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बिहार में दलितों के ही भरोसे क्यों कांग्रेस, सवाल- राहुल गांधी के दांव से लौटेगा 40 साल पुराना रुतबा?

बिहार कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम ईटीवी भारत से बातचीत में 2025 की भविष्यवाणी कर दी है. कहा कि एनडीए सत्ता से दूर होगी.

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राजेश कुमार राम (ETV Bharat)
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By ETV Bharat Bihar Team

Published : March 22, 2025 at 9:15 PM IST

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पटना: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 अक्टूबर-नवंबर में होना है. सभी पार्टी वोट बैंक की राजनीति कर रही है. इसमें अब कांग्रेस भी पीछे नहीं रहना चाहती है. यही कारण है कि कांग्रेस ने बिहार का प्रदेश अध्यक्ष एक दलित नेता राजेश राम को बनाया है. 56 साल के राजेश कुमार रविदास समुदाय से हैं. ऐसा माना जा रहा है कि कांग्रेस पार्टी ने बिहार में दलित समुदाय पर अपनी पकड़ बेहतर करने के लिए यह फैसला लिया है.

कांग्रेस का प्लान: बिहार में रविदास समुदाय की आबादी लगभग 5.25 फीसदी है. ऐसे में राहुल गांधी ने दोबारा से दलित वोटों को जोड़ने का प्लान बनाया है. इसके लिए पहले उन्होंने दलित समाज के कई अहम चेहरे को अपने मिशन के लिए जोड़ा है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार ने ईटीवी भारत से खास बातचीत में कांग्रेस का प्लान बताया. पेश है बाचतीच के प्रमुख अंश..

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम से बातचीत (ETV Bharat)

सवाल: विधानसभा चुनाव इसी वर्ष होना है. चुनाव से पहले पार्टी ने आपको बड़ी जिम्मेदारी दी है.
राजेश कुमार: देश की 130 वर्ष पुरानी है पार्टी का प्रदेश अध्यक्ष होना बहुत बड़ी जिम्मेवारी है. बहुत काम करने की जरूरत होगी. मैं अपना काम करता रहा. मेरे किस काम को देखते मुझे प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई वह मुझे भी नहीं पता.

सवाल: आप समुदाय से आते हैं. बिहार में इसकी आबादी 19 प्रतिशत है. यह कांग्रेस का पुराना वोट बैंक रहा है. राहुल गांधी अब दलितों के हक की आवाज उठा रहे हैं. दलितों को कांग्रेस के साथ फिर से जोड़ने में कितनी बड़ी चुनौती है?

राजेश कुमार: पुराने इतिहास को देखें तो स्वर्गीय जगजीवन राम जिनका कांग्रेस ने बहुत ज्यादा सम्मान दिया. दूसरा उदाहरण मीरा कुमार को भी कांग्रेस ने बहुत सम्मान दिया. 1990 से पहले जब कांग्रेस का बिहार में शासन हुआ करता था उस समय दलितों को सत्ता में भागीदारी मिली. 24% की यह आबादी हमसे क्यों अलग हुआ उसको फिर से कांग्रेस के साथ कैसे जोड़े यही प्राथमिकता होगी. हम जनहित के मुद्दों को लेकर लोगों से जुड़ेंगे. राहुल गांधी इस 23 से 24% लोगों को राजनीति में हिस्सेदारी देना चाहते हैं. इसी को लेकर कास्ट सेंसस की बात करते हैं.

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बिहार कांग्रेस (ETV Bharat)

सवाल: कांग्रेस युवाओं को फोकस कर रही है. कृष्णा अल्लावारु प्रदेश प्रभारी, कन्हैया कुमार को भी बिहार भेजा गया. अब आपको प्रदेश कांग्रेस का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. कांग्रेस की क्या रणनीति है?

राजेश कुमार: बिहार में राहुल गांधी और राजीव गांधी के परसेप्शन को जोड़ कर देखने की जरूरत है. जब देश के प्रधानमंत्री राजीव गांधी थे तो उन्होंने युवाओं के लिए 21 वर्ष से घटकर 18 वर्ष में वोट देने का अधिकार दिया. यह निर्णय लेने के समय पुराने नेता इसका विरोध कर रहे थे. तर्क दे रहे थे कि सरकार का फैसला कांग्रेस को सत्ता से दूर कर सकती है. इसके बावजूद राजीव गांधी ने 18 वर्ष में लोगों को वोट देने का अधिकार दिया. लेकिन कांग्रेस से धीरे-धीरे सत्ता दूर होती गई. अब राहुल गांधी भी युवाओं की बात कर रहे हैं. अब युवाओं की रुचि भी कांग्रेस पार्टी की तरफ होने लगी है.

