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देहरादून में सबसे जहरीले सांप ने युवक को डसा, 6 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट में रखने पर बच पाई जान

दून अस्पताल के डॉक्टरों ने तमाम प्रयासों के बाद सर्पदंश पीड़ित युवक की बचाई जान, 6 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा

krait Snake bite in Dehradun
दून अस्पताल में युवक (फोटो- Doctor of Doon Hospital)
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : June 29, 2025 at 8:48 PM IST

3 Min Read
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देहरादून: राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल के डॉक्टरों ने एक सर्पदंश पीड़ित युवक की तमाम प्रयासों के बाद जान बचा ली है. युवक को 6 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. साथ ही एंटी स्नेक वेनम की 10 शीशियां दी गई. युवक को सांप ने उस वक्त डसा, जब वो अपने घर पर सोफे पर बैठा हुआ था. उसे भारत के सबसे जहरीले सांपों में गिने जाने वाले करैत सांप ने डसा था. जिसके डसने पर जान बचने की उम्मीद काफी कम ही रहती है.

जानकारी के मुताबिक, बीती 26 जून को देहरादून के इंदिरा नगर के रहने वाले 17 वर्षीय युवक को दाहिने हाथ के अंगूठे पर करैत सांप ने डस लिया था. जिससे उसकी तबीयत बिगड़ने लगी. तबीयत ज्यादा खराब होने पर युवक को परिजनों ने दून अस्पताल में भर्ती कराया. दून अस्पताल के डॉक्टरों के मुताबिक मरीज को दाहिने हाथ पर खुजली और जलन की शिकायत थी.

जांच करने पर दाहिने हाथ के अंगूठे के आधार पर सांप के दांत के निशान पाए गए. भर्ती के दौरान युवक की कंडीशन स्थिर थी, लेकिन अचानक से मरीज को सांस लेने में तकलीफ होने लगी. डॉक्टरों ने सर्प दंस से पीड़ित युवक को 6 घंटे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा और ऑक्सीजन दिया. इलाज के दौरान मरीज को एंटी स्नेक वेनम की 10 शीशियां दी गई. अगले दिन मरीज ने आंखें खोलने में असमर्थता जताई. उसको कमजोरी और गर्दन की मांसपेशियों में दर्द की शिकायत थी.

इसके बाद युवक का इलाज कर रहे डॉक्टरों ने नियोस्टिग्माइन इंजेक्शन और अट्रोपिन की खुराक दी. इसके बाद स्थिति सामान्य होने पर मरीज को बीते रोज अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. युवक का इलाज करने वालों में पीडियाट्रिक डिपार्टमेंट के एचओडी डॉ. अशोक कुमार, डॉ. गौरव मखीजा, डॉक्टर पूजा और डॉक्टर प्रमोद टम्टा शामिल रहे.

युवक को सांप ने कैसे डसा? डॉ. अशोक ने बताया कि युवक इंदिरा नगर स्थित अपने घर के फर्स्ट फ्लोर में सोफे पर बैठा हुआ था, जब उसने सोफे से हाथ नीचे किया, तभी सांप ने उसे डस लिया. जब युवक को अस्पताल लाया गया तो उसमें सीएनएस लक्षण थे और वो अचेत अवस्था में था.

युवक को सांस लेने में दिक्कत हो रही थी. उसके रेस्पिरेटरी सिस्टम में भी सांप के डसने से प्रभाव पड़ गया था. ऐसे में उसे 6 घंटे के लिए वेंटिलेटर सपोर्ट में भी रखा गया. डॉक्टर लगातार उसकी तबीयत पर नजर बनाए रखे. आखिरकार मरीज की हालत में सुधार होने के बाद उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

करैत सांप के बारे में जानिए: करैत सांप भारत में पाया जाने वाला एक जहरीला सांप है. इसके दो प्रमुख प्रकार पाए जाते हैं, जिनमें कॉमन करैत और बैंडेड करैत शामिल है. यह खेत, जंगल, गांव और मानव बस्तियों के पास रहता है. जो यह अक्सर घरों में घुस जाता है, खासकर रात के समय बाहर निकलता है. करैत सांप न्यूरोटॉक्सिक (तंत्रिका तंत्र को प्रभावित करने वाला) जहर होता है.

करैत के काटने से लकवा, सांस लेने में तकलीफ और मौत हो सकती है. काटने का दर्द आमतौर पर कम होता है, जिसके कारण पीड़ित को तत्काल खतरे का अहसास नहीं होता, लेकिन जब तक पता चलता है तब तक देर हो चुकी होती है. यह आमतौर पर चमकीला काला, भूरे रंग का होता है. जिसमें पीली चौड़ी धारियां होती है.

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