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उत्तराखंड में दो नहीं बल्कि तीन मरीजों में हुई कोरोना की पुष्टि, एक्शन में स्वास्थ्य विभाग

तीन मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल टेस्टिंग शुरू कर दी है.

CORONA IN UTTARAKHAND
उत्तराखंड में कोरोना के मामले (कांसेप्ट इमेज (फोटो सोर्स - Getty Images))
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By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : May 24, 2025 at 7:12 PM IST

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Updated : May 24, 2025 at 7:39 PM IST

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देहरादून: उत्तराखंड में अब तक 36 संदिग्ध मरीजों की जांच की है. जिन्हें बुखार और गले में खराश की शिकायत थी. इनमें से अब तक तीन मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ऋषिकेश एम्स की डॉक्टर हाल ही में बेंगलुरु ट्रेनिंग मे गई गई थी. वहां से लौटने के बाद डॉक्टर को बुखार और खांसी की शिकायत हुई. जांच के बाद रिपोर्ट में डॉक्टर कोरोना संक्रमित पाई गई.

जिला कोविड नोडल अधिकारी डॉक्टर सीएस रावत के मुताबिक फिलहाल डॉक्टर आइसोलेशन में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं. इसी तरह महाराष्ट्र से ऋषिकेश पहुंचे मरीज की खांसी जुकाम की शिकायत के बाद जांच की गई तो रिपोर्ट में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. जब ऋषिकेश में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मोबाइल नंबर के आधार पर मरीज की ट्रेसिंग की तो फोन पर उन्होंने बताया कि वह महाराष्ट्र चले गए हैं. उन्होंने बताया महाराष्ट्र की आईडीएसपी को देहरादून के स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस मरीज के बारे में इन्फॉर्म किया जाएगा. उन्हें फोन नंबर देकर बताया जाएगा कि यह कोरोना पॉजिटिव मरीज किसी काम से ऋषिकेश आए हुए थे, लेकिन, यहां कोरोना संक्रमित पाए गए.

उत्तराखंड में कोरोना के मामले (ETV BHARAT)

डॉ सीएस रावत ने बताया एक ग्रुप गुजरात से धार्मिक आयोजन में भाग लेने आया हुआ था. लक्षण नजर आने पर इनमें एक मरीज पॉजिटिव पाया गया. फिलहाल उन्हें एम्स ऋषिकेश के आइसोलेशन वार्ड में एडमिट कराया गया है. उन्होंने बताया स्वास्थ्य विभाग की टीम को ऋषिकेश भेजा जा गया, लेकिन, वहां अभी कोई कांटेक्ट ट्रेसिंग मिली है.

जिले के कोरोना नोडल अधिकारी डॉक्टर सीएस रावत ने कहा तीन मामलों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कांटेक्ट ट्रेसिंग और सैंपल टेस्टिंग शुरू कर दी है. उन्होंने बताया कि यह वेरिएंट जो अदर स्टेट में पाया जा रहा है, वह तीसरी लहर में आये ओमिक्रोन का ही सब वेरिएंट है. यह बहुत ज्यादा लीथल नहीं है।.

कोरोना संक्रमण की रोकथाम को लेकर स्वास्थ्य विभाग एंट्री पॉइंट्स में टेस्टिंग और निगरानी का दायरा बढ़ाएगा. इसके अलावा सभी अस्पतालों फ्लू ओपीडी चलाने के निर्देश दिए गए हैं. चारधाम यात्रा में आने वाले किसी श्रद्धालु में यदि खांसी जुकाम के लक्षण पाए जाते हैं तो ऐसे मरीजों को फ्लू ओपीडी में देखा जाएगा. उन्हें अन्य यात्रियों से अलग कर दिया जाएगा.

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Last Updated : May 24, 2025 at 7:39 PM IST