मसूरी: आपदा पीड़ितों की आपबीती, धराली से भी खतरनाक था मंजर, तबाह हो गया पूरा गांव, दंपति की मौत
मसूरी के मकरेती गांव में रात के सन्नाटे में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया, जिसके बारे में सोचकर भी ग्रामीण डर जाते है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : September 17, 2025 at 8:48 PM IST
मसूरी: राजधानी देहरादून और आसपास के इलाकों में 15-16 सितंबर की रात को पानी का ऐसा सैलाब आया था, जो अपने साथ सब कुछ बहाकर ले गया था. मसूरी नगर पालिका क्षेत्र के मकरेती गांव में सोमवार देर रात अचानक आई प्राकृतिक आपदा ने सब कुछ उजाड़ कर रख दिया. रात के सन्नाटे में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि पूरा गांव हिल गया. इस आपदा ने कई परिवार को सड़क पर लाकर खड़ा कर दिया. बुधवार को जब मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी गांव में पहुंची तो आपदा पीड़ितों की आंखें भर आईं.
ग्रामीणों ने मसूरी नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी को बताया कि 15-16 सितंबर की रात को गांव के चारों ओर पानी और मलबे की बाढ़ सी आ गई थी, जिससे तीन दुकानें और चार घर पूरी तरह तबाह हो गए. इस दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हो गई, जबकि उनका बेटा किसी तरह बाल-बाल बच गया. कई लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई है, लेकिन एक दंपति उस बाढ़ से निकल नहीं पाए और उनकी जान चली गई.
ग्रामीणों ने बताया कि मंगलवार 16 सितंबर तड़के करीब तीन बजे तेज़ गर्जना के साथ बादल फटा था. इसके बाद पानी का ऐसा सैलाब आया, जो सब कुछ तहाब करके चला गया. पीड़ित परिवारों ने उस भयानक मंजर को साझा करते हुए बताया कि एक झटके में उनका सब कुछ उजड़ गया. रात को जहां घर था, वहां सुबह मलबे के ढेर पड़ा था.

वहीं, मसूरी में फंसे 12 ऐसे मरीजों को भी आईटीबीपी की मदद से देहरादून भेजा गया है, जिन्हें इलाज की तुरंत जररूत थी. इन 12 मरीजों में एक डेढ़ साल का बच्चा, दो ऐसे मरीज जिनकी सर्जरी होनी थी और नौ डायलिसिस के पेशेंट शामिल थे, जिनके लिए समय पर चिकित्सा मिलना बेहद आवश्यक था.

सड़क मार्ग खराब होने के कारण उनका देहरादून पहुंचना मुश्किल था. क्योंकि मौसम खराब होने के कारण एयर लिफ्ट भी नहीं किया जा सका, इसलिए सभी मरीजों को 3 एंबुलेंस और 2 निजी वाहनों की मदद से शिव मंदिर तक पहुंचाया गया. इसके बाद एसडीएम मसूरी राहुल आनंद ने शिव मंदिर के पास बन रहे बेली ब्रिज का काम रुकवाया. एसडीआरएफ (राज्य आपदा प्रतिवादन बल) की टीम को मौके पर भेजा एसडीआरएफ की टीम ने सभी मरीजों को स्ट्रेचर और मानव संसाधनों की सहायता से पुल पार करवाया.

बता दें कि, 15-16 सितंबर की रात को आई आपदा में देहरादून जिले में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. मसूरी-देहरादून मार्ग भी जगह-जगह टूटा हुआ है. इस वजह से मसूरी में कई पर्यटक फंसे हुए हैं, जिन्हें निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है. लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत सड़क मार्ग के जगह-जगह बाधित होने की वजह से आ रही है. वहीं शिव मंदिर के ऊपर पूल टूट गया था, जिसका जगह अब बैली ब्रिज बनाया जा रहा है.
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