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दिग्विजय सिंह ने मोहन यादव को भेजी लिफाफा बंद चिट्ठी, नरवाई जलाने वालों के लिए स्पेशल डिमांड

मध्य प्रदेश में पराली जलाने वाले किसानों से वसूला जा रहा जुर्माना, दिग्विजय सिंह ने मोहन यादव को पत्र लिखकर कार्रवाई पर खड़ा किया सवाल.

DIGVIJAY LETTER MOHAN YADAV STUBBLE
दिग्विजय सिंह ने मोहन यादव को लिखी चिट्ठी (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Madhya Pradesh Team

Published : May 11, 2025 at 5:38 PM IST

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भोपाल: मध्य प्रदेश में तमाम सख्ती के बाद बड़ी संख्या में किसान नरवाई जला रहे हैं. ऐसे किसानों के खिलाफ जुर्माने की कार्रवाई के बाद अब किसान सम्मान निधि की सूची से भी नाम हटाए जा रहे हैं. उधर किसानों को नोटिस देकर उनसे जुर्माना वसूले जाने के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सदस्य दिग्विजय सिंह ने हस्तक्षेप किया है. उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखा है और कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं.

दिग्विजय सिंह ने नोटिस की कॉपी भेजी

दिग्विजय सिंह ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर इसमें सबूत के तौर पर एक नोटिस की कॉपी भी भेजी है. जुर्माने की यह कॉपी विदिशा जिले के कुरवाई तहसील स्थित ग्राम विशनपुर के किसान मनोज की है. संबंधित तहसील के तहसीलदार ने इस किसान को नरवाई जलाने को लेकर 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाने का नोटिस भेजा है. इस नोटिस की कॉपी पत्र के साथ भेजकर दिग्विजय सिंह ने कहा कि "इस तरह के नोटिस बगैर किसी जांच और स्थल सत्यापन के सिर्फ सैटेलाइट इमेज के आधार पर भेजे जा रहे हैं."

MADHYA PRADESH STUBBLE BURN CASE
प्रदेश में नरवाई जलाने वाले किसानों के खिलाफ हो रही सख्त कार्रवाई (ETV Bharat)

जुर्माने के आदेश को वापस लेने की मांग

वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा है कि "कई किसानों का कहना है कि उनके द्वारा खेतों में नरवाई नहीं जलाई गई, बल्कि किसी तरह उसमें आग लग गई, लेकिन फिर भी उनसे जुर्माना वसूला जा रहा है. उनका कहना है कि गर्मी के मौसम में आमतौर पर सूखी नरवाई में आग लग जाती है." दिग्विजय सिंह ने सीएम मोहन यादव से अपील की है कि इस तरह से जुर्माना लगाए जाने के स्थान पर किसानों को जागरूक किया जाए. किसानों पर जुर्माना लगाए जाने के आदेश को तत्काल वापस लिया जाए.

एमपी में 31 हजार से ज्यादा मामले

मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से 10 मई के बीच पराली जलाने के मामले 31 हजार 839 पर पहुंच चुके हैं. पराली के यह आकंड़े अब तक के सबसे ज्यादा हैं. साल 2024 में प्रदेश में पराली जलाने के 12 हजार 753 और 2023 में 17 हजार 581 मामले सामने आए थे. विदिशा में अभी तक इस साल सबसे ज्यादा 4419 पराली जलाने के मामले रिकॉर्ड किए गए है. वहीं, उज्जैन, अशोकनगर, भोपाल, गुना, होशंगाबाद, इंदौर, रायसेन, सागर, सिवनी, शाजापुर में 1 हजार से ज्यादा पराली जलाने के मामले चिन्हित किए गए हैं.