CBI ने हाईकोर्ट में पेश की नर्सिंग कॉलेजों की जानकारी, मान्यता संबंधी फर्जीवाड़े का मामला
नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता और फैकल्टी को लेकर लगाई गई थी याचिका, सुनवाई के दौरान सामने आया नया मोड़.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 17, 2025 at 3:45 PM IST
जबलपुर : मध्य प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों की मान्यता संबंधी मामले में सीबीआई ने डाटा पेश कर दिया है. सीबीआई ने जांच की सारी जानकारी अपनी ओर से हाईकोर्ट में पेश की. हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस प्रदीप मित्तल के निर्देश पर यह जांच डाटा याचिकाकर्ता को भी प्रदान किया है.
हाईकोर्ट से CBI को सौंपी थी जांच
दरअसल, प्रदेश में नर्सिंग कॉलेज की मान्यता संबंधित मामले को लेकर लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी. याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने प्रदेश में संचालित नर्सिंग कॉलेज की जांच सीबीआई को सौंपी थी. सीबीआई की ओर से सूटेबल,अनसूटेबल व कमियां पाए जाने वाले कॉलेजों की सूची हाईकोर्ट में पेश की थी.
एक ही व्यक्ति मार्कशीटों कैसे अलग-अलग?
पूर्व में हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से आवेदन पेश कर कहा गया था कि सीबीआई जांच में सूटेबल पाए गए नर्सिंग कॉलेज में कार्यरत फैकल्टी फर्जी हैं. सीबीआई ने उक्त कॉलेज में पदस्थ फैकल्टी की मार्कशीट रिपोर्ट पेश करते हुए याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गई मार्कशीट को फर्जी करार दिया था.

याचिकाकर्ता ने युगलपीठ को बताया गया कि उक्त कॉलेज की फैकल्टी की मार्कशीट मप्र नर्सिंग काउंसलिंग के पोर्टल से उन्होंने निकाली है. युगलपीठ ने कोर्ट में लैपटॉप बुलाकर पोर्टल की जांच की। युगलपीठ ने पाया कि सीबीआई व याचिकाकर्ता की ओर से पेश की गईं मार्कशीट अलग-अलग हैं.
सीबीआई ने याचिकाकर्ता को सौंपा जांच का डाटा
युगलपीठ ने सीबीआई को निर्देशित किया था कि नर्सिंग कॉलेज की जांच रिपोर्ट का डाटा याचिकाकर्ता को प्रदान किया जाए. इसपर सीबीआई ने आदेश का पालन करते हुए जांच नर्सिंग कॉलेजों की जांच का डाटा युगलपीठ के समक्ष प्रस्तुत किया. याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता आलोक बागरेचा ने पैरवी की। वहीं अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 28 अक्टूबर को निर्धारित की गई है.
पैरामेडिकल कॉलेजों में भी गड़बड़ी के आरोप
लॉ स्टूडेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि प्रदेश में संचालित कई नर्सिंग कॉलेज फर्जी तरीके से चल रहे हैं. कई कॉलेज निर्धारित मानदंड पूरा नहीं करने के बावजूद मान्यता लेकर बैठे हैं. कई तो ऐसे कॉलेज हैं, जो एक कमरे में चल रहे हैं. ऐसा ही हाल कई पैरामेडिकल कॉलेजों का भी हैं.
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इस मामले में हाईकोर्ट के निर्देश पर शुरू हुई सीबीआई की प्रारंभिक जांच में 169 कॉलेज सूटेबल, 65 कॉलेज अनसूटेबल व 74 कॉलेज में कमियां पाई गई थीं. सीबीआई की दूसरी जांच में 129 कॉलेज में कमियां पाई गई थीं. पैरामेडिकल कॉलेजों में भी गड़बड़ियां सामने आई हैं.

