डिंडोरी के बैगा आदिवासियों के बीच पहुंचे दिग्विजय सिंह, BJP नेता पर जमीन फर्जीवाड़े का बड़ा आरोप
डिंडौरी में बैगा जनजातियों की जमीन खरीद फ्रॉड का मामला गरमाया. दिग्विजय सिंह ने विधायक संजय पाठक पर आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी का लगाया आरोप.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : June 1, 2025 at 8:39 PM IST
|Updated : June 1, 2025 at 8:53 PM IST
डिंडोरी: मध्य प्रदेश के डिंडौरी में बैगाओं की जमीन की खरीद में फर्जीवाड़े के मामले ने तूल पकड़ लिया है. एमपी के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह रविवार को बजाग ब्लॉक के पिपरिया माल गांव पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकर की. उन्होंने चौपाल लगाकर मामले की पूरी जानकारी ली. उन्होंने विजयराघवगढ़ से विधायक संजय पाठक पर आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है. बता दें कि संजय पाठक के ऊपर आदिवासियों के साथ धोखाधड़ी से 781 एकड़ जमीन खरीदने का आरोप लग रहा है.
दिग्विजय सिंह ने चौपाल लगाकर सुनी समस्याएं
पिपरिया माल गांव में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह चौपाल लगाई, जिसमें उन बैगा और यादव परिवार को बुलवाया गया था, जिनके साथ जमीन खरीदी-बिक्री में फर्जीवाड़ा हुआ है. पूर्व सीएम सिंह के सामने बैगा जनजाति और यादव समाज के लोगों ने अपनी आपबीती बताई और सारे दस्तावेज भी दिखाए. उन्होंने बताया कि अब उनके पास कोई जमीन नहीं बची है. सारी जमीन फर्जी तरीके से उनसे खरीद ली गई है. पीड़ितों का आरोप है कि उन्होंने अपनी ढाई एकड़ जमीन बेची थी, लेकिन फर्जी तरीके से एक व्यक्ति से करीब 20 एकड़ की रजिस्ट्री करवा ली गई है.
'आदिवासियों के नाम पर औने-पौने दाम पर खरीदी गई जमीन'
दिग्विजय सिंह प्रेस वार्ता में बताया कि "इस जमीन की खरीद में कटनी जिले के रघुराज सिंह, राकेश, नत्थू और प्रहलाद जैसे नाम सामने आए हैं. इनमें से कई गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करते हैं और सरकारी योजनाओं का लाभ ले रहे हैं. सिंह का आरोप है कि ये सभी लोग संजय पाठक के नियंत्रण में हैं और किसी बाहरी व्यक्ति को इनसे मिलने नहीं दिया जा रहा."
डिंडौरी प्रशासन ने अब इस मामले में विस्तृत जानकारी के लिए कटनी प्रशासन से जवाब मांगा है. उन्होंने कहा कि "पाठक की कंपनी को बॉक्साइट खदान की अनुमति मिली है और इस प्रक्रिया में कटनी जिले के आदिवासियों के नाम पर औने-पौने दामों पर जमीन खरीदी गई. उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में धोखाधड़ी और दबाव के माध्यम से जमीन हड़पी गई है."

'फर्जी तरीके से कराई गई सारी रजिस्ट्रियां कैंसिल होनी चाहिए'
पूर्व सीएम सिंह ने कहा कि "खरीदने वाला दलाल और उसका मालिक जिसने झूठ फैलाकर आपकी जमीन की रजिस्ट्री कराई है, वो सारी रजिस्ट्रियां कैंसिल होनी चाहिए. जो 4 लोगों के नाम से जमीन खरीदी गई है. वो कटनी के रहने वाले हैं. वो आदिवासी हैं और उनके पास इतना पैसा कहां से आ गया कि उन्होंने 100 एकड़ से ज्यादा की जमीन खरीद ली."
दिग्विजय सिंह ने कहा कि "सुनने में आया है कि ये मामला राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू तक भी गया है. राष्ट्रपति भी आदिवासी हैं तो हमें उम्मीद है कि वो आदिवासियों के दर्द को समझेंगी और मामले को संज्ञान में लेकर आवश्यक कार्रवाई करेंगी." दिग्विजय सिंह ने आदिवासियों को आश्वस्त किया की कांग्रेस पार्टी उनके साथ है. न्याय मिलने तक ये लड़ाई लड़ी जाएगी.
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1 हजार एकड़ जमीन में निकला है बॉक्साइट
बता दें कि पिपरिया माल की लगभग 1000 एकड़ जमीन जिसमें बॉक्साइट निकला हैं, कटनी के 4 लोगों के नाम पर रजिस्ट्री कराई गई है. जिन जमीन को बैगाओं ने बेचा हैं उनमें प्रचुर मात्रा में बॉक्साइट निकला है. आरोप है कि 4 लोगों के नाम से डिंडोरी के बजाग निवासी एक दलाल के माध्यम से बॉक्साइट से भरी बैगाओं की बेशकीमती जमीन ठगी और ओने-पौने दाम में खरीदी गई.

