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दिल्ली विश्वविद्यालय और IIT कानपुर ने किया समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर, जानें इसके पीछे का उद्देश्य

समझौते का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के कौशल विकास को बढ़ावा देना और उन्हें उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है.

डीयू और आईआईटी कानपुर में हुआ एमओयू
डीयू और आईआईटी कानपुर में हुआ एमओयू (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Delhi Team

Published : September 30, 2025 at 4:06 PM IST

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नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) और आईआईटी कानपुर की फाउंडेशन फॉर एडवांस्ड कंसल्टिंग एजुकेशन एंड ट्रेनिंग (IFACET) ने मिलकर इलेक्ट्रॉनिक्स और आईसीटी अकादमी (EICTA) कंसोर्टियम के तहत शैक्षणिक एवं शोध गतिविधियों को गति देने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए. इस समझौते का उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों के कौशल विकास को बढ़ावा देना और उन्हें उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करना है.

14 प्रमुख संस्थानों से मिलेगा प्रशिक्षण: इस एमओयू के तहत डीयू से संबद्ध कॉलेजों के छात्रों को देशभर के 14 प्रमुख संस्थानों, जिनमें आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, सी-डैक और एनआईईएलआईटी के सहयोग से प्रशिक्षण दिया जाएगा. कार्यक्रम की शुरुआत 1 अक्टूबर से होगी. इसके लिए विशेष पोर्टल www.du.eicta.iitk.ac.in बनाया गया है, जहां छात्र रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. इस पूरे प्रोजेक्ट की जिम्मेदारी आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर बीवी फणी, डीयू की कंप्यूटर विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. नीलिमा गुप्ता और एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. ओम पाल को सौंपी गई है.

डीयू और आईआईटी कानपुर में हुआ एमओयू (ETV Bharat)

अधिकांश कोर्स निःशुल्क, पेड कोर्स पर रियायत: प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बताया कि पोर्टल पर 400 से अधिक कोर्स उपलब्ध होंगे, जिनमें से अधिकांश निःशुल्क होंगे. वहीं, कुछ पेड कोर्स भी होंगे जिन्हें डीयू छात्रों के लिए रियायती दर पर मिलेगी. खास बात यह है कि वंचित वर्ग के छात्रों को सभी कोर्स पूरी तरह निःशुल्क मिलेंगे. इससे शिक्षा के अवसरों का दायरा व्यापक होगा और अधिक से अधिक विद्यार्थीयों को लाभ मिलेगा.

एकेडमिया और इंडस्ट्री के बीच की दूरी होगी खत्म: प्रो. नीलिमा गुप्ता ने बताया कि इस पहल का सबसे बड़ा उद्देश्य एकेडमिया (शैक्षणिक क्षेत्र) और इंडस्ट्री (औद्योगिक क्षेत्र) के बीच मौजूद गैप को खत्म करना है. उन्होंने बताया कि अक्सर छात्र पढ़ाई के बाद जब नौकरी की तैयारी करते हैं तो पाठ्यक्रम और उद्योग की वास्तविक मांगों में अंतर रह जाता है. यह एमओयू उस अंतर को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि यह पहल छात्रों के अपस्किलिंग और रोजगार अवसरों को सीधे तौर पर मजबूत करेगी.

फैकल्टी और छात्रों के लिए ब्रिज का काम: शोधार्थी प्रदीप सिंह ने इस समझौते को शिक्षण और शोध की दिशा में एक बड़ा कदम बताते हुए कहा कि यह एमओयू छात्रों और फैकल्टी के बीच एक ब्रिज का काम करेगा. इससे विभिन्न पृष्ठभूमि के विद्यार्थियों को अपने कौशल को और मजबूत करने का अवसर मिलेगा. वहीं, छात्रा लक्ष्मी ने कहा कि यह पहल सिर्फ तकनीकी शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि मानविकी, कानून और वाणिज्य जैसे अन्य विषयों के छात्रों को भी समान रूप से लाभ देगा.

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