दिल्ली में अब घर के पास मिलना शुरू होगा कैंसर का इलाज!, इन अस्पतालों में बनेंगे डे केयर सेंटर
डीएससीआई को बनाया गया है पीएम-डीसीसीसी सेंटर्स के डॉक्टर और नर्स के प्रशिक्षण का नोडल केंद्र

Published : July 18, 2025 at 8:51 PM IST
|Updated : July 18, 2025 at 10:55 PM IST
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली के लोगों को अब घर के पास ही कैंसर के इलाज की सुविधा मिलनी शुरू हो जाएगी. उन्हें बार-बार कैंसर के इलाज के लिए बड़े-बड़े अस्पतालों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इसके लिए एक बार मरीज का इलाज कैंसर के बड़े अस्पताल में शुरू कराना पड़ेगा. उसके बाद फिर फॉलो-अप के लिए उन्हें बार-बार अस्पताल नहीं जाना पड़ेगा. घर के नजदीक ही प्रधानमंत्री जिला डे केयर कैंसर सेंटर (पीएम-डीसीसीसी) पर कैंसर के इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी.
दरअसल, केंद्र सरकार ने फरवरी में पेश किए गए आम बजट में देश के 200 जिलों में जिला स्तर पर कैंसर के मरीजों के लिए जिला डे केयर कैंसर सेंटर बनाने की घोषणा की थी. इसकी शुरुआत अब दिल्ली में चार जिला डे केयर कैंसर सेंटर शुरू करने से की जा रही है. इसके लिए दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टिट्यूट (डीएससीआई) को नोडल केंद्र बनाया गया है.
नोडल केंद्र के तौर पर डीएससीआई में जिन चार अस्पतालों में जिला डे केयर कैंसर सेंटर शुरू किए जा रहे हैं वहां के डॉक्टर और नर्स को कैंसर ट्रीटमेंट की ट्रेनिंग देना शुरू किया गया है. उनकी ट्रेनिंग शुक्रवार से शुरू हुई है, जो एक महीने तक चलेगी. इन लोगों की ट्रेनिंग पूरी होने के बाद इन्हें डे केयर कैंसर सेंटर में कैंसर के मरीजों के इलाज में लगाया जाएगा. इससे दिल्ली के चार इलाकों में शुरू किए जा रहे जिला डे केयर कैंसर सेंटर के आसपास के मरीजों को उनके घर के नजदीक इलाज की सुविधा मिल सकेगी. उन्हें बार-बार कैंसर की इलाज के लिए दिल्ली स्टेट कैंसर इंस्टीट्यूट, एम्स या दिल्ली के अन्य प्राइवेट अस्पतालों में चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे.
दिल्ली के किन-किन अस्पतालों में शुरू होने जा रहे डिस्ट्रिक्ट डे केयर कैंसर सेंटर?
डीएससीआई के निदेशक प्रो. दिवाकर ने बताया कि दिल्ली के जनकपुरी सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल, राव तुलाराम हॉस्पिटल और मालवीय नगर अस्पताल में पीएम डिस्टिक डे केयर कैंसर सेंटर की सुविधा शुरू की जाएगी. इसके तहत शुक्रवार से डीएससीआई में जनरल ड्यूटी मेडिकल ऑफिसर एवं नर्सिंग अधिकारियों के लिए व्यावहारिक ट्रेनिंग कार्यक्रम की शुरुआत की गई है. डॉ दिवाकर ने बताया कि पहले बैच में चार मेडिकल ऑफिसर एवं चार नर्सिंग ऑफिसर डीएससीआई के प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे हैं. प्रशिक्षण कार्यक्रम में कैंसर उपचार के क्षेत्र में सेवा दे रहे स्वास्थ्य कर्मियों को कीमोथेरेपी दवाओं के सुरक्षित संचालन, मरीजों की निगरानी और उपचार प्रबंधन के बारे में जानकारी दी जाएगी. यह प्रशिक्षण कार्यक्रम केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निर्देशानुसार तैयार किया गया है.
