अब ड्रोन AI से बताएगा आपकी सेहत का हाल; आपदा में मिलेगी मदद, IIT BHU ने तैयार किया मॉडल
आईआईटी बीएचयू के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अजय प्रताप ने कहा यह रिसर्च पूरी तरीके से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर आधारित है.

By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 2, 2025 at 7:40 PM IST
वाराणसी: वाराणसी के IIT BHU में एक नया डिवाइस तैयार किया है. ये ड्रोन AI लोगों का मेडिकल चेकअप करेगा. इस तकनीक की मदद से आपदा में फंसे हुए लोगों की स्वास्थ्य की देखभाल की जा सकेगी.
IIT BHU के वैज्ञानिकों की मानें तो देश में पहली बार इस तरीके का शोध किया जा रहा है. इसे यूनेस्को ने भी सराहा है. इसमें ड्रोन के जरिए आपदा में फंसे लोगों का सेहत की जांच की जाएगी.
उनकी रिपोर्ट अस्पताल में भेजी जा सकेगी. वहीं ड्रोन के जरिए उनको दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इस तकनीक की मदद से जहां लोग नहीं पहुंच सकते हैं. वहां यह डिवाइस पहुंच जाएगा. टनल या आपदा में फंसे हुए मरीजों को देखकर उनकी सेहत के बारे में जानकारी मिलेगी.
यह डिवाइस बताएगी कि आपदा में फंसे लोग किस स्थिति में है. उनकी सेहत कैसी है. इस डिवाइस को आईआईटी बीएचयू के कंप्यूटर एवं इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अजय प्रताप के नेतृत्व में उनकी टीम ने किया है.

उन्होंने बताया कि यह एक यूवी प्रणाली पर आधारित मॉडल है. इसमें ड्रोन और सेंसर का सहारा लिया जा रहा है. ड्रोन के जरिए हम आपदा पीड़ित स्थान पर सेंसर को भेजेंगे और वहां मौजूद लोगों के स्वास्थ्य की जांच करेंगे. यही नहीं स्वास्थ्य की जांच के बाद आने वाले रिपोर्ट को ड्रोन के जरिए ही अस्पतालों तक पहुंचाया जाएगा. वहां से दवाएं ली जाएंगी और उनको पीड़ित लोगों को पहुंचाया जाएगा.

इस ड्रोन में अलग-अलग तरीके के वायर और स्ट्रिप्स होंगे, जो फंसे लोगों के पास जाकर नीचे गिरेगे. जैसे ही लोग उसे अपनी कलाई पर उंगलियों पर लगाएंगे, वैसे उनकी बीपी, पल्स रेट, स्ट्रेस, शरीर का तापमान उनके सांस की गति इत्यादि के बारे में जानकारी मिल जाएगी.
यह मेडिकल रिपोर्ट क्लाउड सर्वर से सीधे नजदीकी अस्पताल में पहुंच जाएगी. वहां पर पहले से ही एक डिकोड सिस्टम होगा. इसके जरिए अस्पताल के डॉक्टर मरीज के स्वास्थ्य के बारे में जानकर उसी अनुसार उन्हें दवा दे सकेंगे और ड्रोन दवा को उन व्यक्तियों तक पहुंचाएगा.

यूनेस्को ने भी की है सराहना: डॉ. अजय प्रताप ने बताया कि इस ड्रोन के पूरे सेटअप से पहाड़ी क्षेत्र या फिर टनल में फंसे लोगों की मदद होगी. जहां लोग नहीं पहुंच सकते, वहां पर हम अपने नए मॉडल के जरिए पूरी मेडिकल फैसिलिटी उपलब्ध करा सकेंगे. यह मॉडल भारत सरकार के रिमोट हेल्थ मॉनिटरिंग कार्यक्रम में भी सहायक सिद्ध होगा.
उन्होंने कहा कि इस ड्रोन सेटअप को तैयार करने का काम उनके शोध छात्रा श्रुति और शिल्पी ने किया है. इस काम के लिए उन्हें थाईलैंड में हुए यूनेस्को ग्लोबल फोरम में भी सराहा गया.
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