भराड़ीसैंण विधानसभा सत्र में कांग्रेस का हंगामा, नैनीताल की घटना पर सरकार को घेरा, CM से मांगा इस्तीफा
ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में कांग्रेस ने सरकार के खिलाफ जमकर मोर्चा खोला. नैनीताल की घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन भी किया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : August 19, 2025 at 1:21 PM IST
|Updated : August 19, 2025 at 2:19 PM IST
गैरसैंण: उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भराड़ीसैंण में विधानसभा सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेस के तल्ख तेवर नजर आए. "वोट चोर गद्दी छोड़" के पट्टी और नारों के साथ कांग्रेस पंचायत चुनाव में हुई कथित अराजकता को लेकर आरपार की लड़ाई के मूड में नजर आई.
जिस तरह से उम्मीद की जा रही थी, ठीक उसी तरह से मानसून सत्र की शुरुआत से पहले विधानसभा परिसर का माहौल देखने को मिला. कांग्रेस के सारे विधायक एक साथ हाथों में "वोट चोर गद्दी छोड़" के नारे लगाते हुए और कई गंभीर आरोप लगाते हुए सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पहुंचे.
बीजेपी पर लोकतंत्र का गला घोंटने का आरोप: दरअसल, कांग्रेस के सभी विधायक भराड़ीसैंण में स्थित विधानसभा भवन में पूरी रणनीति के तहत एक साथ पहुंचे थे. ईटीवी भारत से बातचीत करते हुए नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जिस तरह से लोकतंत्र का गला घोंटने का काम किया है, उसका जीता जाता उदाहरण नैनीताल जिले में देखने को मिला, जहां पर भाजपा के शासन की पोल खुल गई है.
नैनीताल में हुई वोटों की लूट: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्या ने कहा कि नैनीताल में तमंचे और तलवार के दम पर वोट चोरी ही नहीं बल्कि वोटों की लूट की गई. सरकार ने इसका संज्ञान भी नहीं लिया, लेकिन नैनीताल हाईकोर्ट ने खुद इसका संज्ञान लिया.
विपक्ष ने की सरकार की बर्खास्तगी की मांग: उन्होंने कहा कि आज पूरा विपक्ष एक आवाज में जिस तरह से सदन के बाहर पंचायत चुनाव में उड़ी कानून व्यवस्थाओं की धज्जियां को लेकर प्रदर्शन कर रहा है, ठीक इसी तरह से सदन के भीतर भी नियम 310 के तहत आज विपक्ष एकजुट होकर सरकार की बर्खास्तगी की मांग करेगा. साथ ही नैनीताल डीएम और एसपी पर कार्रवाई की मांग करेगा.
मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग: इसके अलावा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि जिस तरह से पूरे देश में वोट चोरी इस समय एक नेशनल विषय है, उसी तरह उत्तराखंड में भी वोटों की लूट की गई है. उन्होंने कहा कि पूरे देश में वोट चोरी को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी सबूत के साथ पूरे देश को बताने की कोशिश कर रहे हैं कि किस तरह से भाजपा वोटों की चोरी में नंबर वन है. अब इसका जीता जागता उदाहरण उत्तराखंड में भी देखने को मिला. यहां बात पंचायत चुनाव में आरक्षण की की जाए या फिर नैनीताल जिले में हुई अराजकता की, आज अगर सरकार में थोड़ी सी भी शर्म है तो मुख्यमंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए.
नैनीताल में सरकार ने पीड़ितों पर ही की कार्रवाई: कांग्रेस की महिला विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आज लोकतंत्र का गला घोंटने पर तुल गई है. लोगों का देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था से भरोसा उठता जा रहा है. उन्होंने कहा कि नैनीताल की घटना इसका सबसे जीता जागता उदाहरण है. नैनीताल में सरकार ने आरोपियों पर कार्रवाई करने के बजाए, उल्टा पीड़ित और विपक्ष के नेताओं पर कार्रवाई करते हुए मुकदमा किया है.
नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस विधायकों के साथ हुई धक्का मुक्की: नैनीताल में हुई घटना के गवाह रहे हल्द्वानी से विधायक सुमित हृदयेश ने कहा कि प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी की गुंडई कितनी ज्यादा बढ़ चुकी है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि नेता प्रतिपक्ष के साथ कांग्रेस के विधायकों के साथ धक्का मुक्की की गई और सरकार को कोई फर्क नहीं पड़ा.
नैनीताल जिलाधिकारी और एसएसपी पर कांग्रेस के आरोप: वहीं, इसके अलावा सुमित हृदयेश का कहना है कि नैनीताल जिले की जिलाधिकारी और एसएसपी को बीजेपी का मंडल अध्यक्ष बना देना चाहिए. इनके कंधों पर जो बैच हैं, वहां पर भाजपा का कमल का फूल लगा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि जिन चुनाव में यह गड़बड़ी हुई है, उन्हें दोबारा से कराया जाना चाहिए.
सुमित हृदयेश का कहना है कि उनका हल्द्वानी और नैनीताल में राजनीतिक ही नहीं बल्कि सामाजिक रूप से भी ऐतिहासिक अनुभव रहा है. कभी यूपी के दौर में सुनने में आता था कि बूथ कैप्चर होता है, लेकिन आज भारतीय जनता पार्टी की सरकार में खुली लूट देखने को मिल रही है. ऐसा हाईकोर्ट की नाक के नीचे देखने को मिला है. उन्होंने कहा कि आज कांग्रेस बिल्कुल भी रियायत के मूड में नहीं है और सदन से सड़क तक कांग्रेस, सरकार की ईंट से ईंट बजा देगी.
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