सवाल: कन्हैया कुमार जब से कांग्रेस में शामिल हुए बिहार में काम करने का मौका नहीं मिला. अब आप कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बने हैं. क्या कन्हैया कुमार को बिहार में काम करने का अवसर मिलेगा?

राजेश कुमार: जहां तक कन्हैया कुमार की बात है तो वह पूरे देश में संगठन के लिए काम कर रहे हैं. बिहार में अभी चुनाव होने वाले हैं, इसलिए बिहार में ही काम करने का अवसर है. मीडिया वर्कशॉप चलेगा. इससे पहले भी अलका लांबा हो या अन्य बड़े नेता यहां आकर काम कर रहे हैं. बहुत जल्द फिर से राहुल गांधी पटना आएंगे. आने वाले समय में कांग्रेस के जितने बड़े नेता हैं, वे बिहार आएंगे.

सवाल: कांग्रेस विधानसभा चुनाव में कितनी सीटों पर चुनाव लड़ेगी. पिछली बार कांग्रेस 70 सीटों पर चुनाव लड़ी थी. इस बार कांग्रेस की कितनी सीटों पर दावेदारी होगी?

राजेश कुमार: हमारी प्राथमिकता है कि रोजगार से जनता को कैसे जोड़े. बिहार के युवा जो पलायन कर रहे हैं, बाहर में उन लोगों के साथ अपमान हो रहा है. युवाओं को रोजगार का अवसर कैसे मिले इस पर कांग्रेस ध्यान दे रही है. कांग्रेस कितनी सीट पर चुनाव लड़ेगी इस पर पार्टी के बड़े नेता बैठकर निर्णय लेंगे.

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार राम (ETV Bharat)

सवाल: कुछ दिन पहले चर्चा थी कि पिछले चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन अच्छा नहीं हुआ था. इसलिए इस बार कांग्रेस को अधिक सीट नहीं दी जाएगी. अखिलेश प्रसाद सिंह 70 सीटों पर चुनाव लड़ने की दावेदारी की थी. अब आप प्रदेश अध्यक्ष बने हैं तो कांग्रेस कितने सीटों पर दावेदारी करेगी.

राजेश कुमार: कांग्रेस पार्टी अभी सत्ता में भागीदारी की बात कर रही है. युवाओं को राजनीति में किस तरीके से भागीदारी हो इस पर कांग्रेस काम कर रही है. सीटों पर दावेदारी की बात है तो पार्टी के जो बड़े नेता हैं, इस पर फैसला उनको लेना है.

सवाल: लालू प्रसाद महागठबंधन के बड़े नेता हैं. लालू प्रसाद यादव के साथ कैसे आप सामंजस्य बैठाएंगे, क्योंकि उनकी बातचीत सीधे सोनिया गांधी और राहुल गांधी से होती है.

राजेश राम: लालू प्रसाद उन लोगों के अभिभावक हैं. अभिभावक के बारे में क्या बोलना है, उनके प्रति मेरा सम्मान है.

सवाल: पिछले 8 वर्षों से बिहार में कांग्रेस के प्रदेश कमेटी का गठन नहीं हो पाया. क्या आपकी अध्यक्षता में बिहार में कांग्रेस के कमेटी का गठन होगा.

राजेश कुमार: इसकी उम्मीद आप रखिए. जब दूसरा इंटरव्यू ईटीवी भारत के साथ होगा तो इसमें इसका जवाब मिल जाएगा. दूसरे इंटरव्यू में आपको इस मामले में बेहतर बता देंगे.

सवाल: अखिलेश सिंह का कार्यकाल पूरा नहीं हुआ था फिर उनको प्रदेश अध्यक्ष से क्यों हटाया गया?

