अवैध खनन: त्रिवेंद्र के बाद मुन्ना सिंह ने उठाए सवाल, अध्यक्ष ने विधायकों को सौंपा ये काम, पुलिस ने भी सीज की 50 गाड़ियां
उत्तराखंड में अवैध खनन के मुद्दे पर अपनों ने ही धामी सरकार का मुश्किलें बढ़ा रखी है.

By ETV Bharat Uttarakhand Team
Published : April 30, 2025 at 6:33 PM IST
|Updated : April 30, 2025 at 7:39 PM IST
देहरादून (किरणकांत शर्मा): उत्तराखंड में धामी सरकार के अवैध खनन पर लगाम लगाने के दावों के बीच बीजेपी विधायक और सांसद लगातार सवाल उठा रहे हैं. दरअसल, उत्तराखंड में अवैध खनन और ओवरलोडिंग का मुद्दा बीते दिनों बेहद सुर्खियों में तब आया जब हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने लोकसभा में ये मामला उठाया था. हालांकि, इसके बाद राज्य सरकार की ओर से खनन के कारण राजस्व में हुई बढ़ोतरी के आंकड़े भी जारी करवाए गए थे. वहीं, ताजा सामने आए बीजेपी विधायक के एक वीडियो ने फिर से सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए. हालांकि, इस बार भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट धामी सरकार की ढाल बने और उल्टा कांग्रेस पर निशाना साध दिया.
क्या प्रदेश में हो रहा अवैध खनन? मौजूदा समय में उत्तराखंड में अवैध खनन को लेकर क्या हुआ है, ये जानने से पहले इस बात को जानना बेहद जरूरी है कि आखिरकार बीता मार्च का महीना खनन को लेकर क्यों चर्चा में रहा? दरअसल, हरिद्वार सांसद और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने संसद में यह कहकर सरकार की चिंता बढ़ा दी थी कि उत्तराखंड में अवैध खनन का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है. उन्होंने खनन की वजह से कई लोगों की जान और पर्यावरण को नुकसान के मुद्दे भी उठाए थे.
इसके बाद राज्य में तमाम भाजपा नेताओं ने जहां सरकार के पक्ष में बयान दिए थे तो वहीं शासन में आईएएस अधिकारी बृजेश कुमार संत ने भी ये कहा था कि खनन को लेकर राज्य सरकार बेहद गंभीर है और पूरे राज्य में कहीं भी अवैध खनन नहीं हो रहा है. अधिकारी ने बताया था कि राज्य में खनन से राजस्व इतना बढ़ा है जितना अबतक किसी भी सरकार के कार्यकाल में नहीं हुआ.
ये विवाद अभी शांत ही हुआ था कि अभी दो दिन पहले यानी 28 अप्रैल को राजधानी देहरादून के ही समीप विकासनगर विधानसभा क्षेत्र से विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने अवैध खनन को लेकर जो वीडियो जारी की, उसके बाद यह चर्चा दोबारा से शुरू हो गई कि त्रिवेंद्र सिंह रावत जिस अवैध खनन की बात कर रहे थे क्या वो हकीकत में राज्य में हो रहा है?
प्रश्न काल के दौरान आज संसद में देहरादून-हरिद्वार-नैनीताल और उधमसिंह नगर जिलों में रात्रि के समय अवैध रूप से संचालित खनन ट्रकों के बेहद ही गंभीर और संवेदनशील विषय की और सरकार का ध्यान आकर्षित किया| pic.twitter.com/zrZWOsKgEh
— Trivendra Singh Rawat (@tsrawatbjp) March 28, 2025
कांग्रेस ने किया बीजेपी को टारगेट: दरअसल, बीते दिनों बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान अपने विधानसभा क्षेत्र विकासनगर का भ्रमण कर रहे थे, तभी उनकी नजर खनन से लदे ट्रैक्टर-ट्राली पर पड़ी. विधायक मुन्ना सिंह चौहान ने वहीं से उस क्षेत्र के थाना प्रभारी को कॉल किया. चौहान करीब 40 मिनट तक स्थानीय पुलिस को फोन करते रहे और पुलिस का एक जवान भी उनके बुलाने पर वहां पर नहीं पहुंचा.
