बिहार के दारोगा परीक्षा में नकल और धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी
सवाल उठने लगा कि बिहार में परीक्षा हो और धांधली ना हो, ऐसा कैसे हो सकता है? हालांकि इसपर नकेल भी कसा जा रहा है.

Published : May 19, 2025 at 1:01 PM IST
|Updated : May 19, 2025 at 4:47 PM IST
पटना : बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा आयोजित मद्य निषेध विभाग के अवर निरीक्षक (दारोगा) पद की लिखित परीक्षा में धांधली और कदाचार के मामले सामने आए हैं. रविवार को पटना के शास्त्रीनगर और कंकड़बाग थाना क्षेत्र में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसमें एक वीक्षक नीतीश कुमार को नकल कराने तथा एक छात्र सुजीत कुमार को दूसरे की जगह परीक्षा देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है.
शास्त्रीनगर में प्रश्न पत्र लीक करने का प्रयास : शास्त्रीनगर स्थित केबी सहाय हाई स्कूल परीक्षा केंद्र पर एक वीक्षक नीतीश कुमार को एक छात्र को नकल कराते पकड़ा गया. तलाशी के दौरान उसके पास से एक स्मार्टफोन बरामद हुआ. बताया गया कि नीतीश परीक्षा के प्रश्नपत्र का फोटो खींचकर किसी को भेजने की कोशिश कर रहा था. इसके बाद शास्त्रीनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया और प्राथमिकी दर्ज की.
''सेंटर से हमलोगों को फोन आया था. इसके बाद हमलोग मौके पर पहुंचे. संलिप्त वीक्षक नीतीश कुमार को गिरफ्तार किया गया है. मामले में अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है. मोबाइल को भी जब्त किया गया है.''- अमर कुमार, थाना अध्यक्ष, शास्त्रीनगर
कंकड़बाग में दूसरे की जगह परीक्षा देते पकड़ा युवक : इसी दौरान, चिरैयाटांड़ स्थित राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय केंद्र पर वीक्षकों ने पाया कि परीक्षार्थी आशीष गौरव की जगह सुजीत कुमार (गया के टेकारी निवासी) परीक्षा दे रहा था. पुलिस ने धोखाधड़ी के आरोप में सुजीत को गिरफ्तार कर कंकड़बाग थाने में केस दर्ज किया है. दोनों मामलों में शास्त्रीनगर और कंकड़बाग पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) और परीक्षा नियमों के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
परीक्षा का विवरण और उपस्थिति : बता दें कि बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग द्वारा 28 पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में 64,690 आवेदकों में से करीब 67% अभ्यर्थी शामिल हुए. परीक्षा रविवार 18 मई को पटना, गया, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, दरभंगा और पूर्णिया जिलों के 105 केंद्रों पर सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई थी.
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