राजेश कुमार: हमारे पार्टी का जो संविधान है, इसमें कार्यकाल निर्धारित है, लेकिन अंतिम अधिकार हाई कमान की होती है. हाई कमान कभी-कभी फैसले लेते हैं. यह फैसला एक तरफा नहीं होता है. सीडब्ल्यूसी की बैठक होती है. हमारे हाई कमान के अधीनस्थ जो भी CWC के मेंबर होते हैं, उनकी बैठक में उसमें यह निर्धारित होता है कि किसको कहां रखना है.

सवाल: बिहार विधानसभा चुनाव में राजेश, कृष्ण और कन्हैया की तिकड़ी का असर दिखेगा?

राजेश कुमार: यह तिकड़ी का असर नहीं दिखेगा. आपके सवाल को मैं दूसरे रूप में यह कह सकता हूं कि बिहार में कृष्ण, कन्हैया और राम की जोड़ी दिखेगी.

सवाल: राजेश राम अब राम की भूमिका में बिहार में आए हैं. क्या आपके नेतृत्व में कांग्रेस बेहतर प्रदर्शन करेगी?

राजेश कुमार: बिल्कुल, आने वाले समय में मैं प्रीमेच्योर बात नहीं करूंगा. आप खुद माहौल को देख रहे होंगे कि पार्टी में मेरी नियुक्ति के बाद कैसा माहौल बना है.

सवाल: पार्टी में गुटबाजी चल रही है, इसको लेकर क्या प्लानिंग है? इसे कैसे खत्म करेंगे?

राजेश कुमार: जहां तक राम की बात है तो हम जिस वर्ग से आते हैं उसका सरनेम ही राम है. हम अदृश्य वाले राम नहीं है. आपका जो सवाल है उसको लेकर कुछ समय दीजिए, आपको दिख जाएगा.

सवाल: 2025 का विधानसभा चुनाव बिहार में कांग्रेस के लिए टर्निंग पॉइंट होगा?

राजेश कुमार: इतना जरूर होगा कि वर्तमान में बिहार में जिसकी सरकार है वह सत्ता से दूर होगी.

राजेश के परिवार का कांग्रेस से जुड़ाव: 1989 में सेंट कोलंबस कॉलेज हजारीबाग से स्नातक की पढ़ाई करने वाले राजेश कुमार राम औरंगाबाद जिले के कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हैं. परिवार का कांग्रेस से पुराना संबंध है. पिता दिलकेश्वर राम दो बार कांग्रेस के विधायक रह चुके हैं. बिहार में भागवत झा आजाद के मंत्रिमंडल में मंत्री थे. राजेश पहली बार 2015 में चुनाव जीते थे. 2020में लगातार दूसरी बार जीत कर विधानसभा पहुंचे.

अब तक दलित प्रदेश अध्यक्ष: बिहार में अब तक 4 दलित प्रदेश अध्यक्ष हुए. 1977 में मुंगेरीलाल, 1985 में डूमरलाल बैठा, 2013 में अशोक चौधरी और 2025 में राजेश कुमार राम बने. राजेश कुमार राम 42वें प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं.

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बिहार कांग्रेस (ETV Bharat)

दलित वोटबैंक पर नजर: राहुल गांधी लगातार पूरे देश में दलितों को लेकर आवाज उठा रहे हैं. पटना में 18 जनवरी को बापू सभागार में आयोजित संविधान सुरक्षा सम्मेलन और इसके बाद 5 फरवरी को पटना के श्री कृष्ण मेमोरियल हॉल में बिहार के पहले दलित मंत्री जगलाल चौधरी की जयंती समारोह में शामिल होने के लिए राहुल गांधी पटना आए थे. इन दोनों सभा में राहुल गांधी ने दलितों के हक एवं उत्थान को लेकर आवाज उठाई थी.

बिहार में दलितों की आबादी: बिहार में कांग्रेस की कमान बहुत जल्द दलित नेता के हाथ में जाने वाली है. 2 महीने के भीतर ही बिहार कांग्रेस की कमान दलित के हाथों देकर कांग्रेस ने बिहार में दलित कार्ड खेला है. राजेश कुमार रविदास समाज से आते हैं. बिहार में रविदास समाज की आबादी 5.25 फ़ीसदी के आसपास है. पूरे बिहार में दलितों की आबादी 19 फीसदी है. इसपर कांग्रेस की नजर है. कांग्रेस पार्टी की नजर अपने पुराने वोट बैंक स्वर्ण दलित और मुसलमान पर है.

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