ETV Bharat / state

चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में छाया रहा मीटिंग मिनिट्स से छेड़छाड़ का मुद्दा, मेयर बोलीं एक-एक बोलें पार्षद तभी इसमें होगा सुधार

चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में बारिश के कारण शहर में जलभराव की समस्या सहित कई मामला छाया रहा.

CMC Meeting
चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक में शामिल पार्षदगण (Etv Bharat)
author img

By ETV Bharat Haryana Team

Published : June 30, 2025 at 8:56 PM IST

4 Min Read
Choose ETV Bharat

चंडीगढ़ः नगर निगम चंडीगढ़ की 350वीं बैठक सोमवार को काफी हंगामेदार रहा. बैठक के दौरान कई पार्षदों ने मीटिंग मिनट्स में टेंपरिंग का मुद्दा उठाया. पार्षदों ने इसपर कई सवाल उठाए. बैठक के दौरान एग्रो प्लांट हो रही धांधली, शहर में जलभराव, सड़कों और बाजार में अतिक्रमण सहित कई मुद्दों को पार्षदों ने उठाया. इस दौरान मेयर इलेक्शन मोड यानि बैलेट पेपर या सीधे तौर पर कराने सहित कई अहम मुद्दे पर चर्चा नहीं हो पाई. जलजमाव के कारण शहर में होने वाली समस्याओं पर मेयर ने कहा कि अचानक से एक साथ भारी बारिश और शहर बड़ा होने के कारण लोगों को समस्याएं हो रही है. इसे हल करने के लिए 18 टीमों को लगाया गया है.

एग्रो प्लांट का ठेका रद्द करने की मांगः पार्षद प्रेमलता और डिप्टी मेयर तरुणा मेहता की ओर से एग्रो प्लांट में हो रही धांधली को लेकर सवाल उठाया गया. दोनों पार्षदों का कहना था कि जिस कंपनी को शहर के पत्तों और पेड़ों की कटाई छटाई का काम दिया गया है. उनकी ओर से बड़े स्तर पर धांधली की जा रही है. धांधली का नतीजा है कि आज शहर के कई नालियां ब्लॉक हो गई है. कंपनी की ओर से कहा जा रहा है कि वे सिर्फ लकड़ी का ही काम करेंगे. जबकि पेड़ों से झड़ने वाले पत्तों को लेकर उनकी कोई जिम्मेदारी नहीं है. वहीं दोनों पार्षदों की ओर से कंपनी से इस मामले में सवाल करने के लिए अधिकारियों से अपील की गई. साथ ही उनका ठेका खत्म करवा कर सरकारी कंपनी को ठेका देने की मांग की गई.

चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक (Etv Bharat)

बिजली खर्च कटौती की मांग उठीः भाजपा के पार्षद सौरभ जोशी ने शहर के अलग-अलग इलाके में होने वाले बिजली खर्च को लेकर सवाल उठाए. उनका कहना था कि नगर निगम की बिल्डिंग का बिजली का खर्च सालाना 2 करोड़ है, जिसे काम किया जा सकता है. पार्षद सौरभ ने इंजीनियरिंग विभाग की कार्यशैली का मामला उठाया.

सड़क किनारे फेरी वालों से परेशानी का मामला उठाः पार्षद कुलजीत संधू ने बताया कि शहर के आसपास लगने वाले ग्रामीण इलाकों में फेरी वालों की बढ़ती संख्या और लाउडस्पीकर से होने वाली समस्याओं का मामला उठाया. उन्होंने कहा कि सड़क किनारे दुकान लगाने वाले अक्सर बड़े-बड़े स्पीकर की मदद से अपना सामान बेचते हैं. जिससे वहां रह रहे लोगों को और खासकर पढ़ रहे बच्चों को आवाजों से कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे में नगर निगम और ट्रैफिक पुलिस इस तरह के फेरी वालों को लेकर सख्त कार्रवाई करे.

10 पार्षद एक साथ बोलेंगे तो टेंपरिंग होगी हीः मेयर

बैठक के मीडिया से बात करते हुए मेयर हरप्रीत कौर बबला ने कहा कि आज काफी समय के बाद सभी पार्षदों ने शांत होकर सदन की बैठक में हिस्सा लिया. सभी पार्षद अपनी बात सही तरीके से रख रहे थे. मीटिंग मिनिट्स में टेंपरिंग के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि 10 पार्षद एक साथ बोलेंगे तो समस्या होगी ही. कई पार्षद एक साथ बोलेंगे तो उनको अलग-अलग कैसे नोट किया जा सकता है. इस बार पार्षद एक-एक कर अपनी बात रख रहे हैं. अगली बैठक में इस मिनट्स को आप देखेंगे. कितना साफ-साफ मिनट्स है.

शहर से लगातार अतिक्रमण किया जा रहा है साफः मेयर ने कहा कि बैठक में पार्षदों की ओर से वेंडरों से संबंधित मामले को उठाया गया. मेयर ने आगे कहा कि वेंडर्स हर जगह अपनी रेहड़ी और टेंट लगाकर सामान बेचना शुरू कर देते हैं जिसकी वजह से गंदगी और आम लोगों को ट्रैफिक की समस्या का सामना करना पड़ता है. निगम की ओर से लगातार अतिक्रमण अभियान चलाया जा रहा है. नगर निगम की एंक्रोचमेंट टीम की ओर से लगातार मार्केट से अतिक्रमण हटाया जा रहा है, जहां कार्रवाई हो चुकी है वहां का मार्केट साफ-सुथरा दिखेगा.

मानसून से 18 टीमें निपटेगीः मेयर ने कहा कि डंपिंग ग्राउंड में चल रहे एग्रो प्लांट पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी, जिसकी वजह से शहर में जगह-जगह पेड़ों के पत्तों से नालियां ब्लॉक हो गई है. मानसून के जल्दी आने से शहर में जगह-जगह वाटर ब्लॉकेज और सड़क धंसने की शिकायतें दर्ज की जा रही है. इसके लिए पहले से ही नगर निगम की 18 टीमों की तैयार की जा चुकी है, जो मानसून में आने वाली दिक्कतों को सुलझाएंगे.

चंडीगढ़ में 89 स्थानों पर लागू होगा स्मार्ट एआई आधारित पार्किंग प्रोजेक्ट, जानिए क्यों खास है ये प्रोजेक्ट - AI BASED PARKING PROJECT