'इलाज कीजिए, रेफर नहीं', मुजफ्फरपुर सदर अस्पताल के डॉक्टरों की डीएम ने लगाई क्लास - Sadar Hospital In Muzaffarpur
Inspection At Sadar Hospital: मुजफ्फरपुर में डीएम सुब्रत कुमार सेन अचानक सदर अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए, जहां उन्होंने ने डॉक्टरों की लापरवाही को देखते सभी की जमकर क्लास लगाई. इस दौरान 8 डॉक्टर होने के बावजूद जीरो ऑपरेशन होने पर उन्होंने नाराजगी जताई. आगे पढ़ें पूरी खबर.

Published : April 18, 2024 at 2:57 PM IST
मुजफ्फरपुर: बिहार के मुजफ्फरपुर में डीएम सुब्रत कुमार सेन ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने काफी नाराजगी जाहिर की. ऑपरेशन थियेटर में निरीक्षण के दौरान विफरे दिखाई दिए. सदर अस्पताल में साफ सफाई की व्यवस्था नहीं होने पर डीएम ने जमकर फटकार भी लगाई. इस दौरान अस्पताल में हड़कंप मचा रहा. सबसे पहले डीएम ने अस्पताल के ओपीडी का जायजा लिया, जहां उन्होंने मरीजों के बैठने की व्यवस्था और भीषण गर्मी में भी पंखा नहीं होने पर नाराजगी जाहिर की.
इमरजेंसी में नहीं हो रहा था इलाज: डीएम ने इमरजेंसी वार्ड का निरीक्षण किया, जहां डॉक्टर को मरीजों का पहले इलाज करने का निर्देश दिया. जिसके बाद उन्होंने जांच के क्रम में पाया कि सदर अस्पताल की इमरजेंसी में इलाज से पहले ही मरीज को मेडिकल रेफर कर दिया जा रहा था. इस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई. वहीं कोरिडोर में मरीजों के बैठने की सही व्यवस्था नहीं देख और बिजली के तारों को देखकर उन्होंने वायरिंग रोगी कल्याण समिति फंड से मरम्मत कराने का निर्देश दिया.
8 डॉक्टर होने के बावजूद जीरो ऑपरेशन: जब डीएम ने ओटी का निरीक्षण किया तो मरीज का ऑपरेशन नहीं होने का कारण एनेस्थीसिया के डॉक्टर को जमकर फटकार लगाई. डीएम ने बताया कि सदर अस्पताल में पांच सर्जन और तीन एनेस्थीसिया के डॉक्टर होने के बाबजूद ऑपरेशन नहीं हो रहा है. इसकी सीएस और सदर अस्पताल के अधीक्षक को समीक्षा कर रिपोर्ट मांगी गई है. साथ ही सख्त हिदायत दी गई है की अगर सदर अस्पताल में ऑपरेशन नहीं होगा तो इतने सर्जन क्यू रहेंगे, क्यूं नहीं उनका स्थानांतरण दूसरी जगह कर दिया जाए.
"मरीजों का इलाज कीजिए, उन्हें रेफर नहीं कीजिए सिर्फ क्रिटिकल कंडीशन होने पर ही रेफर करें. यहां आप हैं तो काम करना पड़ेगा. लैब में कौन कौन सी जांच की जा रही है, इसकी जानकारी दी जाए. अस्पताल में ऑपरेशन नहीं होगा तो इतने सर्जन क्यूं रहेंगे, क्यूं नहीं उनका स्थानांतरण दूसरी जगह कर दिया जाए."-सुब्रत कुमार, डीएम, मुजफ्फरपुर

