महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में डुबकी नहीं लगा पाए हरीश रावत, अब इस दिन जाएंगे प्रयागराज
कांग्रेस नेता हरीश रावत का महाशिवरात्रि पर प्रयागराज महाकुंभ जाने का था प्लान, इस वजह से हुआ कैंसिल, अब इस दिन लगाएंगे डुबकी

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : February 27, 2025 at 10:41 PM IST
|Updated : February 27, 2025 at 10:55 PM IST
देहरादून: दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन प्रयागराज 'महाकुंभ 2025' का समापन हो गया है. सनातन धर्म की समृद्ध संस्कृति के इस विशाल उत्सव के तहत देश-दुनिया के करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. उत्तराखंड से भी तमाम दिग्गज नेता, साधु संत और आम लोग भी प्रयागराज गए. जहां वे संगम में स्नान कर पुण्य के भागीदार बने, लेकिन कांग्रेस नेता हरीश रावत महाकुंभ में स्नान करने नहीं जा पाए. उनकी महाशिवरात्रि पर संगम में स्नान करने की योजना थी, लेकिन उनकी ये इच्छा पूरी नहीं हो पाई. इसके पीछे का कारण भी उन्होंने बताया है.
दरअसल, पूर्व सीएम एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा किया है. जिसमें उन्होंने लिखा है कि महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में जाकर संगम में डुबकी लगाने की योजना बनाई थी, लेकिन वे नहीं जा पाए. हालांकि, उन्होंने इसकी वजह भी बताई है. साथ ही अब आगामी 21 मार्च को प्रयागराज जाकर त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाने की बात कही है.
हरीश रावत ने लिखा है-
महाकुंभ का समापन हो गया है. सनातन आस्था का यह महाकुंभ हमें जाति, धर्म, भाषा, वर्ग आदि विभाजनों से ऊपर उठकर इसी तरीके से जुड़ता रहे. ताकि, सनातन का हिमालय और ऊंचा एवं भव्य हो सके. महाकुंभ में बड़े-बड़े लोगों में स्नान की होड़ लगी थी. यदि रुग्ण नहीं होता तो मैंने तय किया था कि शिवरात्रि को वहां जाकर के संगम में डुबकी लगाऊंगा.
इससे आगे हरीश रावत लिखते हैं कि
मैं जानता हूं, मां गंगा में हमेशा अमृत रहता है तो महाकुंभ के महा स्नानों के बाद भी गंगा मां की गोद में अभी भी कुछ अमृत होगा. उस अमृत में डुबकी लगाने के लिए 21 मार्च को मैं भी संगम पर जाऊंगा. त्रिवेणी के संगम पर डुबकी लगाकर मां गंगा से मानव मात्र के कल्याण की प्रार्थना करूंगा और अपने बुजुर्गों को तर्पण दूंगा.
वहीं, इस पोस्ट के जरिए हरीश रावत ने आगामी 21 मार्च को प्रयागराज के त्रिवेणी संगम जाकर स्नान करने की जानकारी दी है. ऐसे में हरीश रावत भले ही महाशिवरात्रि पर महाकुंभ में शामिल न हो पाए हों, लेकिन महाकुंभ संपन्न होने के बाद अब प्रयागराज पहुंचकर डुबकी लगाएंगे. बता दें कि उत्तराखंड से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य समेत तमाम दिग्गज प्रयागराज पहुंचकर आस्था की डुबकी लगा चुके हैं.
#महाकुंभ का समापन हो गया है। सनातन आस्था का यह महाकुंभ हमें जाति,धर्म, भाषा, वर्ग आदि विभाजनों से ऊपर उठकर इसी तरीके से जुड़ता रहे ताकि सनातन का हिमालय और ऊंचा और भव्य हो सके। महाकुंभ में बड़े-बड़े लोगों में स्नान की होड़ लगी थी।
— Harish Rawat (@harishrawatcmuk) February 27, 2025
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66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं ने महाकुंभ पहुंचकर लगाई डुबकी: गौर हो कि प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आगाज 13 जनवरी को हुआ था. जो 26 फरवरी महाशिवरात्रि के पर्व तक चला. 45 दिनों तक चले आस्था के इस महा आयोजन में 66 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के प्रयागराज पहुंचने का दावा किया जा रहा है. महाशिवरात्रि पर प्रयागराज महाकुंभ 2025 का आखिरी स्नान था. महाकुंभ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आध्यात्मिक ऊर्जा का महासंगम था.
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