भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजे को लेकर ग्राम धनोरा में बड़ा विरोध प्रदर्शन, ग्रामीणों का हंगामा
भारतमाला प्रोजेक्ट को लेकर दुर्ग के धनोरा गांव में विरोध प्रदर्शन

By ETV Bharat Chhattisgarh Team
Published : May 15, 2025 at 6:06 PM IST
|Updated : May 15, 2025 at 6:11 PM IST
दुर्ग: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना भारतमाला प्रोजेक्ट के तहत बनने वाले एक्सप्रेस-वे को लेकर दुर्ग जिले के ग्राम धनोरा सहित आसपास के सात से आठ गांवों में किसानों ने मुआवजे की मांग को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. यह विरोध प्रदर्शन उस वक्त और भी उग्र हो गया, जब लोगों ने जमीन पर बैठकर शांतिपूर्वक विरोध जताया और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बिना उचित मुआवजा दिए सरकार जबरदस्ती जमीन पर काम शुरू करवा रही है.
भारतमाला प्रोजेक्ट में मुआवजे को लेकर विरोध: भारतमाला परियोजना के तहत बनने वाला यह एक्सप्रेस-वे लगभग 92 किलोमीटर लंबा होगा. यह दुर्ग से शुरू होकर अंजोरा, पटोरा, सुपकोना, अभनपुर और नया रायपुर होते हुए आरंग तक पहुंचेगा. इस परियोजना के लिए कुल 2,330 किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई है. प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि पिछले आठ वर्षों से वे मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन आज तक उन्हें संतोषजनक मुआवजा नहीं मिला है.
पीड़ितों की शिकायत: बालमुकुंद तिवारी ने बताया, ''भारतमाला परियोजना के कारण जिन किसानों की जमीन गई है, वे पीड़ित हैं. अधिकारियों की मिलीभगत के कारण मुआवजा तय करने में भारी गड़बड़ी हुई है. किसानों की जमीन 500 वर्ग मीटर से कम है, इसके बावजूद मुआवजा हेक्टेयर के हिसाब से तय किया गया है, जिससे उन्हें बहुत कम राशि मिल रही है.''

हंगामे के बा एक्शन: महिला प्रदर्शनकारी काजल देवांगन ने भी प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि धरना प्रदर्शन कर रहे लोगों को सरकार द्वारा धमकाया जा रहा है कि वे जमीन खाली कर दें और बिना मुआवजे के काम शुरू किया जाएगा. उनका कहना है कि अधिकारी वर्ग मीटर के हिसाब से मुआवजा देने को तैयार नहीं हैं जबकि किसानों की अधिकांश जमीन बहुत छोटी है और उन्हें उसी के अनुसार मुआवजा मिलना चाहिए.


पुलिस ने किया गिरफ्तार: इस विरोध प्रदर्शन में सात से आठ गांवों के सैकड़ों लोग शामिल थे, जिसमें महिलाएं, बुजुर्ग और युवा सभी वर्गों के लोग मौजूद थे. पुलिस प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में बल तैनात किया और अंततः प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया. तहसीलदार प्रफुल्ल गुप्ता ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि भारत सरकार ने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत मुआवजा पहले ही दे दिया है, लेकिन ग्रामीणों को लगता है कि उन्हें कम मुआवजा मिला है, इसी कारण वे विरोध कर रहे हैं. तहसीलदार ने बताया कि प्रशासन के अनुसार जमीन का अधिग्रहण कानून के तहत किया गया है और जिन किसानों को आपत्ति है, वे कोर्ट में मामला लेकर गए हैं, जहां इसका अंतिम निर्णय होगा.

