रोपवे से कैंची धाम: अब नैनीताल से कैंची धाम की यात्रा होगी आसान, नहीं लगेगा जाम
जिला पर्यटन विभाग ने राज्य पर्यटन विभाग को नैनीताल से कैंची धाम तक रोपवे का प्रस्ताव भेजा है

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : July 8, 2025 at 12:10 PM IST
|Updated : July 8, 2025 at 1:32 PM IST
नैनीताल: बाबा नीब करौरी के भक्तों और नैनीताल आने वाले पर्यटकों के लिए जल्द ही एक और बड़ी सुविधा मिलने की संभावना है. भविष्य में पर्यटक नैनीताल से कैंची धाम तक का सफर रोपवे के माध्यम से तय कर सकेंगे. जिला पर्यटन विभाग ने इस महत्वाकांक्षी योजना का प्रस्ताव तैयार कर राज्य पर्यटन विभाग को भेज दिया है.
नैनीताल से कैंची धाम तक रोपवे का प्रस्ताव: रोपवे निर्माण के लिए संभावित मार्ग, लागत और पर्यावरणीय पहलुओं का अध्ययन प्रस्ताव में शामिल किया गया है. जिला पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि नैनीताल होटल एसोसिएशन और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों की ओर से लंबे समय से यह मांग की जा रही थी कि बाबा नीब करौरी महाराज (नीम करोली) के प्रसिद्ध कैंची धाम तक पहुंचने के लिए वैकल्पिक और सुविधाजनक मार्ग विकसित किया जाए. वर्तमान में नैनीताल से कैंची धाम की दूरी सड़क मार्ग से करीब 17 किलोमीटर है, जिसे तय करने में पर्यटकों को काफी समय लगता है, खासकर भीड़भाड़ वाले दिनों में.
पर्यटन कारोबार को मिलेगा नया आयाम: पर्यटन अधिकारी अतुल भंडारी ने बताया कि-
प्रस्तावित रोपवे परियोजना से न सिर्फ श्रद्धालुओं और पर्यटकों को राहत मिलेगी, बल्कि नैनीताल का पर्यटन व्यवसाय भी एक नई ऊंचाई पर पहुंचेगा. इस परियोजना से नैनीताल में रुकने वाले पर्यटकों की संख्या बढ़ेगी और होटल व्यवसाय, टैक्सी सेवाओं, स्थानीय हस्तशिल्प और खानपान से जुड़े कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा. यह रोपवे विदेशी पर्यटकों को भी आकर्षित करेगा, जो बाबा नीब करौरी महाराज के भक्त हैं और हर साल बड़ी संख्या में कैंची धाम आते हैं.
-अतुल भंडारी, जिला पर्यटन अधिकारी, नैनीताल-
भौगोलिक और तकनीकी सर्वे जल्द: रोपवे के लिए संभावित रूट नैनीताल के हनुमानगढ़ क्षेत्र से कैंची धाम तक प्रस्तावित किया गया है. यह क्षेत्र भौगोलिक रूप से उपयुक्त माना जा रहा है, क्योंकि यह कैंची धाम के काफी करीब है और यहां से सीधा मार्ग बनाना संभव हो सकता है. जिला प्रशासन जल्द ही तकनीकी विशेषज्ञों के साथ स्थल निरीक्षण और भू-सर्वेक्षण कराएगा, ताकि प्रस्ताव को व्यावहारिक और टिकाऊ बनाया जा सके.
प्रकृति और आस्था का संगम: इस प्रस्तावित रोपवे मार्ग से पर्यटक प्रकृति के मनोरम दृश्यों का आनंद लेते हुए कैंची धाम तक की यात्रा कर सकेंगे. यह यात्रा रोमांच और आध्यात्म का अद्वितीय संगम होगी. रोपवे से पहाड़ों, जंगलों और घाटियों का विहंगम दृश्य देखने का अनुभव मिलेगा, जो निश्चित ही पर्यटकों के लिए यादगार होगा.
पर्यावरणीय स्वीकृति और लागत: परियोजना की लागत का आकलन अभी किया जा रहा है. शुरुआती अनुमान के अनुसार यह करोड़ों रुपये में हो सकता है. चूंकि यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टिकोण से संवेदनशील है, इसलिए रोपवे निर्माण से पहले वन एवं पर्यावरण विभाग की मंजूरी आवश्यक होगी. प्रस्ताव में यह सुनिश्चित किया गया है कि निर्माण कार्य से जैव विविधता और स्थानीय पारिस्थितिकी को नुकसान न हो.
रोपवे प्रस्ताव की खबर फैलते ही स्थानीय व्यापारियों, होटल संचालकों और श्रद्धालुओं में खासा उत्साह है. कैंची धाम में हर साल जून महीने में आयोजित वार्षिक मेले के दौरान लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. इससे नैनीताल-हल्द्वानी-कैंची मार्ग पर भारी जाम लगता है. रोपवे इस भीड़ को भी नियंत्रित करने में मददगार साबित होगा. यदि सरकार इस परियोजना को मंजूरी देती है, तो यह उत्तराखंड के पर्यटन ढांचे में एक ऐतिहासिक पहल साबित हो सकती है. नैनीताल और कैंची धाम के बीच यह रोपवे न केवल आवाजाही को आसान बनाएगा, बल्कि इस क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन का बड़ा केंद्र भी बना देगा.
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