ETV Bharat / state

बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव फायरिंग केस, 16 लोगों पर गैंगस्टर एक्ट में मुकदमा दर्ज

एसएसपी नैनीताल ने गैंग की आपराधिक गतिविधियों का चार्ट तैयार कर गैंगस्टर एक्ट में पंजीकरण कराया है.

BETALGHAT FIRING CASE
बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव फायरिंग केस (ETV BHARAT)
author img

By ETV Bharat Uttarakhand Team

Published : August 24, 2025 at 7:29 PM IST

2 Min Read
Choose ETV Bharat

नैनीताल: बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख चुनाव के दौरान बेतालघाट में दहशत फैलाने वाले लोगों पर पुलिस ने शिकंजा करते हुए 16 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है. चुनाव में प्रत्याशी समर्थकों पर पिस्टल से ताबड़तोड़ फायरिंग कर माहौल बिगाड़ने वाले गैंग लीडर अमृतपाल उर्फ पन्नू पुत्र निंदर सिंह निवासी रोशनपुर, गदरपुर (उधमसिंह नगर) समेत 16 अपराधियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है.

इससे पहले थाना बेतालघाट में इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में दर्ज की गई थी. मामले को गंभीर मानते हुए एसएसपी नैनीताल ने गैंग की आपराधिक गतिविधियों का चार्ट तैयार कर गैंगस्टर एक्ट में पंजीकरण कराया है.

बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव फायरिंग केस (ETV BHARAT)

गैंग के सक्रिय सदस्य: गैंग में 16 सदस्य शामिल हैं. जिनमें प्रमुख रूप से गुरजीत सिंह उर्फ पारस (बेरिया दौलत, केलाखेड़ा), प्रदीप सिंह उर्फ सोकर (मुंडिया कला, बाजपुर), वीरेंद्र उर्फ विक्की आर्य (रामनगर), पंकज पपोला व प्रकाश भट्ट (बिंदुखत्ता), रविंद्र कुमार उर्फ रवि (ढेला, रामनगर), यश भटनागर उर्फ यशु (शिवलालपुर मंडी, रामनगर), दीपक सिंह रावत (रामनगर), हेमंत बलोदी (रामनगर), रोहित पांडे (रामनगर), संदीप व मनोज खोलिया, निक्कू शाही, संदीप बधानी और राहुल बधानी (हल्द्वानी) शामिल हैं.


गैंग का आपराधिक इतिहास: पुलिस के अनुसार गैंग लीडर अमृतपाल उर्फ पन्नू और गुरजीत सिंह उर्फ पारस पर रामनगर थाने में पहले से ही गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं. प्रदीप सिंह उर्फ सोकर के खिलाफ सात आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जबकि हेमंत बलोदी और रोहित पांडे पर भी हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम जैसी गम्भीर धाराओं में केस दर्ज हैं.

गैंग की गतिविधियां: पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गैंग संगठित होकर फायरिंग, मारपीट, तलवारबाजी, चाकूबाजी, लूटपाट, भय और आतंक फैलाने जैसी घटनाओं को अंजाम देता रहा है. लंबे समय से यह गिरोह आम जनता को डराने-धमकाने और अवैध तरीके से दबदबा बनाने में सक्रिय था. वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रह्लाद नारायण मीणा ने बताया कि ऐसे अपराधियों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. गैंगस्टर एक्ट में दर्ज मुकदमे के तहत गिरोह के सदस्यों की सम्पत्ति की जांच कर आगे कठोर कार्रवाई भी की जाएगी.

पढे़ं- बेतालघाट ब्लॉक प्रमुख चुनाव गोलीकांड, मुख्य आरोपी समेत तीन गिरफ्तार, पिस्टल और कारतूस बरामद

पढे़ं- बेतालघाट फायरिंग केस में लखीमपुर से तीन बदमाश गिरफ्तार, फिल्मी स्टाइल में पुलिस ने दबोचे