बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर, ट्रांसफर के लिए विभाग ने DEO को दिया निर्देश
शिक्षा विभाग ने 15 जून तक स्थानांतरण के आवेदन पर शिक्षकों को विद्यालय अलॉट करने का डीईओ को निर्देश दिया है. पढ़ें खबर

Published : May 23, 2025 at 2:49 PM IST
पटना : शिक्षा विभाग की ओर से दिसंबर 2024 में स्थानांतरण के लिए मांगे गए आवेदन पर 1.90 लाख आवेदन विभाग को प्राप्त हुए थे. इसमें अब तक राज्य में 6 चरणों में 29684 शिक्षकों का ट्रांसफर हो चुका है. इसमें गंभीर और असाध्याय बीमारी वाले पुरुष और महिला शिक्षक, विधवा और घर से दूरी के आधार पर महिला शिक्षकों का ट्रांसफर हुआ है.
शिक्षकों के ट्रांसफर पर विभाग सक्रिय : शिक्षा विभाग के मुताबिक स्थानांतरण के लिए प्राप्त आवेदन में 1.62 लाख शिक्षकों ने दूरी के आधार पर स्थानांतरण के लिए आवेदन किया है. इसमें 20 मई को बीपीएससी प्रथम और दूसरे चरण के 11801 महिला शिक्षकों का दूरी के आधार पर ट्रांसफर हुआ. अब बचे हुए आवेदन को भी शिक्षा विभाग 20 जून तक पूरी कर लेने की तैयारी में है.
जिला के भीतर भी शिक्षकों का होगा ट्रांसफर : शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों की मानें तो मई महीने के अंतिम सप्ताह से बचे हुए आवेदन पर विचार की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. इसमें वह शिक्षक भी शामिल होंगे जिन्होंने जिले के अंदर ही दूरी के आधार पर तबादला के लिए आवेदन किया है. विभाग इस दिशा में एक्सरसाइज कर रहा है और सॉफ्टवेयर का ट्रायल किया जा रहा है ताकि बड़ी संख्या में सुगमता के साथ तबादला किया जा सके. इस तबादले की प्रक्रिया में सक्षमता उत्तीर्ण शिक्षक भी शामिल होंगे.
विभागीय सूत्रों के मुताबिक जिन शिक्षकों ने जिले के अंदर ही तबादले के लिए आवेदन किया है, उन्हें उनके नजदीकी स्कूल आवंटित किए जाने पर विचार चल रहा है.
20 जून तक स्थानांतरण प्रक्रिया पूरी करने की योजना : शिक्षा विभाग के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक बची हुई शिक्षकों की ट्रांसफर प्रक्रिया दो चरण में पूरी की जाएगी जिसमें पहला चरण मई के अंतिम सप्ताह में और दूसरा चरण 10 जून तक पूरा कर लिया जाएगा. गौरतलब है कि शिक्षा विभाग में 1 जून से 20 जून तक स्कूलों में ग्रीष्मावकाश की छुट्टी हो रही है.

क्या है प्लानिंग ? : विभाग की योजना है कि गर्मी छुट्टी के बाद जब विद्यालय शुरू हो तो शिक्षक अपने नई पोस्टिंग वाले स्कूलों में पढ़ाना शुरू कर दें. शिक्षा विभाग की ओर से इस बार भी ट्रांसफर की कोई सूची नहीं जारी की जाएगी और प्रक्रिया ई-शिक्षाकोष पोर्टल के जरिए पूरी की जाएगी. जिसकी जानकारी शिक्षकों को मैसेज के माध्यम से उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी.
1.30 लाख आवेदन पर हो चुका विचार : शिक्षा विभाग ने शुक्रवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि विशेष कारणों से स्थानांतरण के लिए विभाग को शिक्षकों के 1,90,226 आवेदन प्राप्त हुए थे. इनमें से अब तक लगभग 1,30,000 आवेदनों पर विचार करते हुए उनमें दर्ज विकल्प के आधार पर जिला आवंटन की कार्रवाई की जा चुकी है.
