चंंदन मिश्रा मर्डर ने बृज बिहारी हत्याकांड की याद दिला दी, जब IGIMS गोलियों से थर्रा उठा था
पटना में ICU में कैदी चंदन मिश्रा की हत्या ने 1998 में बृज बिहारी प्रसाद कांड की खौफनाक यादें ताजा कर दी. पढ़ें पूरी खबर

Published : July 17, 2025 at 4:19 PM IST
पटना: पटना के एक निजी अस्पताल के ICU में हुई कैदी चंदन मिश्रा की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं. एक पुरानी, लगभग धुंधली हो चुकी लेकिन बेहद चर्चित घटना राजद नेता मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की अस्पताल परिसर में हुई हत्या की याद ताजा कर दी.
बृज बिहारी प्रसाद की हत्या की याद: दरअसल, 1998 में आरजेडी नेता बृज बिहारी प्रसाद की हत्या जो अस्पताल परिसर में ही गोलियों से छलनी कर दिए गए थे. दोनों घटनाओं के बीच 27 साल का अंतर है, लेकिन तरीका स्थान और सनसनीखेज हिम्मत एकदम समान है.
शूटरों ने इतिहार दोहराया: दोनों वारदातें अलग-अलग दौर की हैं, लेकिन अपराधियों के हौसले जगह और तरीका जैसे इतिहास ने खुद को दोहराया हो. यह कोई आम वारदात नहीं थी जिसने लोगों के जेहन में एक पुरानी लगभग भूली जा चुकी लेकिन बेहद चर्चित घटना की याद ताजा कर दी.
तेजस्वी यादव ने खड़े किए सवाल: अस्पताल की ICU में चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद अब बिहार की राजनीति गरमा गई है. नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने इस घटना को लेकर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि बिहार में अब कोई भी कहीं भी सुरक्षित नहीं है. उन्होंने यह भी पूछा कि 2005 से पहले ऐसा होता था क्या?

जेडीयू का तेजस्वी पर पलटवार: तेजस्वी के इस बयान पर जदयू के मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने तीखा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि "भतीजा याद है ना? डैडी और मम्मी साक्षात विराजमान हैं 10 सर्कुलर रोड में. उनसे पूछो कि 2005 से पहले आपके दल के नेता और मंत्री बृज बिहारी प्रसाद को पुलिस सुरक्षा में रहते हुए अस्पताल परिसर में भून दिया गया था."
तेजस्वी को इतिहास जानकारी होनी चाहिए : नीरज कुमार ने कहा कि तेजस्वी यादव को अपने परिवार के इतिहास की जानकारी होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि उस वक्त क्या आपके पिताजी को राजनीतिक कोरोना हो गया था? अपराधियों को संरक्षण देने का इतिहास अगर किसी ने शुरू किया है तो वह नाम है लालू प्रसाद यादव और आज के दौर में नया नाम है नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव.
बख्से नहीं जाएंगे अपराधी: उन्होंने तेजस्वी पर तंज कसते हुए कहा कि हथकड़ी पहनकर नॉमिनेशन करने वाला कोई गुनाहगार है तो उसका नाम है तेजस्वी यादव. निजी अस्पताल में घुसकर गोली चलना चिंता का विषय. जदयू की ओर से कहा गया कि घटना गंभीर है और इस पर मुकम्मल कार्रवाई की जाएगी.

ICU में घुसकर वारदात: नीरज कुमार ने कहा कि यह एक निजी अस्पताल है जहां खुद के सिक्योरिटी गार्ड हैं और CCTV कैमरे लगे हैं. फिर भी अपराधी ICU में घुसकर वारदात कर जाते हैं. ये वाकई चिंता की बात है, लेकिन पुलिस की ओर से सख्त कार्रवाई की जाएगी और उद्भेदन सुनिश्चित होगा.
अस्पताल में घुसकर चंदन मिश्रा की हत्या: गुरुवार सुबह पटना के पारस अस्पताल की ICU में भर्ती आपराधिक मामलों में सजायाफ्ता चंदन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई. हमलावर अस्पताल के भीतर तक पहुंचे और ICU में घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं. इस वारदात ने बिहार की कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर दिया है.
27 साल पहले हुआ था मर्डर: 13 जून 1998 को राबड़ी देवी की सरकार में मंत्री बृज बिहारी प्रसाद की उस वक्त हत्या कर दी गई थी, जब वह आईजीआईएमएस परिसर में टहल रहे थे. घटना के वक्त उनके अंगरक्षक भी वहां मौजूद थे, इसके बावजूद उनको गोलियों से छलनी कर दिया गया.

आईजीआईएमएस में भर्ती: मृतक बृज बिहारी प्रसाद पर देवेंद्र दुबे की हत्या का आरोप था. एडमिशन घोटाले में गिरफ्तारी के बाद बृजबिहारी को सीने में दर्द की शिकायत पर आईजीआईएमएस में भर्ती कराया था. इस घटना ने उस दौर में राज्य की राजनीति और कानून-व्यवस्था को हिला दिया था.
कौन था मृतक चंदन मिश्रा : चंदन मिश्रा मूल रूप से बक्सर का रहने वाला था. इसके ऊपर भी दर्जन भर आपराधिक मामले दर्ज थे. 2024 से पटना के बेउर जेल में बंद था और 15 दिन के पैरोल पर इलाज कराने निजी अस्पताल पहुंचा था. जहां अपराधियों ने गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया.
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