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दलित छात्रावास के कायाकल्प में घोटाला; बाराबंकी में समाज कल्याण अधिकारी और हॉस्टल अधीक्षक निलंबित

समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण के निरीक्षण में खुली पोल, जांच के बाद दोषियों पर दर्ज होगा मुकदमा.

छात्रावास में कई कार्यों में मिली गड़बड़ी.
छात्रावास में कई कार्यों में मिली गड़बड़ी. (Photo Credit; ETV Bharat)
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By ETV Bharat Uttar Pradesh Team

Published : May 19, 2025 at 6:33 PM IST

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बाराबंकी/लखनऊ : जिले में अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए संचालित छात्रावास को अपग्रेड करने के लिए मिले 5 लाख रुपये डकार लिए गए. छात्रावास की देखरेख की जिम्मेदारी उठाने वाले समाज कल्याण विभाग की ओर से यह रकम हॉस्टल में बिना कोई काम कराए ही निकाल ली गई. सोमवार को समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण के निरीक्षण में इस घोटाले की पोल खुल गई.

अयोध्या मंडल के डिप्टी डायरेक्टर करेंगे जांच : मंत्री असीम अरुण ने जिला समाज कल्याण अधिकारी सुषमा वर्मा और हॉस्टल अधीक्षक संतोष कनौजिया को इसके लिए जिम्मेदार मानते हुए दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. दोनों को लखनऊ से अटैच कर दिया गया है. अयोध्या मंडल के डिप्टी डायरेक्टर और अभियंता को पूरे मामले की जांच सौंपी गई है. मंत्री ने कहा कि जांच में दोषी पाए जाने पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. इसके अलावा रकम की रिकवरी भी कराई जाएगी.

मंत्री ने कागजातों से मौके पर मिली चीजों का किया मिलान.
मंत्री ने कागजातों से मौके पर मिली चीजों का किया मिलान. (Photo Credit; ETV Bharat)

सरकार ने यूपी के सभी छात्रावासों को दिए थे 5-5 लाख : रामनगर में समाज कल्याण विभाग की ओर से स्नाकोत्तर महाविद्यालय में दलित छात्रों के लिए 48 सीटर हॉस्टल संचालित किया जा रहा है. प्रदेश सरकार ने सभी जिलों में संचालित ऐसे छात्रावासों के कायाकल्प के लिए 5-5 लाख रुपये दिए थे. सोमवार को समाज कल्याण राज्यमंत्री असीम अरुण इस कालेज में नवनिर्मित शोध कक्ष के उद्घाटन के मौके पर पहुंचे थे. इसके बाद उन्होंने यहां बने छात्रावास का निरीक्षण किया. वे यहां की बदहाली देखकर दंग रह गए.

मंत्री ने छात्रावास का किया निरीक्षण.
मंत्री ने छात्रावास का किया निरीक्षण. (Photo Credit; ETV Bharat)

मौके पर एक लाख रुपये का भी काम नहीं मिला : छात्रावास के कमरों में ठीक ढंग से रंगाई-पुताई भी नहीं की गई थी. इसके अलावा दूसरे कार्य भी सही तरीके के नहीं किए गए थे. कागजों में तो 71 विद्युत सप्लाई बोर्ड लगे मिले लेकिन हकीकत में ये नदारद थे. कागजों में 31 ट्यूबलाइटों का लगना दर्शाया गया था, लेकिन मौके पर ऐसा नहीं मिला. मौके पर 5 लाख में से एक लाख का भी काम नहीं मिला. मंत्री ने समाज कल्याण अधिकारी सुषमा वर्मा और छात्रावास अधीक्षक संतोष कनौजिया से पूछताछ की तो वे कोई जवाब नहीं दे पाए.

मौके पर नहीं लगे मिले इलेक्ट्रिक बोर्ड.
मौके पर नहीं लगे मिले इलेक्ट्रिक बोर्ड. (Photo Credit; ETV Bharat)

इस पर उन्होंने तत्काल प्रभाव से दोनों को निलंबित करने का फरमान सुना दिया. मंत्री ने बताया कि कागज में 71 स्विच बोर्ड दिखाए गए थे, लेकिन एक भी नया स्विच बोर्ड नहीं मिला. ट्यूबलाइट भी अनुपात में सही नहीं लगी मिलीं. समाज कल्याण अधिकारी और छात्रावास अधीक्षक लखनई जाएंगे. दोनों निलंबित अवस्था में रहेंगे.

फर्नीचर समेत अन्य सुविधाओं के लिए मिलेंगे 10 लाख : मंत्री ने बताया कि डिप्टी डायरेक्टर अयोध्या को तुरंत बुलाया जा रहा है. वे आकर जांच करेंगे. गड़बड़ियों की रिपोर्ट मुझे देंगे. इसके आधार पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा. दोषियों पर प्रशासनिक कार्रवाई भी होगी. वित्तीय अनियमितता की भरपाई कराने के साथ शेष कार्यों को पूरा कराया जाएगा. महाविद्यालय के छात्रावास में अन्य बुनियादी सुविधाओं के साथ फर्नीचर आदि की व्यवस्था के लिए 10 लाख रुपये की धनराशि उपलब्ध करायी जाएगी.

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