काफी वक्त बाद जब पुलिस के कर्मचारी वहां पहुंचे तबतक मुन्ना सिंह चौहान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया था. बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह ने न सिर्फ पुलिस अधिकारी को फटकार लगाई, बल्कि पुलिस पर गंभीर आरोप भी लगा दिए. इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सामने आने के बाद राजधानी देहरादून के पुलिस कप्तान अजय सिंह ने तत्काल प्रभाव से पूरी चौकी को लाइन हाजिर कर कार्रवाई की थी.
Uttarakhand | The mining secretary has opposed the statement of former CM Trivendra Singh Rawat on illegal mining and said that since the formation of the state from 2002 to 2025, the state never received revenue of Rs 200 crore from mining, but by curbing illegal mining, the…
— ANI UP/Uttarakhand (@ANINewsUP) March 28, 2025
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वहीं, इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया, जिसके बाद से ही कांग्रेस ने भी धामी सरकार को टारगेट करना शुरू कर दिया. हालांकि, कांग्रेस के अटैकिंग मोड पर बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने जवाब दिया है.
बीजेपी ने अपने विधायकों से की अपील: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट पहले तो ये मानने को तैयार ही नहीं है कि प्रदेश में अवैध खनन हो रहा है. उनका कहना है कि इस तरह के एक दो मामले ही सामने आते हैं. उन्होंने अपने विधायकों से अपील भी कर दी कि अगर उनके क्षेत्र में इस तरह के काम या अवैध खनन हो रहा है तो सभी विधायक आगे आकर इस काम पर अंकुश लगाएं. इस बयान को देखते हुए ऐसा कहा जा सकता है कि महेंद्र भट्ट ने अपने विधायकों को यह छूट दी है कि वो अवैध खनन या अवैध काम को पूरी तरह से रोकने के लिए स्वतंत्र हैं.
मुन्ना सिंह चौहान की तारीफ: प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने तो यह तक कह दिया था कि यह काम विपक्षी दल कांग्रेस को करना चाहिए था, लेकिन अगर बीजेपी के विधायक किसी अवैध काम को रोक रहे हैं तो इसकी तारीफ होनी चाहिए न की उनका विरोध.
पुलिस भी आई एक्शन में: बीजेपी विधायक मुन्ना सिंह चौहान का वीडियो सामने आने और सत्ता में गलियारों में अवैध खनन का मुद्दा उठाने के बाद पुलिस भी एक्शन में आ गई. महीने की अंतिम तारीख यानी 30 अप्रैल को देहरादून पुलिस ने जिले के विकासनगर और अन्य क्षेत्रों में कई ऐसी गाड़ियां सीज की जो अवैध खनन से लदी हुई थीं. देहरादून एसएसपी अजय सिंह के निर्देश पर शहर में ओवरलोडिंग वालों के खिलाफ भी विशेष अभियान चलाया गया. एक दिन में पुलिस ने 50 से ज्यादा ऐसी गाड़ियों को सीज किया, जो ओवरलोडेड थीं. इसके साथ ही राजधानी में ओवर स्पीड से यातायात नियमों का उल्लंघन कर रही सभी गाड़ियों का पुलिस ने चालान किया है और कुछ को सीज भी कर दिया गया है.
त्रिवेंद्र ने भी उठाया था लोकसभा में सवाल: बता दें कि बीते दिनों लोकसभा में उत्तराखंड के पूर्व सीएम और हरिद्वार से बीजेपी सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी अवैध खनन और ओवरलोडिंग का मुद्दा उठाया था. इस मामले पर शासन से सचिव स्तर के अधिकारी की प्रतिक्रिया भी आई थी. उन्होंने त्रिवेंद्र सिंह रावत के आरोपों को निराधार बताते हुए खनन से उत्तराखंड को मिलने वाले राजस्व का आंकड़ा बताया था. इस आंकड़ों पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी प्रतिक्रिया दी थी. तब भी प्रदेश में अवैध खनन पर जमकर राजनीति हुई थी.
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