समीक्षा बैठक में मोहन यादव का रौद्र रूप, जिस कलेक्टर से नहीं संभल रहे जिले उन्हें हटाओ
मध्य प्रदेश में बहुत जल्द बड़ी प्रशासनिक सर्जरी होने वाली है. कई जिलों में प्रशासनिक अव्यवस्था पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव गुस्से में.

By ETV Bharat Madhya Pradesh Team
Published : September 3, 2025 at 6:25 PM IST
|Updated : September 3, 2025 at 6:40 PM IST
भोपाल : मध्य प्रदेश के कई जिलों में प्रशासनिक अव्यवस्था लगातार देखने को मिल रही है. खासकर खाद वितरण को लेकर किसान परेशान हैं. कोई सुनने वाला नहीं है. परेशान होकर किसान रोड जाम कर रहे हैं. एक दिन पहले रीवा में खाद वितरण केंद्र पर किसानों को पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा. वहीं, कुछ जिलों में विधायकों व कलेक्टरों के बीच तनातनी हो रही है. कुछ स्थानों पर बाढ़ की आपदा से कलेक्टर ठीक तरीके से नहीं निपट सके. इससे सरकार की किरकिरी हो रही है. इन अव्यवस्थाओं से नाराज होकर मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए समीक्षा की.
मीटिंग में खाद वितरण व्यवस्था की समीक्षा
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा "जिन कलेक्टरों से जिला नहीं संभल रहा है उन्हें तत्काल हटाया जाए. काबिल अफसरों को जो जिले को संभालने की क्षमता रखते हैं उन्हें कमान दी जाए." बैठक में मुख्य रूप से हर जिले में खाद वितरण की समीक्षा की गई. जिन जिलों से अव्यवस्था की खबरें सामने आईं, उन कलेक्टरों से सवाल जवाब किए गए." मोहन यादव ने कहा "खाद वितरण को लेकर लगातार अव्यव्यस्था की शिकायतें मिल रही हैं. खाद वितरण सुचारु कराने की जिम्मेदारी कलेक्टर की है."
रीवा में किसानों पर लाठीचार्ज से मुख्यमंत्री नाराज
रीवा में मंगलवार को खाद वितरण केंद्र के बाहर किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया. इससे मुख्यमंत्री मीटिंग में काफी गुस्से में दिखे. उन्होंने साफ कहा "समय रहते किसानों के गुस्से को क्यों कंट्रोल नहीं किया गया. उन्हें खाद वितरण के बारे में सटीक जानकारी क्यों नहीं दी जा रही. खाद के लिए किसान परेशान हैं. ऐसे में सरकार की बदनामी हो रही है. मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों से कहा खाद वितरण सही नहीं हुआ, मतलब जिला नहीं चला पा रहे, हटाना ही होगा. जिलों में खाद वितरण के बारे में सही व्यवस्था बनाने की जिम्मेदारी कलेक्टर की है."
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खाद वितरण केंद्रों पर व्यवस्था बनाने के तरीके बताए
मुख्यमंत्री ने मीटिंग में कलेक्टरों को निर्देश दिए "खाद वितरण को लेकर किसानों से जिला प्रशासन को सीधा संवाद बनाना होगा. जब खाद की रैक आने वाली होती है तो इससे 3 दिन पहले किसानों को विभिन्न माध्यम से सूचित कराया जाए. किसानों को साफ बताया जाए कि किस तारीख को किस केंद्र पर खाद वितरण किया जाएगा. इससे किसानों को कोई समस्या नहीं होगी. सरकार हर हालत में किसानों की समस्या नहीं आने देगी." इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं.

