प्रेमचंद अग्रवाल के बाद अब BJP की इस MLA के इस्तीफे की उठने लगी मांग, करन माहरा ने दिलाई शपथ की याद
उत्तराखंड में प्रेमचंद अग्रवाल का विवाद खत्म हुआ ही था कि अब एक और बीजेपी विधायक के बयान से बवाल हो गया.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : March 18, 2025 at 3:36 PM IST
|Updated : March 18, 2025 at 4:35 PM IST
देहरादून: प्रेमचंद अग्रवाल के विवादित बयान का मुद्दा उनके इस्तीफे के बाद कुछ शांत ही हुआ था कि अब बीजेपी के एक और विधायक का बयान सुर्खियों में है. रुद्रप्रयाग जिले की केदारनाथ विधानसभा सीट से बीजेपी विधायक आशा नौटियाल ने हाल ही में केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद वो भी विपक्ष के निशाने पर आ गई हैं. कांग्रेस अब बीजेपी विधायक आशा नौटियाल के भी इस्तीफे की मांग रही हैं. हालांकि उस बयान के बाद आशा नौटियाल ने अपने बयान को सॉफ्ट करके बदल दिया है. लेकिन कांग्रेस उनके पुराने बयान पर हमलावर है.
बीजेपी विधायक आशा नौटियाल के बयान पर अब उत्तराखंड कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा की भी प्रतिक्रिया आई. करन माहरा ने सीधे-सीधे बीजेपी विधायक आशा नौटियाल से उनके इस्तीफे की मांग की है.
आशा नौटियाल से ये प्रश्न होना चाहिए विधायक बनते समय उन्होंने क्या शपथ ली थी, वो उन्हें याद है? उन्होंने कहा था देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखूंगी, देश की संविधान का अक्षरशः पालन करूंगी. इस शपथ को लेने के बाद ही वो विधानसभा की सदस्य बनी थी. लेकिन विधायक बनते ही उन्होंने जिस तरह का बयान दिया, उस पर उन्हें सोचना चाहिए? क्या माइनॉरिटी और अन्य धर्म को मानने वाले लोग इस देश के नागरिक नहीं हैं क्या? आशा नौटियाल को इसका उत्तर देना चाहिए.
-करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस-
करन माहरा ने कहा कि केदारनाथ में जितने भी घोड़े-खच्चर चलते हैं, उनमें 50 प्रतिशत लोग माइनॉरिटी से हैं. विधायक आशा नौटियाल को ये भी बताना चाहिए कि अमरनाथ गुफा की खोज किसने की थी. सनातन धर्म बहुत बड़ा है, सनातन धर्म लोगों को स्वीकार करना सिखाता है, दया और धर्म सिखाता है. ऐसे में इस तरह के बयान से खासकर विधायक को बचना चाहिए. भारत देश संविधान से चलता है और आशा नौटियाल ने अपनी शपथ को तोड़ने का काम किया है, ऐसे में उनको अपने विधायक पद से इस्तीफा देना चाहिए.

इस तरह के बयानों से राष्ट्र का नुकसान होता है. इसीलिए बीजेपी के नेता, विधायक और सांसद इस तरह की भाषा का प्रयोग करते हैं. इस तरह की चीजों को बहुत सोच समझ के साथ टैकल करने की आवश्यकता है, क्योंकि कई लोग देश में अभी ऐसे हैं, जो उस नशे से बाहर नहीं निकल पाए हैं. कुल मिलाकर कहा जाए तो इस तरह की बातों से राष्ट्र का नुकसान और बीजेपी का फायदा होता है.
-करन माहरा, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड कांग्रेस-
बता दें कि हाल ही में केदारनाथ यात्रा को लेकर बैठक हुई थी, जिसमें भाजपा विधायक आशा नौटियाल ने कहा था कि कुछ लोग जो गैर हिंदू हैं, वह धाम और उसके रास्ते में शराब और मांस की बिक्री करते हैं. धाम की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाते हैं. इसीलिए उनकी मांग है कि केदारनाथ धाम में गैर हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित हो. हालांकि अब आशा नौटियाल ने अपने बयान में बदलाव कर दिया है. अब उनका कहना है कि जो लोग केदारनाथ धाम और उसके रास्ते में शराब और नॉनवेज बेचते हैं, उन पर प्रतिबंध लगाना चाहिए.
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