दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ की ड्रग्स के साथ पांच नाइजीरियाई तस्कर को दबोचा, जानें पूरा मामला
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 100 करोड़ की ड्रग्स बरामद की है. साथ ही पांच नाइजीरियन नागरिकों भी गिरफ्तार किया है.

Published : July 25, 2025 at 8:57 PM IST
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो आधुनिक टेक्नोलॉजी की आड़ में ‘फूड डिलीवरी ऐप’ की तर्ज़ पर ड्रग्स की होम डिलीवरी करता था. इस गिरोह के नेटवर्क में ग्राहक वॉट्सऐप नंबर पर ऑर्डर देते थे और 'डिलीवरी बॉय' तय समय पर चेक शर्ट और ब्लैक हेलमेट पहनकर नशीला सामान सौंपते थे. पुलिस ने इस ऑपरेशन में 100 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की कोकीन, एमडीएमए और गांजा बरामद की है.
गिरफ्तार पांचों आरोपी विदेशी नागरिक हैं. गिरोह का सरगना नाइजीरिया में बैठा हुआ है और वहीं से ड्रग्स की सप्लाई और पेमेंट नेटवर्क को संचालित कर रहा था. इस नेटवर्क का भारत में संचालन उसका भांजा फिलिप करता था, जिसने देशभर में एजेंटों की टीम खड़ी कर रखी थी.
पुलिस ने आरोपियों के पास से 2.7 किलोग्राम कोकीन, 1.04 किलोग्राम एमडीएमए, 1 किलो गांजा, 2.07 लाख रुपये नकद, एक कार, फर्जी पासपोर्ट, आधार कार्ड, कई मोबाइल और ड्रग्स ट्रैकिंग से जुड़ी डायरी बरामद की है.
क्राइम ब्रांच के एडिशनल कमिश्नर मंगेश कश्यप ने बताया कि 13 जून को मोती नगर के एक कूरियर सेंटर पर छापेमारी में 895 ग्राम एमडीएमए बरामद हुई थी, जिसे कपड़ों और महिलाओं के जूतों में छिपाकर विदेश भेजा जा रहा था. पुलिस ने कूरियर की जांच के बाद आरोपी कामेनी फिलिप को गिरफ्तार किया. पूछताछ में इस हाई-टेक सिंडिकेट की परतें खुलती गईं.
गिरोह का नेटवर्क मलेशिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और यूके तक फैला है. ड्रग्स की डिलीवरी और पेमेंट ट्रैकिंग के लिए कोडवर्ड, ड्रेस कोड और डिजिटल नक्शों का इस्तेमाल किया जाता था. कमाई को हवाला नेटवर्क के जरिये नाइजीरिया ट्रांसफर किया जाता था. जांच में सामने आया कि पिछले छह महीनों में करीब 85 करोड़ नायरा का ट्रांसफर किया गया है. पुलिस अधिकारियों के अनुसार यह गिरोह हाईटेक नेटवर्क के जरिये युवाओं को निशाना बनाता था.
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