कौन हैं चंदन सिंह? चकाई विधानसभा सीट से सुमित सिंह को देंगे टक्कर
चकाई विधानसभा में चंदन सिंह की चर्चा जोरों पर है, जो निर्वदलीय विधायक सुमित सिंह को टक्कर देंगे.

Published : September 26, 2025 at 4:12 PM IST
जमुई: बिहार चुनाव 2025 को लेकर राजनीतिक दल और निर्दलीय प्रत्याशी प्रचार-प्रसार में लग चुके हैं. इसी बीच जमुई जिले के चकाई विधानसभा में चंदन सिंह की चर्चा खूब हो रही है. चंदन सिंह निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है.
सुमित सिंह चुनौती: जिस तरीके से बीते दिनों इनकी जनसभा में भीड़ उमड़ी, इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वर्तमान निर्दलीय विधायक सुमित सिंह को कड़ी चुनौती देने वाले हैं. चंदन सिंह ने दावा किया है कि चकाई की जनता से उन्हें पूरा समर्थन मिल रहा है.
"बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की तैयारी कर रहे हैं. चकाई की पूरी जनता का समर्थन मिल रहा है. हमलोग चाहते हैं कि यहां के लोगों के लिए काम हो और यहां के लोगों के लिए रोजगार हो. किसानों के लिए कोल्ड स्टोर की जरूरत है." -चंदन सिंह, संभावित प्रत्याशी, चकाई विधानसभा
कौन हैं चंदन सिंह: मूल रूप से चकाई विधानसभा क्षेत्र के नक्सल प्रभावित इलाका बोंगी गांव के रहने वाले है. इतिहास से ग्रेजुएट और डेटा एनालिस्ट में महारत हासिल करने वाले चंदन समाज सेवा कर रहे हैं और बिहार चुनाव 2025 में किस्मत आजमाने वाले हैं.

नक्सली के कारण गांव छोड़े: चंदन सिंह का परिवार कभी नक्सलियों के शिकार हो गए थे. 2002 में नक्सलियों ने चंदन सिंह के दादा की हत्या कर दी थी. दरअसल, इनके दादा योगेंद्र सिंह वन विभाग में काम करते थे. हत्या के बाद गांव में नक्सलियों का ऐसा दहशत फैला कि पूरा परिवार को गांव छोड़कर जाना पड़ा.
पढ़ाई और नौकरी: गांव से जाने के बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के शिवाजी कॉलेज से ग्रेजुएशन के साथ डेटा एनालिस्ट की पढ़ाई की और एक प्राइवेट बैंक में नौकरी की. काफी समय तक नौकरी करने के बाद चंदन सिंह समाज सेवा की ओर झुकने लगे.

समाज सेवा की शुरुआत: गांव की गरीबी, पलायन को नजदीकी से देखा. खुद दूसरे प्रदेश में नौकरी की, इससे इन्हें पलायन का भी दर्द नजदीक से महसूस हुआ. चंदन सिंह नौकरी छोड़कर गांव आ गए और साल 2021 में चंदन सिंह काउनडेशन की शुरुआत की.
फाउंडेशन से लोगों की मदद: इस फाउंडेशन के माध्यम से अनाथ को आसरा, गरीब परिवार कि लडकियों का कन्यादान, सैंकडो कंप्यूटर सेंटर में निःशुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, दुर्घटना के शिकार लोगों की मदद, गरीब के श्राद्ध कर्म में सहयोग, रक्तदान आदि काम किए. इससे लोगों के बीच चंदन सिंह की पहचान एक मसीहा के रूप में हो गयी.
चकाई चंदीगढ़ कैसे बनेगा?: सुमित सिंह ने विधानसभा चुनाव 2020 में प्रचार-प्रसार के दौरान चकाई को चंदीगढ़ बनाने का वादा किया था. इसको लेकर चंदन सिंह ने कहा कि चकाई को चंदीगढ़ बनाने के लिए उस तरीके से काम करना पड़ता है.

"चकाई को चंदीगढ़ बनाने की बात है तो वहां जो सुविधा है, वैसी सुविधा यहां देने के लिए काम करना पड़ेगा. यहां की समस्या रोजगार की है. इसको लेकर काम करने की जरूरत है." - चंदन सिंह, संभावित प्रत्याशी, चकाई विधानसभा
रोजगार-पलायन बड़ा मुद्दा: चंदन सिंह ने रोजगार की बात करते हुए कहा कि जमुई में इथेनॉल प्लांट बन रहा है, लेकिन उसमें काम करने वाले मजदूर बाहर से लाये जा रहे हैं. स्थानीय लोगों को नौकरी नहीं दी जा रही है. उद्योग, रोजगार की कमी है. पढ़े लिखे लोगों को रोजगार नहीं मिलता तो मजबूरी में दिल्ली-मुंबई-कोलकाता जाना पड़ता है.

"यहां के प्रतिनिधि चाहेंगे तो लघु उद्योग और विश्वकर्मा योजना के तहत लोगों को ट्रेनिंग दी जाए तो लोगों को रोजगार मिलेगा. लोग घर में भी कुटिर उद्योग चला सकते हैं." - चंदन सिंह, संभावित प्रत्याशी, चकाई विधानसभा
चकाई से दावेदार: चकाई विधानसभा से वर्तमान विधायक सुमित सिंह और संजय प्रसाद दोनों जदयू से टिकट के दावेदार है. चंदन सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ेंगे. सावित्री देवी राजद से टिकट पाना चाहती है. राहुल सिंह जनसुराज से भावी प्रत्याशी के रूप में हैं. हालांकि अभी शीर्ष नेताओं की ओर से कोई फैसला नहीं लिया गया है.

अब तक निर्दलीय विधायक: चकाई विधानसभा में अब तक तीन निर्दलीय प्रत्याशी को सफलता मिल चुकी है. इसमें वर्तमान में सुमित सिंह, जो विधासभा चुनाव 2020 में राजद के प्रत्याशी को हराया. विधानसभा चुनाव 2000 में नरेंद्र सिंह, विधानसभा चुनाव 1977 में फाल्गुनी प्रसाद यादव निर्दलीय विधायक बने थे.
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