एक सप्ताह में शिक्षकों को नए स्कूल में ज्वाइन करना होगा: इन शिक्षकों को उनके द्वारा आवेदन में भरे गए पंचायत के विकल्प एवं जिले में रिक्ति के आधार पर विद्यालय आवंटन की कार्रवाई जिला शिक्षा पदाधिकारी के स्तर पर की जाएगी. जिला शिक्षा पदाधिकारी को 15 जून तक विद्यालय आवंटन का कार्य पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है. विद्यालय आवंटन के बाद 23 जून से 30 जून तक शिक्षकों को नए आवंटित विद्यालय में योगदान करना होगा.
DEO को एक-एक कर शिक्षकों को अलॉट करना होगा विद्यालय : शिक्षा विभाग ने बताया है कि विद्यालय आवंटन करते समय एक बार में शिक्षकों की पूरी लिस्ट जिला शिक्षा पदाधिकारी को नहीं दिखेगी. एक-एक करके शिक्षकों की लिस्ट पोर्टल पर डीईओ को दिखेगी. कोई भी डीईओ किसी शिक्षक के आवेदक को बिना विद्यालय आवंटित किये स्किप नहीं कर सकते हैं. एक शिक्षक के आवेदन पर विद्यालय आवंटित करने के बाद ही दूसरे शिक्षक का आवेदन खुलेगा. शिक्षकों के लिए विद्यालय आवंटन होने के बाद विद्यालय में योगदान करना अनिवार्य होगा. अगर कोई शिक्षक ट्रांसफर आदेश से खुश नहीं है तो वह नई जगह पर योगदान करने के बाद ही डीईओ के समक्ष आवेदन कर सकते हैं.
नए सिरे से कर सकते हैं आवेदन : शिक्षा विभाग ने कहा है कि शेष शिक्षक जिनके आवेदन पर अभी तक विचार नहीं किया जा सका है, उनके संदर्भ में द्वितीय चरण में समीक्षोपरांत निर्णय लिया जायेगा. ऐसे शिक्षकों के लिए ई-शिक्षाकोष पर यह विकल्प उपलब्ध कराया गया है कि वे या तो अपना आवेदन वापस ले लें अथवा उस आवेदन को डिलीट करके नये सिरे से विकल्प को भर सकते हैं.
जो शिक्षक पूर्व में भरे गए कारण को बदलना चाहते हैं वे भी अपना पूर्व का आवेदन डिलीट करके नये सिरे से आवेदन भी दे सकते हैं. साथ ही साथ नये शिक्षक भी अपना आवेदन दे सकते हैं. इन सभी आवेदनों पर द्वितीय चरण में जिलों में रिक्ति की उपलब्धता एवं छात्र शिक्षक अनुपात के आधार पर विचार किया जायेगा.
इन जिलों में शिक्षकों की संख्या कम : शिक्षा विभाग ने यह कहा है कि राज्य के शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्णिया, पूर्वी चम्पारण, अररिया, कटिहार, खगड़िया, सुपौल, बांका, जमुई, किशनगंज, लखीसराय, भागलपुर एवं मधुबनी जिलों में छात्र शिक्षक अनुपात औसत से काफी ज्यादा है. नया विकल्प चुनते समय शिक्षकगण यदि इन जिलों का विकल्प चुनते हैं, तो उसपर यथाशीघ्र विचार किया जाएगा.
''ट्रांसफर प्रक्रिया को शिक्षा विभाग ने कंफ्यूज कर दिया है. अभी तक स्पष्ट नहीं है कि जिन आवेदनों पर विचार हुए हैं उनमें कितने का स्थानांतरण हुआ है. जिनका स्थानांतरण हुआ है उन्हें अभी तक विद्यालय अलॉट नहीं हुआ है. स्थानांतरण प्रक्रिया में दूरी के आधार पर दिए आवेदन में पुरुष शिक्षकों के साथ भेदभाव दिखाई पड़ रहा है. हम चाहते हैं कि शिक्षा विभाग स्पष्ट करे कि जिन आवेदनों पर विचार हुआ है उनमें कितने शिक्षकों के आवेदन स्वीकृत हुए हैं और जिनके अस्वीकृत हुए हैं उसके कारण क्या है.''- दीपांकर गौरव, अध्यक्ष, बिहार विद्यालय अध्यापक संघ
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