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चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा, स्वच्छता रैंकिंग पर विपक्ष ने उठाए तीखे सवाल, आउटसोर्स कर्मचारियों का भी किया समर्थन

नगर निगम बैठक में वेतन, स्वच्छता रैंकिंग और निजीकरण पर विवाद; मेयर ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए छह माह के कार्य गिनाए.

चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में हंगामा (Etv Bharat)
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By ETV Bharat Haryana Team

Published : July 29, 2025 at 6:56 PM IST

3 Min Read
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चंडीगढ़: नगर निगम सदन की बैठक में मंगलवार को जमकर हंगामा हुआ. सभी पार्टी के पार्षदों ने निगम अधिकारियों की कार्यप्रणाली और शहर की स्थिति को लेकर कड़े सवाल खड़े किए. वहीं आउटसोर्स कर्मचारियों की सैलरी, स्वच्छता रैंकिंग और कम्युनिटी सेंटरों के मुद्दे पर विपक्ष और सत्ता पक्ष आमने-सामने नजर आए.

एसी में बैठते अफसर, तनख़्वाह को तरसते सफाईकर्मी

चंडीगढ़ की आज हाउस मीटिंग में न सिर्फ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के पार्षद मेयर और अधिकारियों की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठा रहे थे, बल्कि भाजपा के पार्षद भी अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल-जवाब कर रहे थे. इस बीच शहर में काम करने वाले सफाई कर्मचारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की तनख़्वाह को लेकर सभी पार्षदों ने एकजुट होकर आवाज उठाई. भाजपा पार्षद कंवर राणा ने निगम अधिकारियों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अफसर एसी कमरों में बैठकर हर महीने की पहली तारीख को सैलरी ले लेते हैं, लेकिन आउटसोर्स कर्मचारी तीन महीने से वेतन का इंतजार कर रहे हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इन कर्मचारियों की मांगें नहीं मानी गईं तो वे हड़ताल पर चले जाएंगे और पूरा शहर ठप हो जाएगा. राणा ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारियों को वार्ड की समस्या हल करने में 10 से 15 दिन लग जाते हैं. अगर कम्युनिटी सेंटरों के रेट बढ़ाए गए, तो हम अधिकारियों के घरों का घेराव करेंगे.

कांग्रेस और 'आप' ने उठाए बड़े सवाल

कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत गाबी ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में फर्क साफ दिख रहा है. उन्होंने सवाल किया कि सीवर कर्मचारियों को वेतन क्यों नहीं दिया जा रहा और क्यों निगम के कर्मचारी भ्रष्टाचार में लिप्त हैं? साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कम्युनिटी सेंटरों में जिम को निजी हाथों में देना गलत फैसला है.आप पार्षद प्रेमलता ने स्वच्छता रैंकिंग पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जब पूरे शहर में कूड़े के अंबार लगे हैं, तब चंडीगढ़ स्वच्छता में 2 नंबर पर कैसे आ गया? प्रेमलता ने यह भी जानना चाहा कि रैंकिंग की कैटेगरी क्यों बदली गई और कहा कि मेयर को जनता के सामने जवाब देना चाहिए.

मेयर बबला का पलटवार, विपक्ष पर साधा निशाना

नगर निगम सदन की यह बैठक एक बार फिर इस बात का उदाहरण बनी कि चंडीगढ़ की राजनीति में पारदर्शिता और जनहित के मुद्दे किस तरह से आपसी आरोप-प्रत्यारोप की भेंट चढ़ जाते हैं. अब देखना होगा कि कर्मचारियों और जनता से जुड़े इन गंभीर मुद्दों पर प्रशासन क्या ठोस कदम उठाता है. वहीं, मेयर हरप्रीत बबला ने विपक्ष के सभी आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि विपक्ष खुद ही शहर पर सवाल खड़े कर रहा है, जबकि मेरे छह माह के कार्यकाल में कई महत्वपूर्ण काम पूरे हुए हैं. उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष किसी भी मुद्दे पर गंभीर चर्चा नहीं होने देता, जिससे शहर का विकास प्रभावित हो रहा है.

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