ETV Bharat / state

पंडो आदिवासियों के जिस मोहल्ले में फैला संक्रमण, वहां दो बच्चों की हो चुकी है मौत, विभाग कर रहा बेहतर इलाज का दावा

कोरबा में पंडो आदिवासियों के एक मोहल्ले में संक्रमण फैला है. वहां दो बच्चों की मौत हुई है.

CG HEALTH DEPARTMENT
अड़सरा गांव में बच्चों की मौत (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Chhattisgarh Team

Published : April 4, 2025 at 6:19 PM IST

3 Min Read
Choose ETV Bharat

कोरबा: छत्तीसगढ़ की ऊर्जाधानी पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अड़सरा गांव में निवासरत पंडो आदिवासी भीषण संक्रमण से जूझ रहे हैं. लोगों के हाथ पैर में फोड़े फफोले हो गए हैं, स्वास्थ्य विभाग ने इसे स्केबीज नामक खुजली की बीमारी बताकर इलाज की बात कही है. इस बीच एक जानकारी सामने आई है कि कुछ महीनो के दौरान इसी गांव में दो बच्चों की मौत हो चुकी है. जिनके मौत का कारण विभाग के अनुसार बुखार और अन्य बीमारी है.

अक्टूबर और फरवरी में दो बच्चों की मौत :स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिन दो बच्चों की मौत हुई है. उनकी मौत का कारण गांव में फैला संक्रमण नहीं है. 2024 के अक्टूबर महीने में 1 साल की बच्चे पूजा की मौत पेंड्रा के अस्पताल में हुई थी. जबकि दूसरी बच्ची की मौत बीते 3 फरवरी को हुई है. इस बच्ची की उम्र भी 2 साल थी. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दोनों को ही बुखार और पेट में दर्द की तकलीफ थी. जिससे उनकी मौत होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कही है.

कोरबा में पंडो आदिवासी बच्चों की मौत का मामला (ETV BHARAT)

नहीं खत्म हो रहा इंफेक्शन: अड़सरा में पंडो आदिवासियों के लगभग 30 परिवार निवास करते हैं. इनमें पिछले लगभग 15 दिन से 1 महीने के दौरान बुरी तरह से संक्रमण फैला हुआ है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी यहां सिर्फ औपचारिकता पूरी करने आ रहे हैं. ठोस इलाज नहीं किया जा रहा है, जिसके कारण संक्रमण बरकरार है. ग्रामीण लगातार इससे जूझ रहे हैं.

"खुजली से नहीं हो सकती मौत, लगातार कर रहे इलाज":सीएमएचओ डॉ एसएन केसरी का कहना है कि अड़सरा में जिन आदिवासियों में संक्रमण फैला है. वह स्केबीज नाम की खुजली है. इस खुजली से किसी की मौत नहीं हो सकती, बॉडी टू बॉडी टच करने से यह फैलता है और हाइजीन मेंटेन नहीं करने से यह फैलता है और जल्दी ठीक भी नहीं होता.

जिन दो बच्चों की मौत हुई है, उनमें से एक की अक्टूबर तो दूसरे की फरवरी में मौत हुई है. दोनों की ही मौत बुखार और पेट में दर्द की वजह से हुई थी. संक्रमण इसका कारण नहीं है. गांव में हम ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं. हमारे पास पर्याप्त दवा मौजूद है. हमारी टीम भी वहां लगातार मेहनत कर रही है.- डॉ एसएन केसरी,सीएमएचओ

पोड़ी उपरोड़ा ब्लॉक के अड़सरा गांव में फैली संक्रमण की इस बीमारी को लेकर लोग चिंतित है. स्वास्थ्य विभाग इसे स्केबीज बीमारी बता रहा है.

माड़वी हिड़मा के गढ़ में डिप्टी सीएम विजय शर्मा, कहा- अब तक दुनिया से अलग था रायगुड़ेम गांव

नए वक्फ बिल का लोकसभा से पास होना ऐतिहासिक, नक्सलियों से बिना शर्त होगी बातचीत: रमन सिंह

छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने मिस्र में लहराया तिरंगा, पंथी नृत्य से जीता दिल