'लिंक पर क्लिक और अकाउंट खाली..'पटना के साइबर ठगों ने देशभर में लोन दिलाने के नाम पर लगाया करोड़ों का चूना
एक प्रतिष्ठित बैंक के नाम पर फर्जी लोन देने वाले साइबर गिरोह का पटना में भंडाफोड़ हुआ है. दो आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की ठगी उजागर-

Published : July 11, 2025 at 5:39 PM IST
पटना : बिहार की राजधानी पटना में सोशल मीडिया पर एक प्रतिष्ठित बैंक के लोकप्रिय ऐप के नाम पर फर्जी पर्सनल लोन देने का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले एक गिरोह पर पटना साइबर पुलिस ने शिकंजा कस दिया है. पुलिस ने शनिवार को एक कार्रवाई में दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है.
ठगों से मोबाइल और एटीएम कार्ड बरामद : गिरफ्तार आरोपियों के पास से 19 मोबाइल फोन, 15 एटीएम कार्ड और एक लैपटॉप बरामद किया है. यह गिरोह पिछले 3-4 सालों से सिस्टमेटिक तरीके से देशभर के लोगों को लूट रहा था और अब तक लाखों रुपये की ठगी कर चुका है.

लोन दिलाने के नाम पर ठगी : पटना साइबर थाना को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ लोग एक प्रतिष्ठित बैंक के ऐप के नाम पर पर्सनल लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों से पैसे ऐंठ रहे हैं.
दो साइबर ठग गिरफ्तार : इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए साइबर डीएसपी की अगुवाई में एक विशेष टीम गठित की गई. गहन तकनीकी जांच और निगरानी के बाद पुलिस ने पटना शहर के एक किराए के मकान पर छापा मारा. इस कार्रवाई में दो साइबर ठग गिरफ्तार किए गए.
सोशल मीडिया और पंपलेट से करते थे प्रचार : पुलिस जांच के मुताबिक, यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय रहता था और पंपलेट भी बांटता था. वे एक प्रतिष्ठित बैंक के नाम पर आकर्षक पर्सनल लोन ऑफर का प्रचार करते थे.
लिंक से ठगी : जब कोई व्यक्ति इन ऑफर में दिलचस्पी दिखाता और लोन के लिए जानकारी मांगता, तो धोखेबाज उसे व्हाट्सएप पर एक लिंक भेजते थे. इस लिंक के जरिए वे पीड़ित से ओटीपी या अन्य संवेदनशील बैंकिंग विवरण हासिल कर लेते थे. इस जानकारी का इस्तेमाल कर वे पीड़ित के खाते से पैसे निकाल लेते थे या उनके नाम पर फ्रॉड करते थे.
दक्षिण भारत तक फैला था जाल : पुलिस का अनुमान है कि इस गिरोह ने अब तक कई लोगों को अपना शिकार बनाया है. हैरानी की बात यह है कि इन पीड़ितों में सिर्फ बिहार या आसपास के इलाके के लोग ही नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के निवासी भी शामिल हैं. इससे पता चलता है कि यह गिरोह पूरे देश में अपनी फर्जीवाड़े की जाल फैला चुका था. ठगी की रकम करोड़ों रुपये में बताई जा रही है.
पुलिस कार्रवाई और जांच जारी : पटना के वेस्ट एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि काफी दिनों से साइबर थाने को इस तरह की धोखाधड़ी की शिकायतें मिल रही थीं, जिसमें एक प्रतिष्ठित बैंक के नाम पर लोन देने का झांसा दिया जा रहा था. इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए साइबर डीएसपी के नेतृत्व में एक डेडिकेटेड टीम बनाई गई थी जिसका भांडाफोड़ हुआ.
लापरवाही से होती है शुरुआत — क्लिक से पहले करें पड़ताल!
— Bihar Police (@bihar_police) June 28, 2025
बिना जांचे लिंक पर क्लिक करना पड़ सकता है भारी — सतर्क रहें, सुरक्षित रहें!
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''टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और गहन जांच के बाद संदिग्धों के ठिकाने का पता लगाया और छापेमारी की. इस ऑपरेशन में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और उनके कब्जे से 19 मोबाइल फोन और 15 एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं. ये लोग पटना में किराए के मकान में रहकर यह गतिविधि चला रहे थे.''- भानु प्रताप सिंह, एसपी, पटना वेस्ट
जागरूक नारी, स्कैमर्स पर भारी..
— Bihar Police (@bihar_police) January 10, 2025
साइबर ठगी से बचने के लिए जागरूक रहें और #BiharPolice को फॉलो करें..
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गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी : पुलिस का मानना है कि इस गिरोह में और भी सदस्य हो सकते हैं. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है ताकि उनके नेटवर्क, अन्य साथियों और ठगी से हुए पैसों के बारे में पता लगाया जा सके. साथ ही, सभी पीड़ितों की पहचान करने और उनसे विस्तृत बयान लेने का काम भी चल रहा है. बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप के डेटा का फोरेंसिक विश्लेषण भी महत्वपूर्ण सुराग दे सकता है.
अगर आप साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं तो, 1930 पर कॉल करने से पहले निम्नलिखित बातों पर ध्यान अवश्य दें...
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ETV भारत की अपील : ETV भारत आपसे बढ़ते साइबर अपराध को देखते हुए अपील करता है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने या किसी को भी ओटीपी शेयर करने से बचें. बैंक या वित्तीय संस्थान कभी भी ओटीपी या पासवर्ड मांगने के लिए फोन, मैसेज या ईमेल नहीं करते. किसी भी तरह के लोन या ऑफर के लिए सिर्फ बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप का ही इस्तेमाल करें. संदिग्ध गतिविधि की तुरंत अपने बैंक को सूचित करें और साइबर क्राइम पोर्टल पर या 1930 पर रिपोर्ट दर्ज कराएं.
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