्रामीणों को तुरंत सतर्क किया गया और उन्हें समझाया गया कि हाथियों से दूरी बनाए रखें.


हाथियों को यहां का जंगल बहुत पसंद है और यही कारण है कि वे कई वर्षों से बलौदा बाजार जिले में रहते आ रहे हैं. हमारी टीम का लक्ष्य है कि हाथियों का आवागमन सुरक्षित हो और ग्रामीणों और उनकी फसलों को कोई नुकसान न पहुंचे: गणवीर धम्मशील, DFO

हाथियों के झुंड को लेकर बरती जा रही सावधानी

  • वन विभाग ने हाथियों के सुरक्षित आवागमन और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाई है.
  • जंगलों में लगातार GPS ट्रैकिंग और कैमरा ट्रैप निगरानी जारी रहेगी.
  • ग्रामीणों को हाथियों के मार्ग और रात के समय सुरक्षा उपायों की जानकारी नियमित दी जाएगी.
  • विभाग स्थानीय किसानों के साथ सहयोग और जागरूकता कार्यक्रम चलाकर फसल सुरक्षा सुनिश्चित करेगा.
  • नए रूट्स और बैरियर्स के माध्यम से हाथियों के लिए सुरक्षित मार्ग बनाए जाएंगे.

हमारा प्रयास है कि हाथियों और मानव समुदाय के बीच सहयोग और सह-अस्तित्व कायम रहे. ग्रामीणों की सुरक्षा और हाथियों के आवागमन दोनों को ध्यान में रखते हुए हम पूरी टीम के साथ सतर्कता बरत रहे हैं: गणवीर धम्मशील, DFO

DFO गणवीर धम्मशील ने कहा, “हमें यह सुनिश्चित करना है कि हाथियों का मूवमेंट सुरक्षित हो और ग्रामीणों, बच्चों तथा किसानों को किसी भी तरह का खतरा न पहुंचे. इसलिए हमने ग्रामीणों को जागरूक किया है कि खेतों और खलिहानों में हाथियों के पास न जाएं और रात के समय अंधेरे में घरों से बाहर न निकलें. हाथियों की सुरक्षा और मानव सुरक्षा दोनों हमारी प्राथमिकता हैं. हमारा प्रयास है कि हाथियों और स्थानीय समुदाय के बीच सहयोग और सह-अस्तित्व कायम रहे. जंगलों में हाथियों का सुरक्षित आवागमन न केवल वन्यजीव संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह जैव विविधता और पारिस्थितिकी के संतुलन के लिए भी आवश्यक है.

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