पीएम डिस्टिक डे केयर कैंसर सेंटर पर किस तरह के इलाज की सुविधा मिलेगी?
डीएससीआई में क्लीनिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ प्रज्ञा शुक्ला ने बताया कि पीएम डिस्टिक डे केयर कैंसर सेंटर पर कैंसर के मरीजों को कीमोथेरेपी के इलाज की सुविधा दी जाएगी. उन्होंने बताया कि कैंसर के अधिकतर मरीजों को कीमोथेरेपी देने की जरूरत पड़ती है, जिसके लिए उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ते हैं. इससे मरीजों का खर्च भी बढ़ता है. दिल्ली के चार अस्पतालों में यह सुविधा शुरू होने के बाद कैंसर के मरीजों को उनके घर के नजदीक इलाज की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी. उन्होंने कहा कि आगे भी सरकार की योजना इस सुविधा का दायरा बढ़ाने की है. अगले महीने में यह प्रशिक्षण विभिन्न बैचों में आयोजित किया जाएगा, जो देश भर में समुदाय के निकट कैंसर सेवाओं को पहुंचाने के राष्ट्रीय लक्ष्य में सहायक होगा.
डॉक्टर प्रज्ञा शुक्ला ने कहा; ''हमारा उद्देश्य देशभर में कैंसर के प्रशिक्षित चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ का ऐसा नेटवर्क बनाना है जो जिला स्तर पर सुरक्षित और प्रभावी कीमोथेरेपी सेवाएं प्रदान कर सकें. सरकार द्वारा कैंसर के इलाज की सुविधा को डिसेंट्रलाइज करने से अस्पतालों में भी मरीज की भीड़ कम होगी और जिस मरीज को अस्पताल में इलाज की जरूरत है उसे मरीज को असफल में आसानी से अलग मिल सकेगा.''
डीएससीआई में हमेशा फुल रहते हैं कैंसर मरीजों से 169 बेड
डॉ प्रज्ञा शुक्ला ने बताया कि कैंसर के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं. विश्व स्तर पर कहा जा रहा है कि भारत दुनिया की कैंसर कैपिटल बन चुका है. उस हिसाब से मरीजों की संख्या भी लगातार हर साल बढ़ रही है. इसको देखते हुए सरकार द्वारा भी कैंसर के इलाज की सुविधाएं बढ़ाने पर ध्यान दिया जा रहा है. उसी के तहत पीएम डिस्टिक डे केयर कैंसर सेंटर की शुरुआत की जा रही है. उन्होंने बताया कि डीएससीआई को 200 मरीजों की कैपेसिटी के साथ शुरू किया गया था. लेकिन, अब यहां की ओपीडी में ही प्रतिदिन 1000 कैंसर के मरीज आते हैं. इसके अलावा यहां पर जो 169 बेड उपलब्ध हैं. वह बेड हमेशा कैंसर मरीजों से भरे रहते हैं. कोई भी बेड कभी खाली नहीं रहता है.
क्या बोले प्रशिक्षण लेने वाले डॉक्टर और नर्स ?
डीएससीआई में कैंसर के इलाज का प्रशिक्षण ले रहे डॉक्टर सतीश चंद्र यादव ने कहा; ''मैं राव तुलाराम हॉस्पिटल में जीडीएमओ के पद पर कार्यरत हूं. वहां पर पीएम जिला डे केयर कैंसर सेंटर की शुरुआत की जा रही है. इसलिए हमें कैंसर के इलाज की ट्रेनिंग देने के लिए पहले बैच में यहां भेजा गया है. सुबह 10 से 5 बजे तक यहां ड्यूटी लगाई गई है. ट्रेनिंग एक महीने तक चलेगी और उसके बाद फिर हमें वहां कैंसर के मरीजों को कीमोथेरेपी और अन्य तरह के इलाज की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.'' वहीं, दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर दीपिका गांधी ने बताया कि मुझे कीमोथेरेपी का प्रशिक्षण लेने के लिए अस्पताल द्वारा यहां भेजा गया है. आज से प्रशिक्षण शुरू हो गया है, जो एक महीने तक चलेगा.
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