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बिहार STF की बड़ी कार्रवाई, बोकारो ज्वैलरी लूटकांड का 24 घंटे में खुलासा, 6 बदमाश गिरफ्तार

बिहार एसटीएफ को बड़ी सफलता हाथ लगी है. बोकारो ज्वैलरी शॉप लूटकांड में 6 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है. जानें कैसे हुआ भंडाफोड़.

BOKARO JEWELLERY ROBBERY CASE
बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : June 24, 2025 at 2:09 PM IST

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पटना: बिहार एसटीएफ ने झारखंड के बोकारो जिले में हुई ज्वैलरी शॉप लूट की घटना में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर एक बड़ी सफलता हासिल की है. एसटीएफ ने पटना पुलिस के सहयोग से 24 घंटे के भीतर सभी आरोपियों को पकड़ लिया. गिरफ्तार आरोपियों के नाम राहुल पटेल, आदित्य कुमार, रोशन सिंह, नीतीश कुमार, आदित्य राज और प्रिंस कुमार हैं. इसके अलावा, एक अन्य आरोपी मुसाफिर को छपरा थाना क्षेत्र से हिरासत में लिया गया है.

बोकारो ज्वैलरी शॉप लूटकांड: झारखंड के बोकारो जिले के चास थाना क्षेत्र में 23 जून, 2025 को एक ज्वैलरी शॉप में बड़ी लूटपाट हुई. अपराधियों ने दुकान में धावा बोलकर भारी मात्रा में सोने के आभूषण लूट लिए. बोकारो पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की, लेकिन आरोपियों के बिहार से संबंधित होने की जानकारी मिलने पर बिहार एसटीएफ ने मामले में हस्तक्षेप किया.

एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई: एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली कि आरोपी बिहार के विभिन्न जिलों में छिपे हैं. इसके आधार पर एसटीएफ ने पटना पुलिस के साथ मिलकर तेजी से कार्रवाई शुरू की. 24 घंटे के भीतर पटना के आलमगंज और चौक थाना क्षेत्र से राहुल पटेल और आदित्य कुमार को गिरफ्तार किया गया. अन्य आरोपियों को भी बिहार के अलग-अलग स्थानों से पकड़ा गया है.

आरोपियों के पास से बहुत कुछ बरामद: एसटीएफ ने रोशन सिंह को बेतिया, नीतीश कुमार को वैशाली, आदित्य राज को केसरिया (मोतिहारी), प्रिंस कुमार को चनपटिया (मोतिहारी) और मुसाफिर को छपरा थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने लूटे गए सोने के 23 अंगूठियां, 6 मंगलसूत्र, 1 ब्रेसलेट, 13,820 रुपये नकद, एक स्विफ्ट डिजायर कार और 3 मोबाइल फोन बरामद किए.

BOKARO JEWELLERY ROBBERY CASE
बोकारो ज्वैलरी लूटकांड (ETV Bharat)

आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड: पूछताछ में सभी आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया. मुख्य आरोपी राहुल पटेल का पहले से ही आपराधिक रिकॉर्ड है, और उसके खिलाफ पटना के चौक और बेऊर थाना क्षेत्र में कई मामले दर्ज हैं. अन्य आरोपियों के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है. पुलिस का कहना है कि यह गिरोह संगठित अपराध में शामिल हो सकता है.

पुलिस का कड़ा संदेश: सटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 24 घंटे में मामले का खुलासा और सभी आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस की सक्षमता को दर्शाती है. शेष लूटे गए आभूषणों की तलाश जारी है, और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी. एसटीएफ और पटना पुलिस के बेहतर समन्वय ने इस त्वरित सफलता को संभव बनाया.

"बिहार एसटीएफ की यह कार्रवाई अपराधियों के लिए एक बड़ा संदेश है कि राज्य पुलिस गंभीर अपराधों के मामलों में त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम है. इस मामले में एसटीएफ और पटना पुलिस के बीच बेहतर समन्वय से ही इतनी जल्दी सफलता मिली है. अब आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और शेष बचे हुए लूट के सामान की तलाश जारी है."- वरिष्ठ अधिकारी, सटीएफ

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